हफ्ते में पांच-छह दिन काम करने के बाद रविवार को मन होता है कि कहीं घूमने-फिरने का, कुछ नया करने का और शॉपिंग-वॉपिंग का और बाहर ही खाने-पीने का। हम आपको बता रहे हैं दिल्ली की उन चटोरी गलियों के बारे में जो फूडी लोगों की पसंदीदा जगहें हैं। 5-6 दिन की रूटीन लाइफ बिताने के बाद आप यहां पहुंचेंगे तो एक बार खाने के बाद आप भी इन गलियों का जायका नहीं भूल पाएंगे।
वीकेंड पर दिल्ली की इन पांच चटोरी गलियों में निकल जाएं, कभी नहीं भूलेंगे जायका
पराठे वाली गली
दिल्ली में शॉपिंग और ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ चांदनी चौक में स्थित पराठे वाली गली भी किसी परिचय की मोहताज नहीं है। यहां साल 1872 से दुकानें लगती हैं और इन ऐतिहासिक दुकानों पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू से लेकर बॉलीवुड के कई सितारे पराठों का स्वाद चख चुके हैं। पराठों की यहां 40 वेराइटी मिलती है, जिन्हें तवों पर नहीं बल्कि कढ़ाई में बनाया जाता है। यहां के लजीज पराठों का स्वाद आप कभी नहीं भूल पाएंगे।
आईएनए बाजार में दही और पनीर के शोले
'ऊंची दुकान फीके पकवान' तो सुना होगा, लेकिन यहां माजरा उल्टा है। हम बात कर रहे हैं, आईएनए बाजार में मिलने वाले दही और पनीर के शोले की। यहां दुकानें छोटी है, पर पकवान बहुत फेमस है। नाम सुनकर लग रहा होगा कि आखिर ये कैसे 'शोले' हैं! पंडित रामशरण शर्मा की दुकान यहां काफी पुरानी है। और भी कुछ दुकानें हैं, जहां ये शोले खाने दूर-दूर से लोग आते हैं। साल 2013 से दुकान चलाने वाले दीपक कुमार बताते हैं कि साल 2013 से वह दुकान चला रहे हैं। 'शोले' भी एक तरह का ब्रेड रोल होता है, जिसे अलग तरीके से बनाया जाता है। तो अगली बार आप आईएनए जाएं, तो शोले का स्वाद जरुर लें।
खान मार्केट का मटन कबाब
दिल्ली की मशहूर फूडी जगहों में से एक है खान मार्केट। कैफे और फास्ट फूड की दुकानें यहां आपको अपनी ओर आकर्षित करती है। मटन कबाब और फ्राइड राइस खाने के बाद आप भी यहां के जायके के मुरीद हो जाएंगे। आजम की मुगलई, कैफे टर्टल जैसे रेस्टॉरेंट भी हैं, जहां आपको कई तरह के व्यंजनों का स्वाद मिलेगा।
चाचे दी हट्टी, कमला मार्केट
दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस से सटे कमला मार्केट में चाचे दी हट्टी के आगे जायके को लेकर कई बड़े रेस्टोरेंट और होटल भी फीके पड़ जाते हैं। यहां खासकर मसालेदार छोले के साथ भटूरे खाना लाजवाब होता है। डीयू स्टूडेंट्स के लिए यह फूडी अड्डा होता है। यहां जाएं तो थोड़ा समय लेकर जाएं, क्योंकि कई बार भीड़ इतनी होती है कि आपको इंतजार करना पड़ सकता है।
