Marriage Safety Tips: दहेज और घरेलू हिंसा से बचाना है बेटी को? रिश्ता तय करने से पहले जान लें ये 5 बातें
शादी से पहले लड़के और उसके परिवार का व्यवहार, दहेज को लेकर सोच, पड़ोसियों से मिली जानकारी, लड़के की आदतें और लड़की की आजादी को लेकर परिवार की मानसिकता जरूर जांच लें। यही सावधानी भविष्य में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं से बचा सकती है।
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Beti ki shadi se phle family background check karen: मध्य प्रदेश के चर्चित ट्विशा शर्मा केस से लेकर ग्रेटर नोएडा में दहेज के लिए विवाहिता की मौत तक, बीते कुछ दिनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जिन्होंने समाज को झकझोर दिया। दोनों ही मामलों में मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ऐसी घटनाओं के बाद एक ही सवाल उठता है कि क्या शादी से पहले लड़की के परिवार ने लड़के और उसके घर-परिवार के बारे में सही जानकारी जुटाई थी?
भारतीय समाज में शादी सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का रिश्ता माना जाता है। लेकिन आज भी कई परिवार सिर्फ नौकरी, वेतन, घर और दिखावे को देखकर रिश्ता तय कर देते हैं। बाद में जब बेटी मानसिक प्रताड़ना, दहेज की मांग, घरेलू हिंसा या भावनात्मक शोषण का सामना करती है, तब सच सामने आता है।
कई बार रिश्ते की चमक के पीछे छिपा स्वभाव, परिवार की सोच और आर्थिक लालच समय रहते दिखाई नहीं देता। ऐसे में माता-पिता की थोड़ी सतर्कता बेटी की जिंदगी बचा सकती है। शादी तय करने से पहले केवल कुंडली और बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि परिवार का व्यवहार, सामाजिक छवि और सोच को समझना भी बेहद जरूरी है।
अगर आप अपनी बेटी की शादी की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 5 बातों की जानकारी जरूर जुटाएं। यही सावधानी भविष्य में बड़े संकट से बचा सकती है।
लड़के और उसके परिवार का व्यवहार कैसा है?
रिश्ता तय करते समय सबसे पहले यह देखें कि लड़का और उसका परिवार महिलाओं के प्रति कैसा व्यवहार रखते हैं। क्या वे बातचीत में सम्मान देते हैं या हर बात में लड़की को नीचे दिखाने की कोशिश करते हैं? हालांकि शुरुआती मुलाकातों में व्यवहार समझना मुश्किल होता है, क्योंकि सब अच्छा ही दिखाते हैं, लेकिन आसपास या कॉमन माध्यमों से जानने का प्रयास करें कि लड़का गुस्सैल है? उसे कंट्रोल करने की आदत तो नहीं या परिवार अहंकारी रवैये वाला तो नहीं है। इन बातों को नजरअंदाज न करें। कई बार यही छोटी बातें आगे चलकर घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना का कारण बनती हैं।
दहेज को लेकर उनकी सोच क्या है?
आज भी कई परिवार सीधे नहीं, बल्कि इशारों में दहेज की मांग करते हैं। जैसे, हमारे यहां तो कार देने की परंपरा है या बड़े बेटे की शादी में फला फला सामान आया था, या लड़के की नौकरी इतनी बड़ी है, कुछ तो होना चाहिए।
ऐसे संकेत खतरे की घंटी हैं। शादी से पहले साफ तौर पर यह समझ लें कि सामने वाला परिवार दहेज को अधिकार समझता है या नहीं। दहेज की मानसिकता रखने वाले परिवारों में बाद में विवाद और उत्पीड़न की आशंका ज्यादा रहती है।
पड़ोस और रिश्तेदारों से जरूर करें जानकारी
सिर्फ रिश्तेदारों की बातों पर भरोसा करना बड़ी गलती हो सकती है। जिस मोहल्ले या समाज में लड़के का परिवार रहता है, वहां के लोगों से भी जानकारी लें। पता करें कि परिवार का व्यवहार कैसा है, क्या घर में अक्सर झगड़े होते हैं, क्या पहले भी किसी विवाद या पुलिस शिकायत का मामला रहा है। समाज में परिवार की छवि बहुत कुछ बता देती है।
लड़के की आदतें और गुस्से पर रखें नजर
कई परिवार लड़के की शराब, नशे, गुस्से या गलत आदतों को छिपाने की कोशिश करते हैं। शादी से पहले लड़की और उसके परिवार को यह जानना जरूरी है कि लड़का तनाव में कैसे व्यवहार करता है। क्या वह छोटी बात पर चिल्लाता है? क्या उसे गुस्सा कंट्रोल करने में दिक्कत होती है? क्या उसकी सोशल मीडिया गतिविधियां असामान्य हैं? ये बातें भविष्य की शादीशुदा जिंदगी को प्रभावित कर सकती हैं।
लड़की की नौकरी और आजादी को लेकर सोच
आज भी कई परिवार शादी से पहले आधुनिक दिखते हैं, लेकिन शादी के बाद लड़की की नौकरी, कपड़े, दोस्तों और फैसलों पर रोक लगाने लगते हैं। इसलिए पहले ही स्पष्ट कर लें कि क्या लड़की शादी के बाद नौकरी कर सकेगी? क्या उसे अपने फैसले लेने की स्वतंत्रता मिलेगी? अगर परिवार की सोच बहुत संकीर्ण है, तो बाद में रिश्ते में तनाव बढ़ सकता है।