Botox Treatment: चेहरे को जवां रखने वाला बोटॉक्स इंजेक्शन कहीं बन न जाए जान का दुश्मन? नई चेतावनी से मची हलचल
बोटॉक्स आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स में शामिल है। लाखों लोग बढ़ती उम्र के निशान छिपाने, झुर्रियां कम करने और चेहरे को जवान दिखाने के लिए इसे चुनते हैं। लेकिन अगर यही इंजेक्शन नकली हो, गलत तरीके से लगाया जाए या बिना प्रशिक्षित व्यक्ति से लगवाया जाए, तो यह खूबसूरती बढ़ाने के बजाय जानलेवा भी साबित हो सकता है।
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चेहरे को हमेशा जवां रखने की चाहत अच्छी है। लाइफस्टाइल और खान-पान में बदलाव से लेकर कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स तक, लोग इसके लिए तरह-तरह के उपाय करते रहते हैं।
इसी को देखते हुए बोटॉक्स का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। ये दुनिया के सबसे लोकप्रिय कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स में से एक है। बढ़ती उम्र के निशान छिपाने, झुर्रियां कम करने और चेहरे को जवां बनाए रखने के लिए इसका उपयोग किया जाता रहा है। पर कहीं बोटॉक्स ट्रीटमेंट आपको पैरालाइज यानी लकवा का शिकार न बना दे? ये आपके लिए कहीं जानलेवा न साबित हो जाए?
असल में ब्रिटेन की मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने हाल ही में बोटॉक्स और अन्य बोटुलिनम टॉक्सिन इंजेक्शनों को लेकर नई चेतावनी जारी की है। एजेंसी का कहना है कि नकली और बिना लाइसेंस वाले इंजेक्शनों के कारण गंभीर साइड इफेक्ट्स और अस्पताल में भर्ती होने के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। कई मरीजों में बोटुलिज्म जैसी खतरनाक स्थिति भी हो गई हुई, जिसमें शरीर की नसें और मांसपेशियां प्रभावित होने लगती हैं। समय पर इलाज न मिले तो ये जानलेवा भी हो सकती है।
तो अगर आप भी बोटॉक्स कराने की प्लानिंग कर रहे हैं तो इसके खतरों को जान लेना जरूरी है।
ब्रिटेन में कई ऐसे मामले रिपोर्ट किए गए जहां बोटॉक्स के लिए लगाए गए एक छोटे से इंजेक्शन के कारण मरीज को कुछ ही दिनों में आंखों से धुंधला दिखने लगा, मांसपेशियों में दिक्कत होने लगी जिसके कारण उसे आईसीयू में भी भर्ती करना पड़ गया।
विशेषज्ञों का कहना है, ऐसा नहीं है कि बोटॉक्स सुरक्षित नहीं है। बस इसे प्रशिक्षित विशेषज्ञ की निगरानी में सही दवा और सही मात्रा में दिया जाना चाहिए। असली खतरा तब पैदा होता है जब लोग बिना लाइसेंस वाले क्लीनिक, सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऑफर या बेहद सस्ते पैकेज के लालच में आ जाते हैं।
नकली बोटॉक्स इंजेक्शन बढ़ा रहे खतरा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल के दिनों में नकली (काउंटरफिट) बोटॉक्स इंजेक्शन लगवाने के बाद कई लोगों की हालत गंभीर हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
- इसके बाद एमएचआरए ने इन इंजेक्शनों की निगरानी को और सख्त करने की बात कही गई है।
- अब बोटॉक्स जैसी दवाओं के पैकेट और मरीजों को दिए जाने वाले सूचना-पत्र पर खतरे से जुड़ी चेतावनियां पहले से कहीं ज्यादा स्पष्ट तरीके से लिखी जाएंगी।
- स्वास्थ्य एजेंसी ने लोगों से कहा है कि यदि इंजेक्शन लगवाने के बाद एक महीने तक के भीतर निगलने में कठिनाई, बोलने में लड़खड़ाहट, सांस लेने में परेशानी या शरीर की मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें।
ब्रिटेन में रिपोर्ट किए गए बोटुलिज्म के कई मामले
ब्रिटेन की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मई महीने में ब्रिटेन के लीड्स शहर में दो लोगों में ब्यूटी ट्रीटमेंट के बाद संदिग्ध बोटुलिज्म के मामले सामने आए थे। ये एक दुर्लभ और गंभीर समस्या है। यह क्लॉस्ट्रीडियम बोटुलिनम नामक बैक्टीरिया द्वारा उत्पन्न टॉक्सिन से होती है, जो मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और लकवा का कारण बनता है।
वहीं पिछले साल एक मामले में 36 वर्षीय महिला भी ऐसे ही इंजेक्शन लगवाने के बाद गंभीर रूप से बीमार हो गई थीं।
सस्ते इंजेक्शन पड़ गए भारी
पीड़िता केली बेली का जिक्र करते हुए रिपोर्ट ने बताया, उन्होंने चेहरे की झुर्रियां कम करने के लिए तीन इंजेक्शन सिर्फ 75 पाउंड (9712 रुपये) में लगवाए। यह कीमत उनकी पिछली बार की तुलना में लगभग आधी थी।
- सस्ता इलाज करवाने के कुछ ही दिनों बाद उन्हें अचानक साफ दिखाई देना बंद होने लगा।डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें प्टोसिस हो गया है जिसमें आंख की ऊपरी पलक नीचे लटक जाती है। उन्हें यह भी बताया गया कि यह समस्या शायद ब्यूटी ट्रीटमेंट से जुड़ी हो सकती है।
- अगले कुछ दिनों में उनकी हालत और खराब हो गई। उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें बोटुलिज्म हो गया है। हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें तीन दिन तक आईसीयू में रखा गया।
- इलाज के दौरान उन्हें एंटी-टॉक्सिन जो शरीर में फैले जहरीले टॉक्सिन के असर को रोकने का काम करती है।
बेली कहती हैं, मुझे याद है कि मैं अस्पताल के बिस्तर पर लेटी सोच रही थी कि शायद मैं मरने वाली हूं और मैं मरना नहीं चाहती थी।
बाद में जांच में सामने आया कि उन्हें एक अवैध बोटॉक्स जैसा एंटी-रिंकल इंजेक्शन लगाया गया था।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
एमएचआरए की मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. एलिसन केव कहती हैं, डॉक्टर और मरीज- दोनों को बोटुलिज्म के लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए ताकि लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज शुरू किया जा सके, क्योंकि यह एक मेडिकल इमरजेंसी है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि बिना लाइसेंस वाले उत्पादों से बचें और केवल योग्य एवं प्रशिक्षित विशेषज्ञ से ही उपचार करवाएं।
बोटुलिज्म भले ही दुर्लभ बीमारी हो, लेकिन यह बेहद गंभीर हो सकती है। इसके प्रभावी इलाज उपलब्ध हैं। अगर हाल ही में बोटॉक्स या ऐसा कोई इंजेक्शन लगवाया है और निगलने में परेशानी या अन्य लक्षण महसूस हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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