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2026 Viral Trend: 10 साल पुरानी तस्वीरें लोग क्यों कर रहे शेयर, क्या 2026 सच में 2016 जैसा होगा?

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवानी अवस्थी Updated Thu, 29 Jan 2026 11:13 AM IST
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सार

New Viral Trend: यह ट्रेंड पुरानी यादों और आज की थकाऊ डिजिटल लाइफ का कॉम्बिनेशन है। लोग 2016 को एक खुशहाल, साधारण और तनावमुक्त दौर मानते हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि 2026 फिर से वही वाइब लेकर आएगा।

why people saying 2026 is the new 2016 Instagram Viral Trend in Hindi
2016 Vs 2026 - फोटो : Adobe
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विस्तार
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New Viral Trend: आजकल इंस्टाग्राम, रील और मीम्स में एक लाइन बहुत तेजी से वायरल हो रही है। “2026 is the new 2016”।  सेलेब्रिटीज से लेकर आम लोग तक इंस्टाग्राम पर इस ट्रेंड को अपना रहे हैं। अगर आप भी सोशल मीडिया यूज  करते हैं तो आप प्रियंका चोपड़ा का इन दिनो वायरल हो रहा गाना 'साजन-साजन' जरूर सुना होगा, जिसकर कई लोग रील्स बना रहे हैं। हालांकि ये गाना और रील्स भी इसी ट्रेंड से जुड़े हुए हैं। प्रियंका चोपड़ा का ये गाना और फिल्म साल 2016 की है, जो साल 2026 में ट्रेंड बन गई।

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इसी तरह लोग साल 2016 की तस्वीरे, वीडियो, पोस्ट को शेयर 2026 में पोस्ट कर रहे हैं। लेकिन लोग ऐसा क्यों कह रहे हैं? आखिर 2016 से 2026 की तुलना क्यों हो रही है? आइए इस नए सोशल मीडिया ट्रेंड को आसान और विस्तार से समझते हैं।
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“2026 is the New 2016” ट्रेंड क्या है?

यह ट्रेंड पुरानी यादों और आज की थकाऊ डिजिटल लाइफ का कॉम्बिनेशन है। लोग 2016 को एक खुशहाल, साधारण और तनावमुक्त दौर मानते हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि 2026 फिर से वही वाइब लेकर आएगा।

Instagram पर लोग इस ट्रेंड के साथ

  • पुराने गाने
  • साल 2016 के मीम्स
  • स्कूल या काॅलेज की लाइफ क्लिप्स
  • पुराने फोन्स, एप्स और फैशन को शेयर कर रहे हैं। 


2016 इतना खास क्यों माना जाता है?

लोग 2016 को इसलिए याद करते हैं क्योंकि, 

  • जिंदगी सिंपल थी, 
  • कम प्रतियोगिता
  • कम तुलना 
  • सामाजिक मीडिया प्रेशर बहुत कम


सोशल मीडिया कैसे अलग था?

  • इंस्टाग्राम सिर्फ फोटोज के लिए था
  • रील्स, एल्गोरिथम प्रेशर नहीं
  • लाइक्स और व्यूज का आब्सेशन नहीं



मानसिक स्वास्थ्य क्यों बेहतर था?

  • एंग्जाइटी और बर्नआउट कम
  • आनलाइन वेलिडेशन की ज़रूरत नहीं


पाॅप कल्चर गोल्डन एरा

  • अच्छे गाने, मीम्स और ट्रेंड्स थे
  • यूट्यूब क्रिएटर्स आॅथेंटिक थे
  • इंफ्लूएंसर कल्चर टाॅक्सिक नहीं था


2025–26 में लोग थके क्यों हैं?

आज की पीढ़ी लगातार स्क्रीन की थकान, नकली लाइफस्टाइल प्रेशर, भागदौड़ की संस्कृति और एआई फियर व जाॅब इंसिक्योरिटी, इन सब से लोग मानसिक थके हुए हैं। इसलिए वो चाहते हैं कि 2026 एक रिसेट साल बने, जैसे 2016 था।

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