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झारखंड में छात्रों की ‘आभार यात्रा’: JPSC-JSSC आंदोलन के बाद मना जश्न, अबीर-गुलाल के रंग में रंगे दिखें महतो
Wed, 19 Aug 2026 09:26 PM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2026 09:26 PM IST
सार
झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ लंबे आंदोलन के बाद छात्रों ने बुधवार को रांची में आभार यात्रा निकाली। देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में निकली यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए और अबीर-गुलाल लगाकर खुशी मनाई।
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अबीर-गुलाल के साथ जीत का जश्न छात्र समूह के साथ मनाते हुए देवेंद्र नाथ महतो।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बाद बुधवार को छात्रों ने आभार यात्रा निकालकर अपनी खुशी का इजहार किया।
आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में निकली यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
आतिशबाजी कर किया खुशी का इजहार
आभार यात्रा के दौरान छात्रों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी मनाई। जयपाल सिंह मुंडा और शहीद अल्बर्ट एक्का की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया।
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सरकार ने कुल 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई की
छात्र नेताओं ने इसे झारखंड के छात्र आंदोलन के इतिहास की बड़ी जीत बताया। उनके अनुसार, आंदोलन के बाद सरकार ने कुल 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई की है। इनमें 22 परीक्षाएं रद्द की गई हैं, 17 परीक्षाओं की जांच का फैसला लिया गया है, जबकि छह परीक्षाएं स्थगित की गई हैं। छात्रों ने इसे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस सफलता के पीछे छात्रों के लंबे संघर्ष को महत्वपूर्ण बताया गया।
देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में दो जुलाई से संघर्ष की शुरुआत हुई। इसके बाद पांच जुलाई से आंदोलन का सिलसिला आगे बढ़ा। छात्रों ने बापू वाटिका में सत्याग्रह शुरू किया, जिसे बाद में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में स्थानांतरित किया गया। सत्याग्रह लगातार 24 दिनों तक चला।
'ये सामूहिक संघर्ष की जीत है'
दो अगस्त से छात्रों ने भूख हड़ताल भी शुरू की, जो 16 दिनों तक चली। इस दौरान देवेंद्र नाथ महतो समेत कई छात्र-छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठे और आंदोलन को आगे बढ़ाया। छात्रों ने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन सभी अभ्यर्थियों और छात्र-छात्राओं के सामूहिक संघर्ष की जीत है, जिन्होंने लंबे समय तक आंदोलन में डटे रहकर अपनी आवाज बुलंद की।
ये भी पढ़ें- Bihar News: गयाजी में दो दिन से जमीन की रजिस्ट्री ठप, पेपरलेस व्यवस्था के विरोध में डीड राइटरों का असहयोग
छात्रों ने झारखंड सरकार का आभार जताया
आंदोलन के परिणाम के बाद छात्रों ने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति भी आभार जताया। छात्रों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में राज्य की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और अभ्यर्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। आभार यात्रा के जरिए छात्रों ने संदेश दिया कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से लगातार संघर्ष करने पर सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जा सकती है।
छात्रों का दावा है कि जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चला यह आंदोलन झारखंड के छात्र संघर्ष के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।
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आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में निकली यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
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आतिशबाजी कर किया खुशी का इजहार
आभार यात्रा के दौरान छात्रों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी मनाई। जयपाल सिंह मुंडा और शहीद अल्बर्ट एक्का की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया।
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सरकार ने कुल 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई की
छात्र नेताओं ने इसे झारखंड के छात्र आंदोलन के इतिहास की बड़ी जीत बताया। उनके अनुसार, आंदोलन के बाद सरकार ने कुल 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई की है। इनमें 22 परीक्षाएं रद्द की गई हैं, 17 परीक्षाओं की जांच का फैसला लिया गया है, जबकि छह परीक्षाएं स्थगित की गई हैं। छात्रों ने इसे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस सफलता के पीछे छात्रों के लंबे संघर्ष को महत्वपूर्ण बताया गया।
देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में दो जुलाई से संघर्ष की शुरुआत हुई। इसके बाद पांच जुलाई से आंदोलन का सिलसिला आगे बढ़ा। छात्रों ने बापू वाटिका में सत्याग्रह शुरू किया, जिसे बाद में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में स्थानांतरित किया गया। सत्याग्रह लगातार 24 दिनों तक चला।
'ये सामूहिक संघर्ष की जीत है'
दो अगस्त से छात्रों ने भूख हड़ताल भी शुरू की, जो 16 दिनों तक चली। इस दौरान देवेंद्र नाथ महतो समेत कई छात्र-छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठे और आंदोलन को आगे बढ़ाया। छात्रों ने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन सभी अभ्यर्थियों और छात्र-छात्राओं के सामूहिक संघर्ष की जीत है, जिन्होंने लंबे समय तक आंदोलन में डटे रहकर अपनी आवाज बुलंद की।
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छात्रों ने झारखंड सरकार का आभार जताया
आंदोलन के परिणाम के बाद छात्रों ने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति भी आभार जताया। छात्रों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में राज्य की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और अभ्यर्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। आभार यात्रा के जरिए छात्रों ने संदेश दिया कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से लगातार संघर्ष करने पर सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जा सकती है।
छात्रों का दावा है कि जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चला यह आंदोलन झारखंड के छात्र संघर्ष के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।