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Baisakhi 2026 Date: 14 अप्रैल को है बैसाखी, खालसा पंथ की स्थापना और कृषि उत्सव से जुड़ा है पर्व

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: Shivani Awasthi Updated Fri, 10 Apr 2026 11:55 AM IST
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सार

Baisakhi 2026 Kab Hai: बैसाखी हर साल 13 या 14 अप्रैल को मनाई जाती है। यह रबी फसल की कटाई की खुशी में मनाया जाने वाला पर्व है और सिख धर्म में खालसा पंथ की स्थापना के कारण इसका विशेष धार्मिक महत्व है।

Baisakhi 2026 Kab Hai Baisakhi Date History And Importance In Hindi
बैसाखी कब है - फोटो : Amar ujala
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विस्तार

Baisakhi 2026: भारत त्योहारों का देश है और हर त्योहार का अपना अलग महत्व और कहानी होती है। इन्हीं खास त्योहारों में से एक है बैसाखी, जिसे खासतौर पर पंजाब और उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व न सिर्फ खुशियों और उत्सव का प्रतीक है, बल्कि किसानों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होता है।

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बैसाखी रबी की फसल के पकने और कटाई की खुशी में मनाई जाती है। इस दिन खेतों में मेहनत करने वाले किसान अपनी मेहनत का फल मिलने पर जश्न मनाते हैं। ढोल-नगाड़ों, भांगड़ा-गिद्धा और पारंपरिक पकवानों के साथ यह त्योहार पूरे जोश के साथ मनाया जाता है।

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धार्मिक दृष्टि से भी बैसाखी का बहुत बड़ा महत्व है। सिख धर्म में यह दिन खास इसलिए माना जाता है क्योंकि इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना हुई थी। आइए जानते हैं बैसाखी कब है, क्यों मनाई जाती है और इसे कैसे सेलिब्रेट किया जाता है।



बैसाखी 2026 कब है?

साल 2026 में बैसाखी 14 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह दिन भारतीय सौर कैलेंडर के अनुसार नए साल की शुरुआत भी माना जाता है, खासकर पंजाब और हरियाणा में।


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बैसाखी का इतिहास

बैसाखी का इतिहास सिख धर्म से गहराई से जुड़ा है। वर्ष 1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने इस दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस घटना ने सिख समुदाय को एक नई पहचान और दिशा दी।


बैसाखी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

यह पर्व किसानों के लिए नई फसल की खुशी का प्रतीक है। साथ ही यह सिखों के लिए आस्था और एकता का दिन है। लोग गुरुद्वारों में जाकर अरदास करते हैं और लंगर का आयोजन होता है।


बैसाखी कैसे मनाई जाती है?

बैसाखी के दिन लोग पारंपरिक कपड़े पहनते हैं, भांगड़ा और गिद्धा करते हैं और स्वादिष्ट व्यंजन बनाते हैं। गुरुद्वारों में कीर्तन, सेवा और लंगर का आयोजन होता है, जहां सभी लोग मिलकर इस दिन को मनाते हैं।

 

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बैसाखी का सामाजिक महत्व

बैसाखी केवल एक त्योहार नहीं बल्कि एकता, मेहनत और खुशियों का प्रतीक है। यह हमें सिखाता है कि मेहनत का फल मीठा होता है और हमें अपने जीवन में खुशियां बांटनी चाहिए।

 

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