US Ban Mustard Oil: सरसों का तेल भारत में सुपरफूड, फिर अमेरिका में खाने की अनुमति क्यों नहीं?
cooking oil facts: अमेरिका में सरसों के तेल पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं है, लेकिन इसे सामान्य खाद्य तेल के रूप में व्यापक मंजूरी नहीं मिली है। इसका मुख्य कारण इसमें प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले एरूसिक एसिड की मात्रा को लेकर लंबे समय से चली आ रही नियामकीय और वैज्ञानिक चिंताएं हैं। इसलिए कई बोतलों पर "फाॅर एक्सटर्नल यूज ओनली" (केवल बाहरी उपयोग के लिए) लिखा होता है।
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विस्तार
Sarson Ka Tel सरसों का तेल भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। भारत में अधिकतर घरों में सरसों के तेल से ही खाना बनता है। इसे स्वाद, परंपरा, स्वास्थ्य और खेती से जोड़कर देखा जाता है। उत्तर भारत, पूर्वी भारत और खासकर बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और पंजाब जैसे राज्यों में सरसों के तेल का उपयोग वर्षों से खाना बनाने, अचार तैयार करने और कई पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता रहा है। इसकी तीखी खुशबू और अलग स्वाद इसे अन्य खाद्य तेलों से अलग पहचान देते हैं। इतना ही नहीं, कई लोग इसे स्वास्थ्य के लिहाज से भी लाभकारी मानते हैं।
हालांकि, अमेरिका में सरसों के तेल से खाना बनाने पर प्रतिबंध है। अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के अनुसार, सरसों के तेल सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल ये प्रतिबंध तेल में पाएं जाने वाले एरुसिक एसिड के कारण लगा है। एफडीए के मुताबिक, सरसों के तेल में एरुसिक एसिड की मात्रा काफी अधिक होती है।
यूएस में लंबे समय से सरसों के तेल में पाए जाने वाले एरूसिक एसिड (Erucic Acid) के स्तर को लेकर सावधानी बरती गई है। इसी वजह से कई प्रकार के सरसों के तेल को खाद्य उपयोग के लिए मंजूरी नहीं मिली और उन पर "फाॅर एक्सटर्नल यूज ओनली" लिखा जाता है।
क्यों बैन है सरसों के तेल का खाद्य सेवन
- अमेरिका में सरसों का तेल पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है।
- सरसों के तेल के खाध्य उपयोग को लेकर यूएस में कुछ नियम है।
- 1970 के दशक में चूहों पर कुछ शोध किए गए।
- पाया गया कि सरसों के तेल के सेवन से एरुसिक एसिड की अधिक मात्रा नुकसानदायक हो सकती है।
एरूसिक एसिड क्या है?
- एरूसिक एसिड एक प्राकृतिक फैटी एसिड है, जो सरसों और कुछ अन्य बीजों में पाया जाता है।
- पुराने पशु-अध्ययनों में इसकी अधिक मात्रा को लेकर हृदय पर संभावित प्रभावों को लेकर चिंताएं सामने आई थीं।
- अध्ययन में दावा किया गया कि बहुत ज्यादा मात्रा में एरुसिक एसिड का सेवन हार्ट मसल्स में चर्बी जमा कर सकती हैं।
- इस स्थिति को मायोकार्डियल लिपिडोसिस कहा जाता है।
- इस अध्ययन को आधार मान कर अमेरिका और कई पश्चिमी देशों ने सरसों के तेल को खाद्य तेल के रूप में असुरक्षित मानकर इसके खाने के इस्तेमाल पर रोक लगा दी।
पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं
- हालांकि अमेरिका में सरसों से जुड़े सभी उत्पाद पर प्रतिबंधित नहीं हैं।
- यहां सरसों के बीज, तैयार मस्टर्ड, कम एरूसिक एसिड वाली कुछ किस्मों से बने उत्पाद और विशेष नियमों के अनुरूप खाद्य उत्पाद मिलते हैं।
भारत में सरसों का तेल क्यों लोकप्रिय है?
- सरसों का तेल अपने पारंपरिक स्वाद के कारण भारत में पसंद किया जाता है।
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इसका कई क्षेत्रीय व्यंजनों में प्रमुख उपयोग होता है।
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अचार बनाने के लिए पसंदीदा माना जाता है।
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तेज़ खुशबू और विशिष्ट फ्लेवर के कारण पहचान मिली।
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पीढ़ियों से घरेलू उपयोग में शामिल है।
क्या सरसों का तेल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है?
- संतुलित मात्रा में किसी भी खाद्य तेल का सेवन महत्वपूर्ण है।
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अलग-अलग देशों के खाद्य सुरक्षा मानक अलग हो सकते हैं।
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यदि किसी व्यक्ति को विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
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भोजन में विविधता और संतुलन सबसे महत्वपूर्ण है।
सरसों के तेल का उपयोग करते समय रखें ये बातें
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विश्वसनीय ब्रांड का उत्पाद चुनें।
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गुणवत्ता और लेबल अवश्य पढ़ें।
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तेल का संतुलित मात्रा में उपयोग करें।
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बार-बार एक ही तेल को तेज़ आंच पर गर्म करने से बचें।
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संतुलित आहार के साथ विभिन्न प्रकार के स्वस्थ वसा का सेवन करें।