Budget 2026-27: देश को बायोफार्मा उत्पादन का हब बनाने का लक्ष्य, मेंटल हेल्थ-कैंसर रोगियों के लिए अच्छी खबर
Health Budget 2026-27 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार (1 फरवरी 2026) को लोकसभा में रिकॉर्ड लगातार नौंवा बजट पेश कर रही हैं। देश के हेल्थ सेक्टर को भी इस बजट से खूब उम्मीदें हैं। आइए जानते हैं कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए इस बार के बजट में क्या खास घोषणाएं की गईं।
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार (1 फरवरी 2026) को लगातार नौवां बजट पेश कर रही हैं। देश के संसदीय इतिहास के लिए ये एक रिकॉर्ड है। 'विकसित भारत' के विजन को पूरा करने की दिशा में साल 2026-27 के बजट को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश का हेल्थ सेक्टर भी इस बजट से काफी उम्मीदें लगाए बैठा है।
हेल्थ बजट को बढ़ावा देने के साथ स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त फंड तक, देश के मेडिकल सिस्टम को और मजबूत करने से लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज को सस्ता और आसान बनाने की योजनाओं तक, पूरे देश को इस बजट से कई सारी उम्मीदें हैं।
गौरतलब है कि साल 2025-26 के बजट में सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र (स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय) को लगभग 99,858 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
आइए जानते हैं कि इस साल के बजट में देश के हेल्थकेयर सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए वित्त मंत्री के पिटारे से क्या-क्या निकला?
पिछले बजट की महत्वपूर्ण घोषणाओं पर डालिए एक नजर
साल 2025-26 के बजट में सरकार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को लगभग 99,858 करोड़ रुपये आवंटित करके भारत में हेल्थकेयर को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
- वित्तमंत्री ने मेडिकल की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए साल 2025 के बजट में अस्पतालों और कॉलेजों में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ने की घोषणा की थी।
- कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित रोगियों को राहत देने के लिए 36 जीवन रक्षक दवाओं को सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई थी।
- आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) को ₹9,406 करोड़ का आवंटन मिला था।
- सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को ₹37,226.92 करोड़ जबकि राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को ₹79.6 करोड़ आवंटित किए थे।
इस बार के बजट से हेल्थ सेक्टर को क्या उम्मीदें हैं?
- विशेषज्ञों की टीम ने सरकार से जरूरी मेडिकल टूल्स और सेवाओं पर जीएसटी कम करने की भी मांग की है। ज्यादा जेब खर्च को मैनेज करने के लिए मेडिकल डिवाइस, डायग्नोस्टिक किट पर जीएसटी कम करने की उम्मीद जताई गई है। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि इससे इलाज की लागत में सीधे कमी आएगी और हेल्थ इंश्योरेंस लेने वालों की संख्या बढ़ेगी।
- फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक, असरदार रेगुलेटरी उपायों को लागू करना बहुत जरूरी है।
देश को बायोफार्मा हब बनाने का लक्ष्य
Union Budget 2026-27 | Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says, "To promote India as a medical tourism hub, I propose a scheme to support states to set up 5 regional hubs in the country." pic.twitter.com/vNKNXn4rGz
— ANI (@ANI) February 1, 2026
- वित्त मंत्री ने कहा, बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन के लिए, इस स्ट्रैटेजी में तीन नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जिन्हें NIPERs के नाम से जाना जाता है) और सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड करके एक बायोफार्मा फोकस्ड नेटवर्क शामिल होगा।
- इससे 1,000 मान्यता प्राप्त इंडिया क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का एक नेटवर्क भी बनेगा।
- हम सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने का प्रस्ताव देते हैं ताकि ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को पूरा किया जा सके।
देश में 3 नए आयुर्वेद संस्थान स्थापित होंगे
एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा और पब्लिक और प्राइवेट दोनों सेक्टर में नए AHPI संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इनमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ सहित 10 चुने हुए डिसिप्लिन शामिल होंगे, और अगले पांच वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स जोड़े जाएंगे।
Union Budget 2026-27 | Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says,"... I propose to set up three new All India Institutes of Ayurveda; Upgrade Ayush pharmacies and drug testing labs and make available more skilled persons; Upgrade the WHO global Traditional Medicine Centre in… pic.twitter.com/b1PNQ4L1qc
— ANI (@ANI) February 1, 2026
- जिला अस्पतालों को अपडेट किया जाएगा, वहां इमरजेंसी वार्ड बढ़ाए जाएंगे ताकि लोगों को फायदा मिले।
- निजी और सरकारी क्षेत्र में नए एएचपी संस्थान बनाए जाएंगे और अगले 5 वर्षों में एक लाख AHP को सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की स्थापना के लिए योजना शुरू करने का प्रस्ताव है।
- आयुष सेक्टर को मजबूती देते हुए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
- वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड के बाद आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता और पहचान मिली है।
- आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा।
- जामनगर स्थित WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को और मजबूत किया जाएगा।
