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JPSC-JSSC: आंदोलन खत्म करने पर बन सकती है सहमति! CM सोरेन ने भेजा वार्ता का संदेश, छात्रों ने क्या शर्त रखी?
Thu, 06 Aug 2026 09:45 AM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2026 09:45 AM IST
सार
Jharkhand News: जेपीएससी-जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में 13 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों और झारखंड सरकार के बीच बातचीत की संभावना बनी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से वार्ता का संदेश भेजा गया है, लेकिन छात्रों ने बातचीत मीडिया की मौजूदगी में खुले मंच पर कराने की शर्त रखी है।
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धरने पर बैठे छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 13 दिनों से आंदोलनरत छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत की संभावना बन गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से वार्ता का संदेश मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच बातचीत हो सकती है। हालांकि, बैठक का स्थान और समय अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सीएम का संदेश लेकर आंदोलन स्थल पहुंचे एसडीएम
बुधवार को मुख्यमंत्री का संदेश लेकर रांची के एसडीएम आंदोलन स्थल पहुंचे और छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत कर उन्हें वार्ता के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि वे किसी भी बंद कमरे में होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के साथ बातचीत मीडिया की मौजूदगी में और खुले मंच पर होनी चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
'मांगें पूरी होंगी तभी खत्म होगा आंदोलन'
छात्र नेता पीयूष कुमार और रवींद्र पासवान ने कहा कि आंदोलन केवल छात्रों की मांगों को लेकर है और वार्ता भी इन्हीं मुद्दों तक सीमित रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ठोस सहमति देती है, तभी आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि छात्र किसी राजनीतिक उद्देश्य से आंदोलन नहीं कर रहे हैं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से सत्याग्रह पर बैठे हैं।
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सरकार पर लगाए सवाल, अफवाहों का भी किया जिक्र
छात्रों ने सरकार से सवाल किया कि जब वे लगातार आंदोलन कर रहे थे, तब इतने दिनों तक बातचीत की पहल क्यों नहीं की गई। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए अनशन टूटने जैसी झूठी अफवाहें फैलाई गईं। छात्रों का कहना है कि जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो ने केवल जल ग्रहण कर अपना अनशन समाप्त किया है, जबकि छात्रों का सामूहिक अनशन अब भी जारी है।
आंदोलन को मिल रहा संगठनों का समर्थन
इधर छात्र आंदोलन को विभिन्न संगठनों का समर्थन भी मिलने लगा है। जानकारी के अनुसार, वामपंथी दलों और कॉकरोच पार्टी के नेताओं के 7 अगस्त को रांची पहुंचने की संभावना है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत ये नेता आंदोलनरत छात्रों के साथ मिलकर विधानसभा घेराव में भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान छात्र आंदोलन और सरकार के बीच संभावित वार्ता पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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सीएम का संदेश लेकर आंदोलन स्थल पहुंचे एसडीएम
बुधवार को मुख्यमंत्री का संदेश लेकर रांची के एसडीएम आंदोलन स्थल पहुंचे और छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत कर उन्हें वार्ता के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि वे किसी भी बंद कमरे में होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के साथ बातचीत मीडिया की मौजूदगी में और खुले मंच पर होनी चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
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'मांगें पूरी होंगी तभी खत्म होगा आंदोलन'
छात्र नेता पीयूष कुमार और रवींद्र पासवान ने कहा कि आंदोलन केवल छात्रों की मांगों को लेकर है और वार्ता भी इन्हीं मुद्दों तक सीमित रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ठोस सहमति देती है, तभी आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि छात्र किसी राजनीतिक उद्देश्य से आंदोलन नहीं कर रहे हैं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय की मांग को लेकर पिछले 13 दिनों से सत्याग्रह पर बैठे हैं।
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सरकार पर लगाए सवाल, अफवाहों का भी किया जिक्र
छात्रों ने सरकार से सवाल किया कि जब वे लगातार आंदोलन कर रहे थे, तब इतने दिनों तक बातचीत की पहल क्यों नहीं की गई। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए अनशन टूटने जैसी झूठी अफवाहें फैलाई गईं। छात्रों का कहना है कि जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो ने केवल जल ग्रहण कर अपना अनशन समाप्त किया है, जबकि छात्रों का सामूहिक अनशन अब भी जारी है।
आंदोलन को मिल रहा संगठनों का समर्थन
इधर छात्र आंदोलन को विभिन्न संगठनों का समर्थन भी मिलने लगा है। जानकारी के अनुसार, वामपंथी दलों और कॉकरोच पार्टी के नेताओं के 7 अगस्त को रांची पहुंचने की संभावना है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत ये नेता आंदोलनरत छात्रों के साथ मिलकर विधानसभा घेराव में भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान छात्र आंदोलन और सरकार के बीच संभावित वार्ता पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।