Jharkhand: ‘राजनीतिक दलों पर क्यों नहीं, छात्रों पर ही क्यों?’ झारखंड में लाठीचार्ज पर दीपके का तीखा सवाल
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छात्रों का समर्थन किया है।
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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक समर्थन भी सामने आने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से अस्पताल में वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनका हाल जाना और प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आंदोलनकारी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की अपील की है। केजरीवाल ने कहा कि छात्रों के खिलाफ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल
झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक दल प्रदर्शन करते हैं तो उनके खिलाफ आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता, लेकिन छात्रों के प्रदर्शन के दौरान ही ऐसी कार्रवाई क्यों की जाती है?
अभिजीत दीपके ने कहा, “मैंने देवेंद्र महतो से बात की। उन्होंने बताया कि पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर होने के बावजूद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। देश की सभी सरकारों को सोचना चाहिए कि छात्रों पर अत्याचार करके उन्हें आखिर क्या हासिल हो रहा है।” उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ इस तरह की बर्बरता नहीं होनी चाहिए। दीपके ने देवेंद्र महतो को हरसंभव समर्थन देने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि झारखंड में उनकी टीम छात्रों के साथ मिलकर काम कर रही है।
अस्पताल में भर्ती देवेंद्र महतो से दीपके ने की वीडियो कॉल पर बात
CJP की ओर से जारी बयान के अनुसार, अभिजीत दीपके ने अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल पर बातचीत की। संगठन का दावा है कि पुलिस कार्रवाई से पहले महतो पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे और कथित लाठीचार्ज के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। CJP के मुताबिक, महतो को सीने में तेज दर्द और प्रदर्शन के दौरान लगी चोटों के बाद ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। संगठन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया। हालांकि, पुलिस कार्रवाई और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
‘जंतर-मंतर हो या झारखंड, छात्रों पर ऐसी कार्रवाई अस्वीकार्य’
अभिजीत दीपके ने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर झारखंड की सड़कों तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इस तरह की कथित पुलिस कार्रवाई गंभीर और अस्वीकार्य है। उन्होंने देवेंद्र नाथ महतो को छात्र समुदाय के लिए संघर्ष करने वाला साहसी नेता बताते हुए कहा कि वह छात्रों के मुद्दों के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर लड़ रहे हैं। दीपके ने कहा कि CJP उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उनके संघर्ष का समर्थन करती है। उन्होंने महतो के साहस और संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि सरकार को आंदोलन को दबाने के बजाय छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
CJP ने स्वतंत्र जांच की मांग उठाई
CJP ने झारखंड में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की तत्काल स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा है कि अगर लाठीचार्ज का आदेश अधिकारियों की ओर से दिया गया था तो इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
संगठन का कहना है कि छात्र और युवा आंदोलनों को दबाने के लिए सरकारी दबाव या शारीरिक बल का इस्तेमाल समाधान नहीं है। CJP ने छात्रों की मांगों पर बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की अपील की है।
केजरीवाल बोले- ‘छात्रों की मांगों का समर्थन करता हूं’
इस बीच, अरविंद केजरीवाल ने भी झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि वह छात्रों की मांगों का समर्थन करते हैं और सरकार से उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की अपील करते हैं। केजरीवाल ने कहा कि छात्रों के खिलाफ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारी छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और जल्द समाधान निकालने की अपील की।
विधानसभा के पास प्रदर्शन के दौरान बिगड़े थे हालात
सोमवार को झारखंड विधानसभा के पास प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के कई बैरिकेड पार कर विधानसभा के गेट नंबर-1 तक पहुंचने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हुई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया तथा लाठीचार्ज किया। घटना में कई प्रदर्शनकारियों और चार पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। प्रदर्शनकारी विधानसभा के पास धरने पर बैठ गए थे और अपनी मांगों पर कार्रवाई होने तक वहां से हटने को तैयार नहीं थे।