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Jharkhand: झारखंड के आवासीय स्कूल में खाना खाने से सौ से अधिक छात्राएं बीमार, अस्पताल में मची अफरा-तफरी
Sat, 27 Jun 2026 07:00 PM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2026 07:00 PM IST
सार
झारखंड के गढ़वा जिले स्थित कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय में भोजन करने के बाद सैकड़ों छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। छात्राओं में पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर फूड प्वाइजनिंग और अत्यधिक गर्म पानी पीने को संभावित कारण माना जा रहा है।
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विद्यालय के अंदर की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड में सरकारी स्कूलों के मध्यान भोजन और आवासीय विद्यालयों के भोजन की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला गढ़वा जिले का है, जहां कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय में भोजन करने के बाद सैकड़ों छात्राएं बीमार पड़ गईं। छात्राओं में पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
भोजन के बाद बिगड़ी छात्राओं की तबीयत
जानकारी के अनुसार, छात्राओं को भोजन में पुआ और चावल परोसा गया था। इसके अलावा भीषण गर्मी के कारण कई छात्राओं ने पानी की टंकी का गर्म पानी भी पी लिया था। शाम होते-होते बड़ी संख्या में छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने तत्काल अस्पताल को सूचना दी। एंबुलेंस की मदद से सभी छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया गया।
ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं होने का आरोप
आरोप है कि विद्यालय में जनरेटर उपलब्ध होने के बावजूद पानी की मोटर नहीं चलाई गई, जिससे छात्राओं को पीने के लिए पर्याप्त ठंडा पानी उपलब्ध नहीं हो सका। इस घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप
घटना के बाद जब अभिभावक अपनी बेटियों का हाल जानने विद्यालय पहुंचे तो कथित तौर पर हॉस्टल का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही गेट खोला गया और छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया गया।
यह भी पढ़ें: अब कौन-सा नया रास्ता पटना आने के लिए बनेगा लाइफलाइन? कब तक शुरू होगा सिक्स लेन केबल-स्टे पुल पर परिचालन
घटना के समय वॉर्डन और एकाउंटेंट थे अनुपस्थित
बताया जा रहा है कि घटना के समय हॉस्टल में न तो वॉर्डन मौजूद थीं और न ही एकाउंटेंट। मामले की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में फूड प्वाइजनिंग और अत्यधिक गर्म पानी पीने को छात्राओं के बीमार होने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। घटना के बाद अभिभावकों में भय और नाराजगी का माहौल है।
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भोजन के बाद बिगड़ी छात्राओं की तबीयत
जानकारी के अनुसार, छात्राओं को भोजन में पुआ और चावल परोसा गया था। इसके अलावा भीषण गर्मी के कारण कई छात्राओं ने पानी की टंकी का गर्म पानी भी पी लिया था। शाम होते-होते बड़ी संख्या में छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने तत्काल अस्पताल को सूचना दी। एंबुलेंस की मदद से सभी छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया गया।
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ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं होने का आरोप
आरोप है कि विद्यालय में जनरेटर उपलब्ध होने के बावजूद पानी की मोटर नहीं चलाई गई, जिससे छात्राओं को पीने के लिए पर्याप्त ठंडा पानी उपलब्ध नहीं हो सका। इस घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
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परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप
घटना के बाद जब अभिभावक अपनी बेटियों का हाल जानने विद्यालय पहुंचे तो कथित तौर पर हॉस्टल का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही गेट खोला गया और छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया गया।
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घटना के समय वॉर्डन और एकाउंटेंट थे अनुपस्थित
बताया जा रहा है कि घटना के समय हॉस्टल में न तो वॉर्डन मौजूद थीं और न ही एकाउंटेंट। मामले की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में फूड प्वाइजनिंग और अत्यधिक गर्म पानी पीने को छात्राओं के बीमार होने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। घटना के बाद अभिभावकों में भय और नाराजगी का माहौल है।