बीमारियां कभी भी किसी को भी अपना शिकार बना सकती हैं और जिस तरह से समय के साथ लोगों की दिनचर्या और खानपान में गड़बड़ी बढ़ती जा रही है, इसने बीमारियों को और भी आम बना दिया है। फिट दिखना और स्वस्थ होना, दो अलग-अलग चीजें हैं, बॉलीवुड अभिनेता और युवाओं के आइकन सलमान खान की सेहत को लेकर जब चर्चा होती है तो ये बात फिट बैठती दिखती है।
Alert: कहीं आपको भी न हो जाए सलमान खान वाली बीमारी? बिना लक्षणों के भी हो सकती है ये दिक्कत
- सलमान खान ने सार्वजनिक रूप से बताया था कि उन्हें ब्रेन एन्यूरिज्म की समस्या रही है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है, चाहे वह फिट ही क्यों न दिखे।
- ब्रेन एन्यूरिज्म का मतलब दिमाग की किसी रक्त नली की दीवार का कमजोर होकर गुब्बारे की तरह फूल जाना होता है।
कई बार बीमारियों को लेकर खुल कर बोल चुके हैं सलमान
एक टीवी शो के दौरान सलमान ने अपनी बीमारियों को लेकर खुल कर बात की थी। अभिनेता ने कहा, मुझे ब्रेन एन्यूरिज्म सहित ट्राइजेमिनल न्यूरलजिया और एवी मालफॉर्मेशन जैसी गंभीर समस्याएं हैं। इनके बावजूद काम कर रहा हूं। सेहत से संबंधित कई प्रकार की चुनौतियां आपके सामने लगातार बनी रहती हैं पर आपको काम भी करते रहना होता है।
इस आर्टिकल में आइए ब्रेन एन्यूरिज्म के बारे में जानते हैं। आखिर ये बीमारी होती क्यों है, इसके क्या लक्षण हैं और इससे आप कैसे बचे रह सकते हैं।
ब्रेन एन्यूरिज्म के बारे में जानिए
ब्रेन एन्यूरिज्म एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में उभार या गुब्बारा जैसे फूलने की दिक्कत आ जाती है। जब रक्त वाहिका से बहने वाला रक्त, वाहिका की दीवार के कमजोर हिस्से पर अतिरिक्त दबाव डालने लगता है तो इस तरह की समस्या होती है। दबाव बढ़ने पर वाहिकाओं के फटने और खून के लीक करने का भी खतरा रहता है जिससे रक्तस्रावी स्ट्रोक हो सकता है।
कई मामलों में यह एन्यूरिज्म वर्षों तक बिना किसी लक्षण के मौजूद रह सकता है और व्यक्ति को पता भी नहीं चलता। समस्या तब गंभीर हो जाती है जब यह एन्यूरिज्म फट जाता है। मेडिकल रिपोर्ट्स पर गौर करें तो पता चलता है कि हाई ब्लड प्रेशर, धूम्रपान, जेनेटिक कारण, उम्र बढ़ने और कुछ जन्मजात बीमारियों के कारण इसका खतरा बढ़ जाता है।
ब्रेन एन्यूरिज्म में क्या दिक्कतें होती है?
ब्रेन एन्यूरिज्म के कारण कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। रक्त वाहिकाओं में उभार की स्थिति में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। कुछ लोगों को आंखों के पीछे दर्द, धुंधला दिखने, चेहरे के एक हिस्से में सुन्नता महसूस हो सकती है।
हालांकि जब ये उभार यानी एन्यूरिज्म अचानक फट जाता है तो इसके कारण तेज दर्द के साथ उल्टी, मतली, गर्दन में अकड़न, तेज रोशनी से परेशानी, बेहोशी, दौरे पड़ने और बोलने या समझने में दिक्कत हो सकती है।
ब्रेन एन्यूरिज्म के 30 से 40 प्रतिशत मामलों में मरीज की जान भी जा सकती है।
ब्रेन एन्यूरिज्म से कैसे बचा जा सकता है
ब्रेन एन्यूरिज्म से पूरी तरह बचाव संभव नहीं है, लेकिन इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके लिए ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर धमनी की दीवारों पर लगातार दबाव डालता है।
धूम्रपान और तंबाकू की आदत एन्यूरिज्म के बनने और फटने के खतरे को कई गुना बढ़ा देते है, इसलिए इसे पूरी तरह छोड़ना जरूरी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और वजन को नियंत्रण में रखकर आप कई तरह की दिक्कतों से बच सकते हैं।
-------------
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।