रांची: बरकाकाना-वाराणसी मेमू की रफ्तार पर लगा देरी का ब्रेक, यात्रियों को घंटों करना पड़ा इंतजार
बरकाकाना-वाराणसी रेलखंड पर रविवार को 63557 और 63558 मेमू ट्रेनों के घंटों देरी से चलने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 63557 मेमू बरकाकाना से समय पर रवाना होने के बावजूद वाराणसी 3 घंटे 42 मिनट की देरी से पहुंची।
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मेमू ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी अब केवल थोड़ी-बहुत देरी तक सीमित नहीं रह गई है। बरकाकाना-वाराणसी रेलखंड पर रविवार को 63557 और 63558 मेमू ट्रेनों की स्थिति ने रेलवे की समयपालन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। 63557 बरकाकाना-वाराणसी मेमू निर्धारित समय पर बरकाकाना से रवाना हुई, लेकिन रास्ते में इसकी देरी लगातार बढ़ती गई। वाराणसी पहुंचते-पहुंचते ट्रेन 3 घंटे 42 मिनट लेट हो गई। वहीं, 63558 वाराणसी-बरकाकाना मेमू वाराणसी से ही 55 मिनट की देरी से रवाना हुई और खलारी पहुंचने तक करीब चार घंटे की देरी से चल रही थी।
समय पर खुली, रास्ते में बढ़ती गई 63557 की देरी
63557 मेमू रविवार को निर्धारित समय रात 3:30 बजे बरकाकाना से रवाना हुई। ट्रेन को सुबह 4:36 बजे खलारी पहुंचना था, लेकिन यह 5:52 बजे पहुंची। यहां तक ट्रेन 1 घंटा 16 मिनट की देरी से चल रही थी। इसके बाद डालटनगंज पहुंचते-पहुंचते देरी और बढ़ गई। ट्रेन का निर्धारित समय सुबह 7:22 बजे था, लेकिन यह 10:38 बजे पहुंची। यानी यहां ट्रेन 3 घंटे 16 मिनट लेट रही। गढ़वा जंक्शन पर ट्रेन को सुबह 8:55 बजे पहुंचना था, लेकिन यह दोपहर 12:02 बजे पहुंची। वाराणसी पहुंचने का निर्धारित समय शाम 4:10 बजे था, लेकिन ट्रेन शाम 7:52 बजे पहुंची। इस तरह बरकाकाना से समय पर रवाना होने के बावजूद 63557 मेमू वाराणसी 3 घंटे 42 मिनट की देरी से पहुंची।
वाराणसी से ही 55 मिनट लेट रवाना हुई 63558
इसी तरह 63558 वाराणसी-बरकाकाना मेमू का वाराणसी से निर्धारित प्रस्थान समय सुबह 6:50 बजे था, लेकिन ट्रेन 7:45 बजे रवाना हुई। यानी शुरुआत से ही ट्रेन 55 मिनट लेट थी। गढ़वा जंक्शन पर ट्रेन को दोपहर 2:30 बजे पहुंचना था, लेकिन यह 2:57 बजे पहुंची। इसके बाद डालटनगंज में देरी और बढ़ गई। यहां ट्रेन का निर्धारित समय दोपहर 3:23 बजे था, लेकिन यह शाम 4:27 बजे पहुंची। इस तरह डालटनगंज तक ट्रेन 1 घंटा 4 मिनट की देरी से चल रही थी। इसके बाद खलारी पहुंचने तक ट्रेन की देरी बढ़कर करीब चार घंटे हो गई।
दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा और विद्यार्थियों को हुई परेशानी
दोनों दिशाओं में मेमू ट्रेनों के घंटों देरी से चलने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि मेमू ट्रेनें बड़ी संख्या में दैनिक यात्रियों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन हैं। ऐसे में ट्रेनों के लगातार घंटों लेट होने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों की दिनचर्या प्रभावित होती है।
लिखित शिकायत दर्ज कराने की सलाह
जानकारों का कहना है कि यात्रियों को केवल मौखिक शिकायत करने के बजाय ट्रेन की देरी को लेकर लिखित शिकायत भी दर्ज करानी चाहिए। यात्री अपने टिकट नंबर के साथ स्टेशन मास्टर या ट्रेन में मौजूद संबंधित रेलकर्मी के पास शिकायत पुस्तिका में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। लिखित शिकायत दर्ज होने से समस्या का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे रेलवे अधिकारियों के सामने ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था में सुधार की मांग को भी मजबूती से रखा जा सकेगा।