सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Kurmi community demands inclusion Kurmali language in Eighth Schedule within 60 days else face blockade

Ranchi: '60 दिन में फैसला लो, नहीं तो झारखंड बंद'; कुरमाली भाषा को लेकर कुड़मी समाज की केंद्र सरकार को दो टूक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Sun, 24 May 2026 05:05 PM IST
विज्ञापन
सार

Ranchi: कुरमाली भाषा को संविधान की अष्टम सूची में शामिल करने की मांग को लेकर झारखंड में कुड़मी समाज ने आंदोलन तेज करने का एलान किया है। रांची में आयोजित बैठक में झारखंड कुड़मी समन्वय समिति ने केंद्र सरकार को 60 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आर्थिक नाकेबंदी आंदोलन चलाया जाएगा।  

Kurmi community demands inclusion Kurmali language in Eighth Schedule within 60 days else face blockade
झारखंड कुड़मी समन्वय समिति की बैठक में उपस्थित समाज के अगुवा
विज्ञापन

विस्तार

कुरमाली भाषा को संविधान की अष्टम सूची में शामिल करने की मांग को लेकर झारखंड में कुड़मी समाज ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। रविवार को रांची स्थित पुराना विधानसभा सभागार में आयोजित बैठक में झारखंड कुड़मी समन्वय समिति ने केंद्र सरकार को 60 दिनों का अल्टीमेटम दिया। समिति ने चेतावनी दी कि तय समय सीमा के भीतर मांग पूरी नहीं होने पर झारखंड में आर्थिक नाकेबंदी आंदोलन चलाया जाएगा।



अमित शाह के वादे की दिलाई याद
समन्वय समिति के अध्यक्ष शीतल ओहदार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के समय कुरमाली भाषा को संविधान की अष्टम सूची में शामिल करने का वादा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बनने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले भी हो चुका है रेल रोको आंदोलन
शीतल ओहदार ने कहा कि इससे पहले कुड़मी समाज ने रेल रोको आंदोलन भी किया था, जिससे रेल सेवाएं प्रभावित हुई थीं। उस दौरान केंद्र सरकार की ओर से आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक मांगें पूरी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि समाज अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है और मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
Trending Videos


खनिज आपूर्ति रोकने की चेतावनी
समिति अध्यक्ष ने कहा कि यदि 60 दिनों के भीतर कुरमाली भाषा को अष्टम सूची में शामिल नहीं किया गया तो झारखंड से कोयला, लोहा समेत अन्य खनिज पदार्थों की बाहर आपूर्ति रोक दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'झारखंड से एक छटाक भी खनिज बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।'

ये भी पढ़ें: झारखंड में SIR प्रक्रिया तेज; 2003 की मतदाता सूची से 26.75% वोटरों का नहीं हुआ मिलान

जातीय जनगणना पर भी हुई चर्चा
बैठक में जातीय जनगणना के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। समिति ने कहा कि इस विषय पर कुड़मी समाज अगली बैठक में अपनी रणनीति तय करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed