Haddiyon Ke liye Yoga: कई लोगों ने यह अनुभव किया होगा कि कुर्सी से उठते समय, सीढ़ियां चढ़ते हुए या सुबह बिस्तर से उठते ही घुटनों, कंधों, उंगलियों या टखनों से चटक जैसी आवाज आती है। अधिकांश मामलों में यह आवाज़ सामान्य हो सकती है और जोड़ों के भीतर गैस के बुलबुलों के फूटने, लिगामेंट्स की हलचल या लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने के कारण सुनाई दे सकती है। हालांकि, अगर यह आवाज़ लगातार दर्द, सूजन, जकड़न या चलने-फिरने में परेशानी के साथ हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Bone Cracking Yoga: उठते ही हड्डियों से आती है चटकने की आवाज? ये योगासन दिला सकते हैं राहत
Joint Stiffness Yoga: उठते-बैठते समय जोड़ों से चटकने की आवाज़ कई कारणों से आ सकती है और हर बार यह किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं होती। अगर इसके साथ दर्द या सूजन नहीं है, तो नियमित स्ट्रेचिंग और ताड़ासन, भुजंगासन, मार्जरी-व्याघ्रासन, त्रिकोणासन और बालासन जैसे योगासन जोड़ों की लचक और गतिशीलता बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
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ताड़ासन
- इस आसन से शरीर की मुद्रा में सुधार होता है।
- रीढ़ को सीधा रखने में सहायता मिलती है।
- पैरों और घुटनों पर संतुलित भार आता है।
- पूरे शरीर में हल्का स्ट्रेच होता है।
मार्जरी-व्याघ्रासन
- रीढ़ की लचक बढ़ाने में मदद।
- पीठ और गर्दन की जकड़न कम करने में सहायक।
- लंबे समय तक बैठने वालों के लिए उपयोगी।
- शरीर को हल्का और सक्रिय महसूस कराने में मदद।
पवनमुक्तासन
- कूल्हों और निचली कमर की गतिशीलता में मदद।
- शरीर को हल्का महसूस कराने में सहायक।
- पैरों और कमर में लचीलापन बढ़ाने में उपयोगी।
भुजंगासन
- रीढ़ और पीठ की मांसपेशियों को सक्रिय करता है।
- छाती और कंधों को खोलने में मदद।
- लंबे समय तक झुककर काम करने वालों के लिए उपयोगी।
बालासन
- शरीर को आराम देता है।
- पीठ और कंधों में हल्का खिंचाव।
- योग सत्र के अंत में करने के लिए उपयुक्त।
त्रिकोणासन
- कूल्हों और पैरों में लचीलापन बढ़ता है।
- शरीर का संतुलन बेहतर होता है।
- कमर और पैरों की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं।
सेतुबंधासन
- कूल्हों और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
- रीढ़ की गतिशीलता में मदद।
- लंबे समय तक बैठने से होने वाली अकड़न कम करने में सहायक।
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।