Jharkhand: झारखंड बीजेपी नेताओं ने की गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात, जानें किन मुद्दों पर हुई चर्चा
झारखंड में छात्र आंदोलन, JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ी के मुद्दे पर भाजपा के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। भाजपा नेताओं ने राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति की जानकारी देते हुए JPSC-JSSC परीक्षाओं और नियुक्तियों में कथित भ्रष्टाचार की CBI जांच की मांग उठाई।
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झारखंड में छात्र आंदोलन, सफल अभ्यर्थियों के धरना-प्रदर्शन, शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रदेश भाजपा ने अब केंद्र के स्तर पर मुद्दा उठाया है। भाजपा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति की जानकारी दी। इस दौरान नेताओं ने JPSC-JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच कराने की मांग भी रखी। बताया गया कि गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा नेताओं को जरूरी दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन दिया।
राज्यपाल से मुलाकात के अगले दिन अमित शाह से मिले भाजपा नेता
भाजपा प्रतिनिधिमंडल की गृह मंत्री से यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब एक दिन पहले ही पार्टी नेताओं ने राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की थी। राज्यपाल के सामने छात्र आंदोलन, उच्च शिक्षा में कथित भ्रष्टाचार, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता और नियुक्तियों से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए थे।
इसके अगले दिन अमित शाह से हुई मुलाकात को राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। भाजपा नेताओं ने राज्य में चल रहे छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद की पूरी स्थिति से गृह मंत्री को अवगत कराया।
JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी की CBI जांच की मांग
भाजपा नेताओं ने झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सीबीआई से कराने की मांग दोहराई।
‘अगर परीक्षा रद्द करनी थी तो पहले शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं?’
भाजपा ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर अंत में परीक्षाओं को रद्द ही करना था, तो छात्रों की शिकायतों पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पार्टी ने सरकार से सवाल किया कि आखिर वह किसे बचाने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को समय रहते गंभीरता से लिया जाता तो हजारों-लाखों अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता और परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल नहीं उठते।
CID जांच पर भी भाजपा ने उठाए सवाल
भाजपा का कहना है कि सीआईडी जांच के दौरान अगर फर्जी और वास्तविक अभ्यर्थियों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाता, दोषियों की पहचान की जाती और पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश होती, तो अभ्यर्थियों का परीक्षा व्यवस्था और जांच एजेंसियों पर भरोसा कमजोर नहीं होता।
पार्टी का आरोप है कि मौजूदा विवाद ने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में भाजपा लगातार सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी से व्यापक जांच कराने की मांग कर रही है।
JPSC-JSSC विवाद को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रही BJP
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, जेपीएससी-जेएसएससी विवाद अब भाजपा के लिए राज्य सरकार को घेरने का बड़ा मुद्दा बन गया है। पार्टी लगातार इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रही है। भाजपा का मानना है कि केंद्रीय एजेंसी से व्यापक जांच होने पर मामले में कई अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। वहीं, शिक्षा विभाग में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी पार्टी ने सरकार के खिलाफ अपनी रणनीति तेज कर दी है। फिलहाल अमित शाह से मुलाकात के बाद भाजपा नेताओं के तेवर और भी स्पष्ट हो गए हैं। पार्टी छात्र आंदोलन, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाने की तैयारी में है।