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Success Definition: कामयाबी को लेकर अलग नजरिया बन सकता है बड़ी बाधा, बॉस से साफ और समय पर संवाद बेहद जरूरी

मेलोडी विल्डिंग, हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू Published by: शाहीन परवीन Updated Thu, 08 Jan 2026 02:34 PM IST
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सार

Boss Employee Relationship: ऑफिस में आपकी और बॉस की कामयाबी की परिभाषा अलग हो सकती है, लेकिन समय पर साफ और खुलकर बातचीत न होने पर यही अंतर काम में बाधा बन सकता है। सही संवाद से ही बेहतर समझ और उत्पादकता संभव है।

When Success Means Different Things, Why Open Dialogue at Work Matters
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार
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Workplace Communication: किसी परियोजना के दौरान बॉस और कर्मचारी के बीच मतभेद होना सामान्य है। अक्सर इसकी वजह सफलता की अलग-अलग परिभाषाएं, अपेक्षाओं की अस्पष्टता या संवाद की कमी होती है। ऐसे मतभेद यदि समय रहते स्पष्ट न किए जाएं, तो वे असफलता का कारण बन सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल के लिए आवश्यक है कि सही समय पर खुलकर और ईमानदारी से बातचीत की जाए। परियोजना के लक्ष्यों पर आपसी सहमति बनाना और अपने विचारों को स्पष्ट, आत्मविश्वासपूर्ण तथा प्रामाणिक तरीके से रखना टीम को एक ही दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करता है।

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काम की दिशा स्पष्ट रहे

परियोजना की शुरुआत में ही यह स्पष्ट करना बेहद जरूरी है कि सफलता का अर्थ क्या होगा, ताकि आप और आपके बॉस दोनों एक ही अपेक्षा पर सहमत हों। इसके लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक और अपेक्षित परिणाम पहले से तय किए जाने चाहिए। ऐसा करने से काम की दिशा स्पष्ट रहती है, गलतफहमियों की संभावना कम होती है और यह सुनिश्चित होता है कि पूरी टीम उसी लक्ष्य की ओर प्रयास करे, जिससे अंत में परियोजना का मूल्यांकन भी निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से किया जा सके। 

खुलकर चर्चा करें

नियमित संपर्क बनाए रखना किसी भी कार्य या परियोजना की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए समय-समय पर आमने-सामने की बैठकें तय करनी चाहिए, ताकि प्रगति से जुड़े अपडेट साझा किए जा सके, किसी भी चिंता या समस्या पर खुलकर चर्चा हो सके और वह सुनिश्चित किया जा सके कि दोनों पक्ष उद्देश्यों और प्राथमिकताओं को लेकर एक-मत हैं।

दृष्टिकोण को समझना

अपने प्रबंधक के लक्ष्यों, जिम्मेदारियों, दबावों और उनकी पसंदीदा संचार शैली को समझने के लिए समय निकालना आवश्यक है, क्योंकि इससे आप उनकी प्रतिक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और अपनी बात उसी रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं, जो उन्हें स्पष्ट और प्रभावी लगे। जब आप यह जान लेते हैं कि आपके प्रबंधक किन बातों को प्राथमिकता देते हैं, किन परिस्थितियों में वे दबाव महसूस करते हैं और वे किस तरह की बातचीत को पसंद करते हैं (जैसे संक्षिप्त, तथ्य-आधारित या विस्तार से), ती आप अपनी जानकारी और सुझाव उसी अनुसार रख सकते हैं। इससे आपके विचारों को स्वीकार किए जाने की संभावना बढ़ती है।

दस्तावेजीकरण है जरूरी

दस्तावेजीकरण कार्य प्रक्रिया को स्पष्ट और व्यवस्थित बनाए रखने का एक प्रभावी तरीका है। बैठकों के बाद लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों, हुई सहमतियों और तय किए गए अगले कदमों को लिखित रूप में दर्ज करना चाहिए। ऐसा करने से भविष्य में किसी भी तरह के भ्रम या मतभेद की संभावना कम होती है और यह सुनिश्चित होता है कि सभी पक्ष एक ही समझ के साथ आगे बढ़ें।

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