Vivekananda Jayanti 2026: कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस? जानिए इसका महत्व
National Youth Day (Yuva Diwas) 2026: आइए जानते हैं कि राष्ट्रीय युवा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? इस दिन का स्वामी विवेकानंद से क्या संबंध है? जानिए युवा दिवस से जुड़े रोचक तथ्य।
विस्तार
National Youth Day (Yuva Diwas) 2026: किसी भी देश का उज्जवल भविष्य उसके युवाओं पर निर्भर करता है। भारत एक युवा देश है। इसी युवा शक्ति को दिशा, चरित्र और उद्देश्य देने के लिए हर साल राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिव केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है कि आज का युवा किस दिशा में जा रहा है और देश उससे क्या अपेक्षा करता है।
युवा दिवस हर साल 12 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन महान दार्शनिक और आध्यात्मिक नेता स्वामी विवेकानंद की जयंती को समर्पित है। उनके विचारों और आदर्शों से युवाओं को प्रेरित किया जा सके और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को बढ़ावा दिया जा सके, इसलिए इस दिन को मनाने की शुरुआत हुई। स्वामी विवेकानंद की जयंती कब है और क्यों उनकी जयंती को युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
आइए जानते हैं राष्ट्रीय युवा दिवस के इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़े रोचक तथ्यों के बारे में। कोई भी देश अपने युवाओं से आगे नहीं, बल्कि उनके साथ आगे बढ़ता है। राष्ट्रीय युवा दिवस हमें बताता है कि अगर युवा सही दिशा में सोचें, तो भारत को रोक पाना असंभव है। यह दिन सवाल पूछने का नहीं, जवाब बनने का दिन है।
राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 कब है?
राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है।
राष्ट्रीय युवा दिवस क्यों मनाया जाता है?
स्वामी विवेकानंद केवल संत नहीं थे, वे युवा चेतना के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने दुनिया को बताया कि भारत का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी के चरित्र, आत्मविश्वास और विचारों में छिपा है। भारत सरकार ने 1984 में यह निर्णय लिया कि स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा, ताकि युवाओं को उनके विचारों से जोड़ा जा सके,
“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”
यह दिन युवाओं को आत्मबल, राष्ट्रभक्ति और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने के लिए समर्पित है।
राष्ट्रीय युवा दिवस कैसे मनाया जाता है?
देशभर में यह दिन विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है। स्कूल और कॉलेजों में भाषण, वाद-विवाद और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। युवा सम्मेलन, सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन होता है। स्वामी विवेकानंद के विचारों पर प्रेरणात्मक सत्र होते हैं। इस दिन एनसीसी, एनएसएस और युवा संगठनों द्वारा सामाजिक सेवा कार्यक्रम होते हैं। कई राज्यों में नेशनल यूथ फेस्टिवल का आयोजन भी होता है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि युवाओं में चरित्र निर्माण और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है।
राष्ट्रीय युवा दिवस का महत्व
आज जब युवा पीढ़ी सोशल मीडिया, त्वरित सफलता और भटकाव के दौर से गुजर रही है, तब राष्ट्रीय युवा दिवस की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। यह दिन युवाओं को याद दिलाता है कि,
- शिक्षा केवल नौकरी नहीं, चरित्र निर्माण है।
- सफलता केवल धन नहीं, सेवा और उद्देश्य है।
- आत्मविश्वास बिना अनुशासन के अधूरा है।
स्वामी विवेकानंद का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना सौ साल पहले था।