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JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: छात्रों का सरकार पर हमला, बोले- हमे बांटने की साजिश; 10 अगस्त को विस मार्च की चेतावनी

Sun, 09 Aug 2026 07:34 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: शबाहत हुसैन Updated Sun, 09 Aug 2026 07:34 AM IST
सार

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्र संगठन ने सरकार पर आंदोलन तोड़ने की राजनीतिक कोशिश का आरोप लगाया। मांगें नहीं मानी गईं तो 10 अगस्त को 50 हजार छात्रों के साथ विधानसभा मार्च की चेतावनी दी गई।

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JPSC-JSSC Exam Controversy Students lash out at the government alleging a conspiracy to divide them
रविंद्र पासवान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रमुख छात्र संगठन JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने शनिवार को राज्य सरकार पर राजनीतिक चाल चलने का आरोप लगाया। संगठन का कहना है कि सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों से एक और दौर की बातचीत का एलान कर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की है।

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रिफॉर्म्स मंच का आरोप है कि शुक्रवार देर रात सरकार के साथ हुई बैठक में उन्होंने अपनी सभी मांगें विस्तार से रख दी थीं। इसके बावजूद सरकार ने शनिवार को कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से जुड़े छात्र संगठनों को बातचीत के लिए बुलाया, जबकि इन संगठनों की आंदोलन में कोई भूमिका नहीं रही है।
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रिफॉर्म्स मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि यह सरकार की राजनीतिक चाल है। वह छात्रों के बीच विभाजन पैदा करना और लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है। लेकिन सरकार को समझना चाहिए कि सभी छात्र एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के इस रवैये से छात्र बेहद आहत और नाराज हैं। पासवान ने चेतावनी दी कि यदि रविवार तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो राज्यभर से 50 हजार से अधिक छात्र रांची पहुंचेंगे और 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च करेंगे।
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पढे़ं: JPSC आंदोलन पर सुदेश महतो का सरकार पर वार, बोले- सत्ता के आराम ने प्रशासन को जनता से कर दिया दूर

उन्होंने यह भी कहा कि मंच के सदस्य राहुल क्रांति, जो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे, उनकी हालत गंभीर होने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा तीन अन्य छात्र भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। पासवान ने कहा कि यदि इन छात्रों के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

सरकार की ओर से मंत्रियों दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव की समिति ने शुक्रवार रात से विभिन्न छात्र संगठनों के साथ पांच दौर की वार्ता की। हालांकि बातचीत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका और प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।


रिफॉर्म्स मंच के अलावा एनएसयूआई, झारखंड छात्र मंच और आदिवासी छात्र संघ ने भी सरकार के साथ अलग-अलग बैठकों में हिस्सा लिया। इधर, सरकार की वार्ता समिति के एक सदस्य ने बताया कि अंतिम निर्णय लेने से पहले प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ छठे दौर की बातचीत की जाएगी। यह बैठक रविवार दोपहर करीब 12 बजे होगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ लगभग चार घंटे चली बैठक के बाद दी गई, जिसमें समिति ने अब तक हुई पांच दौर की वार्ता की प्रगति से उन्हें अवगत कराया।

प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में व्यापक सुधार, तथा कथित परीक्षा अनियमितताओं की सीबीआई या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों की समिति से स्वतंत्र जांच शामिल है।

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