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MGNREGA scam: निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका खारिज, जानें पूरा मामला
Wed, 03 Aug 2022 10:23 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 03 Aug 2022 10:23 PM IST
सार
कोर्ट ने जुलाई के तीसरे सप्ताह में मनरेगा घोटाले से संबंधित कथित मनी लॉन्ड्रिंग में पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा और पांच अन्य के खिलाफ ईडी द्वारा दायर अभियोजन शिकायत का संज्ञान लिया था।
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पूजा सिंघल
- फोटो : Social media
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विस्तार
निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की जमानत याचिका को रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने खारिज कर दिया है। इससे पहले कोर्ट ने गिरफ्तार और निलंबित आईएएस सिंघल की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने जुलाई के तीसरे सप्ताह में मनरेगा घोटाले से संबंधित कथित मनी लॉन्ड्रिंग में पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा और पांच अन्य के खिलाफ ईडी द्वारा दायर अभियोजन शिकायत का संज्ञान लिया था।
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क्या है मामला?
- पूजा सिंघल एवं अन्य के खिलाफ यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जिसमें झारखंड सरकार के पूर्व जूनियर इंजीनियर राम विनोद सिन्हा को ईडी ने 17 जून 2020 को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था।
- उससे पहले उसके खिलाफ राज्य सतर्कता ब्यूरो की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद 2012 में एजेंसी द्वारा पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया गया था।
- सिन्हा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की आपराधिक धाराओं के तहत धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
- उस पर एक अप्रैल 2008 से 21 मार्च 2011 तक जूनियर इंजीनियर के रूप में काम करते हुए कथित तौर पर जनता के पैसे की धोखाधड़ी करके उसे अपने नाम के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश करने का आरोप है।
- एजेंसी ने पहले कहा था कि उक्त धन को खूंटी जिले में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत सरकारी परियोजनाओं के निष्पादन के लिए रखा गया था।
- सिन्हा ने ईडी को बताया कि उसने जिला प्रशासन को पांच प्रतिशत कमीशन (धोखाधड़ी में से) का भुगतान किया है।
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