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Bengal Exit Poll Live: क्या ममता बचा पाएंगी अपना किला या भाजपा लगाएगी सेंध? कुछ देर में एग्जिट पोल के अनुमान
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
Published by: Nirmal Kant
Updated Wed, 29 Apr 2026 05:24 PM IST
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खास बातें
West Bengal Exit Poll Result 2026 Live News Updates: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए आज दूसरे और अंतिम चरण का मतदान जारी है। आज शाम छह बजे से एग्जिट पोल आने शुरू हो जाएंगे। क्या तृणमूल कांग्रेस इस बार भी सत्ता को बनाए रखने में कामयाब हो पाएगी या भाजपा अपनी बैठ बनाएगी। अन्य दलों की क्या स्थिति रहेगी। पढ़िए अपडेट्स-
एग्जिट पोल 2026 पश्चिम बंगाल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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लाइव अपडेट
05:08 PM, 29-Apr-2026
एग्जिट पोल के बारे में रोचक जानकारी
■ एग्जिट पोल की शुरुआत नीदरलैंड के समाजशास्त्री और पूर्व राजनेता मार्सेल वॉन डैम ने की थी।■ वॉन डैम ने पहली बार 15 फरवरी 1967 को इसका इस्तेमाल किया था। उस समय नीदरलैंड में हुए चुनाव में उनका आकलन बिल्कुल सटीक रहा था।
■ भारत में एग्जिट पोल की शुरुआत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन (आईआईपीयू) के प्रमुख एरिक डी कोस्टा ने की थी।
■ 1996 में एग्जिट पोल सबसे अधिक चर्चा आए। उस समय दूरदर्शन ने सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज (सीएसडीएस) को देशभर में एग्जिट पोल कराने के लिए अनुमति दी थी।
■ 1998 में पहली बार टीवी पर एग्जिट पोल का प्रसारण किया गया।
04:37 PM, 29-Apr-2026
Bengal Exit Poll Live: क्या ममता बचा पाएंगी अपना किला या भाजपा लगाएगी सेंध? कुछ देर में एग्जिट पोल के अनुमान
Bengal Exit Poll Live: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए इस बार दो चरणों में मतदान हो रहा है। आज दूसरे और अंतिम चरण का मतदान हो रहा है। कुछ ही समय बाद एग्जिट पोल सामने आने शुरू हो जाएंगे। दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इससे पहले केंद्रीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने तैनात केंद्रीय बलों को निर्देश दिया था कि वे भयभीत मतदाताओं की मदद के लिए तैयार रहें। उन्हें मतदान केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाएं।पहले चरण में रिकॉर्ड 92 फीसदी से अधिक का मतदान हुआ था। जिसने 2011 के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। तब परिवर्तन की लहर थी और ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने वाम सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका था।
इस बार असल सवाल यही है कि क्या रिकॉर्ड मतदान सत्ता के समर्थन का संकेत है या बदलाव की इच्छा का? क्या यह केवल उत्साह है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा है। इन सवालों के जवाब जानने के लिए जरूरी है कि 2011, 2016, 2021 और अब 2026 के मतदान ट्रेंड को एक साथ देखा जाए, क्योंकि बंगाल में मतदान प्रतिशत अक्सर चुनावी नतीजों की दिशा का संकेत भी देता रहा है। हालांकि, अभी दूसरे चरण का मतदान जारी है।
डेढ़ दशक में ऐसा रहा ट्रेंड
2011 : 84% (परिवर्तन की लहर, 34 साल बाद सत्ता बदली)
2016 : 82% (स्थिरता, तृणमूल की वापसी)
2021 : 81% (भारी ध्रुवीकरण, तृणमूल बनाम भाजपा सीधी लड़ाई)
2026 : पहले चरण में 92% से ऊपर मतदान सिर्फ अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा ही नहीं है, बल्कि असामान्य रूप से भी ज्यादा है।
यह आंकड़ा क्यों है खास?
रिकॉर्ड स्तर की भागीदारी : लगभग हर पात्र मतदाता वोट देने निकला।
संवेदनशील इलाकों में भी वोटिंग : जंगलमहल, उत्तर बंगाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी भारी मतदान।
महिलाओं के साथ पहली बार वोट देने वाले युवाओं की भागीदारी बढ़ी।
राजनीतिक निहितार्थ
कड़ा मुकाबला : चुनाव एकतरफा नहीं, सीधी टक्कर
समर्थन बनाम विरोध : तृणमूल ने बताया समर्थन का संकेत, भाजपा बोली-बदलाव की लहर
भय या भागीदारी : ज्यादा मतदान डर घटने का नतीजा या संगठित लामबंदी है।
एग्जिट पोल मतदान के तुरंत बाद कराया जाता है, जिसमें केवल मतदाताओं को ही शामिल किया जाता है। एग्जिट पोल में वही लोग शामिल होते हैं, जो मतदान कर बाहर निकलते हैं। एग्जिट पोल निर्णायक दौर में होता है। इससे पता चलता है कि लोगों ने किस पार्टी पर भरोसा जताया है। एग्जिट पोल का प्रसारण मतदान के पूरी तरह से खत्म होने के बाद ही किया जाता है।

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