Jharkhand News: रांची नगर निगम चुनाव में महिलाओं की भागीदारी ने दिखाई नई दिशा, 242 महिला प्रत्याशी मैदान में
रांची नगर निगम चुनाव में कुल 390 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 242 महिलाएं हैं। यह संख्या कुल उम्मीदवारों का लगभग दो-तिहाई है और शहरी निकाय चुनावों में महिला सशक्तिकरण का स्पष्ट संकेत देती है।
विस्तार
इस बार के रांची नगर निगम चुनाव सिर्फ स्थानीय सरकार के गठन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी का भी आईना बनकर सामने आया है। नगर निगम के सभी 53 वार्डों में पार्षद पद के लिए कुल 390 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है, जिनमें से 242 महिलाएं हैं। यह संख्या कुल उम्मीदवारों का लगभग दो-तिहाई है, जो शहरी निकाय चुनावों में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।
महिलाओं की भागीदारी में आरक्षण का योगदान
महिलाओं की इतनी बड़ी भागीदारी के पीछे आरक्षण व्यवस्था का अहम योगदान माना जा रहा है। कई वार्ड ऐसे हैं जहां केवल महिला प्रत्याशियों के बीच ही सीधा मुकाबला होगा। इससे चुनावी समीकरणों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। महिलाओं ने स्थानीय मुद्दों जैसे साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को अपने चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव महिलाओं के लिए नेतृत्व क्षमता साबित करने का बड़ा अवसर है। कई महिला प्रत्याशी पहली बार राजनीति में कदम रख रही हैं, जबकि कुछ पहले भी सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। इससे नगर निगम की कार्यशैली में जमीनी मुद्दों को लेकर नई सोच और दृष्टिकोण आने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुरुष प्रत्याशी भी मैदान में
वहीं, कुल 148 पुरुष प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में हैं और वे भी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। 6 फरवरी शनिवार को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह निर्गत कर दिया जाएगा। इसके बाद सभी वार्डों में प्रचार अभियान तेज हो जाएगा।
महिला प्रत्याशियों की राय
नगर निकाय चुनाव में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी को महिला प्रत्याशियों ने सामाजिक बदलाव और सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया है। अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ रहीं महिला उम्मीदवारों का मानना है कि महिलाओं के आगे आने से न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि समाज और देश में भी व्यापक बदलाव आएगा।
वार्ड-43 से प्रत्याशी वीनू सिंह ने कहा कि जब एक महिला आगे बढ़ती है तो उसका असर तीन पीढ़ियों तक दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं सीमित दायरे में थीं, लेकिन अब वे घर से बाहर निकलकर समाज और देश के लिए काम करने को तैयार हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना आदर्श बताते हुए विश्वास जताया कि यह ट्रेंड आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी जारी रहेगा।
वार्ड-6 से पायल सोनी ने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को अच्छा संकेत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के आरक्षण से महिलाओं को अवसर मिला है और इससे महिला पार्षद स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि काम करने वाली महिलाओं को ही आगे आने का मौका मिलना चाहिए।
वार्ड-9 से उषा चौधरी ने कहा कि महिलाएं परिवार और समाज की जिम्मेदारियों के साथ हर चुनौती का सामना करती हैं। वहीं, वार्ड-8 से किरण खिलखो ने कहा कि महिलाएं अब राजनीति में अपनी पहचान बनाने के लिए जागरूक हो रही हैं। उनके अनुसार, अगर महिला घर संभाल सकती है तो वार्ड भी संभाल सकती है।
