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Health Alert: सर्दियों में रहें सावधान, ये छोटी सी गलती बढ़ा सकती है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 08 Jan 2026 07:34 PM IST
सार

  • ठंडा पानी शरीर का तापमान अचानक कम कर देता है, जिससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं और ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है। यही वजह है कि सर्दियों में ठंडे पानी से नहाने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है,

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Winter Health Tips Mistake That Can Increase Risk of Brain Stroke why cold water bath is bad for health
सर्दियों में जानलेवा समस्याओं का खतरा - फोटो : Freepik.com

सर्दियों का मौसम लोगों का बेहद पसंदीदा होता है, हालांकि तापमान गिरने के साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ जाता है। इस दौरान सेहत को लेकर हम सभी को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए ठंड का सीजन और भी चुनौतीपूर्ण होता है। इस मौसम में निमोनिया, सांस की समस्या, ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ने का खतरा रहता है।



डॉक्टर बताते हैं, सर्दियों में ठंड बढ़ने के साथ ही शरीर पर इसका सीधा असर पड़ता है, इसलिए इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी समस्या बन सकती है। बढ़ती ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। ऐसी स्थिति में दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिसपर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो हार्ट अटैक तक का खतरा बढ़ सकता है।

यही कारण है कि विशेषज्ञ सभी लोगों को ठंड से बचाव करते रहने और सेहत को लेकर सावधानी बरतते रहने की सलाह देते हैं।

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सर्दियों में शरीर को रखें क्रम - फोटो : AdobeStock

सर्दियों में शरीर को रखें गर्म

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सर्दियों में शरीर को गर्म रखना बेहद जरूरी है। सिर, छाती और पैरों को अच्छे से ढककर रहें ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे और हृदय पर अतिरिक्त दबाव न बढ़ने पाए। इसके अलावा इस मौसम में खानपान भी संतुलित रखें। ज्यादा तला-भुना और नमक वाला खाना ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है, इसलिए फल, सब्जियां, नट्स  और हल्का भोजन करें।

डॉक्टर कहते हैं, सर्दियों में अक्सर लोग एक बड़ी गलती करते हैं जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक दोनों के खतरे को बढ़ाने वाली मानी जाती है- वह है ठंडे पानी से नहाना। 

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ब्रेन स्ट्रोक का खतरा - फोटो : adobe stock images

ठंडे पानी से नहाने से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

विशेषज्ञ कहते हैं, ठंड के कारण हमारी रक्त वाहिकाएं पहले से ही संकुचित स्थिति में होती हैं। ऐसे में ठंडे पानी से नहाने के कारण दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। जब अचानक ठंडा पानी शरीर पर पड़ता है तो शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए रक्त वाहिकाएं  तेजी से सिकुड़ जाती हैं, इससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है, जो ब्रेन स्ट्रोक का बड़ा कारण माना जाता है।

इसके अलावा नहाते समय सबसे पहले सीधे सिर पर ठंडा पानी डालने से मस्तिष्क की रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं, इसके कारण भी ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है।

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दिल के दौरे का खतरा - फोटो : Freepik.com

हार्ट अटैक का जोखिम

ब्रेन स्ट्रोक के साथ-साथ ठंड का ये समय दिल की सेहत के लिए भी खतरनाक हो सकता है। ठंडे पानी से नहाना दिल के मरीजों के लिए और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

ठंडे पानी के संपर्क में आने से शरीर की रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे हार्ट को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

जिन लोगों को पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा या दिल की बीमारी है, ऐसे लोगों के लिए ठंडे पीना से नहाना और भी खतरनाक हो सकता है।

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गुनगुने पानी से नहाएं - फोटो : Adobe stock

गुनगुने पानी से नहाना बेहतर

डॉक्टरों के अनुसार सर्दियों में गुनगुने पानी से नहाना, शरीर को पहले गर्म करना और अचानक ठंडे पानी के संपर्क में आने से बचना ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है।

पानी को सामान्य तापमान पर लाएं या हल्का गुनगुना करें, फिर ही नहाना चाहिए। नहाने के दौरान सबसे पहले पानी अपने पैरों पर डालें। इससे मस्तिष्क को संकेत मिल जाता है और वह शरीर के तापमान को व्यस्थित कर लेता है। इससे रक्त वाहिकाओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को कम किया जा सकता है।



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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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