Jharkhand News: झारखंड छात्र आंदोलन जारी, भूख हड़ताल से बिगड़ी तबीयत, सीएम से सीधी वार्ता की मांग
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग को लेकर छात्रों का सत्याग्रह 13वें दिन भी जारी रहा। भूख हड़ताल पर बैठे कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी है।
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झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का सत्याग्रह आंदोलन गुरुवार को 13वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी सरकार की ओर से वार्ता के औपचारिक निमंत्रण का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी है, जिससे धरना स्थल पर चिंता का माहौल है।
सरकार के बुलावे का इंतजार, प्रतिनिधिमंडल की सूची भेजी
सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। एसडीएम के माध्यम से आंदोलनरत छात्रों को इसकी जानकारी दी गई है। छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास को अपने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची भी भेज दी है। अब आंदोलनकारी मुख्यमंत्री आवास से मिलने वाले औपचारिक निमंत्रण का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बनाई चार मंत्रियों की समिति
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की समिति गठित की है। समिति में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, चमरा लिंडा, राधाकृष्ण किशोर और संजय प्रसाद यादव को शामिल किया गया है।
हालांकि, आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे मंत्रियों के बजाय सीधे मुख्यमंत्री से बातचीत करना चाहते हैं। उनका कहना है कि उनकी प्रमुख मांग जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराना और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना है।
भूख हड़ताल से बिगड़ रही छात्रों की तबीयत
धरना स्थल पर पिछले कई दिनों से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के कारण कुछ छात्रों की शारीरिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। इसके बावजूद आंदोलनकारियों का मनोबल कायम है। उनका कहना है कि देशभर से मिल रहे समर्थन ने उन्हें अपने आंदोलन को जारी रखने का हौसला दिया है।
समाज के लोग कर रहे सहयोग
आंदोलन स्थल पर छात्रों के लिए भोजन, नाश्ता, चाय, बिस्कुट, फल, दूध सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था समाज के लोगों द्वारा की जा रही है। बड़ी संख्या में लोग आर्थिक और सामाजिक सहयोग देकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जता रहे हैं।
जयराम महतो और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिया समर्थन
गुरुवार को जयराम महतो धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात कर उनके आंदोलन का समर्थन करने की घोषणा की।
वहीं, दिल्ली के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता जुनैद बिरयानी वाले भी रांची पहुंचे और आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
अधिवक्ता संघ भी छात्रों के साथ
अधिवक्ता संघ ने भी आंदोलनरत छात्रों के समर्थन की घोषणा की है। संघ ने कहा कि यदि छात्रों से जुड़े मामलों में कानूनी लड़ाई की आवश्यकता पड़ी तो अधिवक्ता निःशुल्क पैरवी करेंगे।
इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों से छात्र संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक वीडियो कॉल तथा फोन के माध्यम से भी आंदोलनकारियों का मनोबल बढ़ा रहे हैं।
वार्ता पर टिकी सबकी निगाहें
अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और छात्रों के बीच औपचारिक वार्ता कब होती है और क्या इस बातचीत से पिछले 13 दिनों से जारी आंदोलन का कोई सकारात्मक समाधान निकल पाता है।