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अक्षय तृतीया पर दक्षिण भारत के मंदिरों में होती है विशेष पूजा, चंदन लेपन से लेकर लगाया जाता है पायसम का भोग

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shruti Gaur Updated Sun, 19 Apr 2026 10:55 AM IST
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सार

Akshaya Tritiya 2026: आज अक्षय तृतीया के मौके पर दक्षिण भारत के कई मंदिरों में भगवान विष्णु की पूजा होती है। यहां हम आपको उन्हीं मंदिरों के बारे में जानकारी देंगे। 

akshaya tritiya 2026 famous temple of lord vishnu and maa laxmi in south india
अक्षय तृतीया पर दक्षिण भारत के मंदिरों में होती है विशेष पूजा - फोटो : IANS
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विस्तार

Akshaya Tritiya 2026: 19 अप्रैल को देशभर में अक्षय तृतीया का पावन पर्व मनाया जाएगा, जिसे साल का अत्यंत शुभ 'स्वयं सिद्ध मुहूर्त' माना जाता है। इस समय किया गया हर काम फलदायी होता है, लेकिन दक्षिण भारत में इसे नई शुरुआत के रूप में देखा जाता है। आज के दिन नए व्यापार, गृह प्रवेश या शादी-ब्याह के लिए बेहद खास होता है। दक्षिण भारत के मंदिरों में अक्षय तृतीया के दिन विशेष अनुष्ठान होते हैं और चंदन से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा होती है। आज हम दक्षिण भारत के मंदिरों में होने वाले खास अनुष्ठानों और मंदिरों के बारे में बताएंगे।
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आंध्र प्रदेश के सिंहाचलम मंदिर में अक्षय तृतीया की धूम देखी जाती है। यहां भगवान विष्णु के "वराह नरसिंह" अवतार की पूजा होती है और साल में एक दिन, यानी अक्षय तृतीया के दिन ही, प्रतिमा से चंदन हटाया जाता है। साल भर रोजाना प्रतिमा पर चंदन का लेपन किया जाता है और आज के दिन भगवान चंदन की मोटी परत से निकलकर भक्तों को दर्शन देते हैं।
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तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर में भी भगवान विष्णु का दिव्य शृंगार होता है और विशेष भोग भी अर्पित किया जाता है। आज के दिन भक्त भगवान विष्णु के दर्शन कर धन-धान्य की कामना करते हैं।

कांचीपुरम के वरदराज पेरुमल मंदिर में अक्षय तृतीया के दिन सोने और चांदी की छिपकलियों का दर्शन करना शुभ माना जाता है, जो मां लक्ष्मी और कुबेर के प्रतीक माने जाते हैं। आज के दिन भगवान विष्णु को अर्पित करने के लिए विशेष मीठी भात और केसरी भात का भोग भी लगाता जाता है, जिसे पायसम भी कहते हैं।

तमिलनाडु का श्री अक्षयपुरीश्वरर मंदिर भी अक्षय तृतीया से जुड़ा है क्योंकि इसी स्थान पर भगवान शिव ने कुबेर को धन का देवता बनने का वरदान दिया था। यही कारण है कि अक्षय तृतीया के दिन भगवान शिव को ठंडी जलधारा अर्पित की जाती है और कुबेर से धन और समृद्धि का वरदान मांगा जाता है।

तमिलनाडु का रामनाथस्वामी मंदिर भी बहुत खास है। 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल इस मंदिर में अक्षय तृतीया के दिन मंदिर परिसर में बने 22 पवित्र कुंडों के जल से स्नान करते हैं और भगवान शिव और मां पार्वती का पूजन करते हैं। माना जाता है कि इससे पारिवारिक विवाद और दंपत्ति जीवन खुशहाल बना रहता है। इसके अलावा अक्षय तृतीया के दिन दक्षिण भारत के अन्य कुबेर और भगवान विष्णु के मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना होती है। लगभग हर मंदिर में भगवान को चंदन अर्पित किया जाता है और पीले वस्त्र धारण कराए जाते हैं।
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