02:07 PM, 08-Mar-2026
दो बजे तक चला गेरों का कारवां
इंदौर का 76वां गेर महोत्सव सुबह 10.30 बजे शुरू हुआ और यह दोपहर करीब दो बजे खत्म हो गया। राजवाड़ा पर अंतिम गेर संगम कॉर्नर की थी। इसके गुजरने के बाद लोगों की भीड़ छंटने लगी। हालांकि, सराफा होकर अपने तय ठिकानों तक लौट रही गेरों को देखने के लिए भी लोग बड़ी संख्या में डटे हुए थे। इसके बाद नगर निगम के 200 सफाई कर्मियों की विशेष टीम सक्रिय होगी और चंद घंटों में देश के सबसे स्वच्छ शहर के गेर मार्ग को चमका दिया जाएगा।
01:54 PM, 08-Mar-2026
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गेर खत्म, राजबाड़ा पर भीड़ बाहर निकलना शुरू
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भगवान भोलेनाथ की जटाओं से बहती गंगा
01:31 PM, 08-Mar-2026
भगवान कृष्ण के मोर पंखों से उड़ा रंग
संगम कॉर्नर की गेर में भगवान कृष्ण की झांकी के पीछे मोर पंखे सजाए गए थे। मोर पंखों से रंगों की बौछार हो रही थी। इस झांकी ने लोगों का मन मोह लिया। कृष्ण और मोर पंख और रास उल्लास का अद्भुत नाता है, जो इस झांकी ने जीवंत कर दिया।
01:19 PM, 08-Mar-2026
भगवान कृष्ण के मोर पंखों से उड़ा रंग
01:14 PM, 08-Mar-2026
एक बजे राजवाड़ा पहुंची संगम कॉर्नर की गेर
संस्था सृजन के कमलेश खंडेलवाल के नेतृत्व में निकली संगम कॉर्नर की गेर 1 बजे के बाद राजवाड़ा पर पहुंची। इस गेर में हजारों की संख्या में युवा शामिल थे। गेर में शामिल टैंकरों व मिसाइलों से जमकर रंग और गुलाल की वर्षा हुई। राजवाड़ा पर जब यह गेर पहुंची तब वहां पैर रखने की जगह नहीं बची थी। लोगों ने उत्साह से गेर में भाग लिया।
01:12 PM, 08-Mar-2026
संस्था सृजन की गेर राजबाड़ा पहुंची
01:04 PM, 08-Mar-2026
फाग यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल
01:00 PM, 08-Mar-2026
महाकाल की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
हिंदरक्षक की फाग यात्रा में शामिल महाकाल मंदिर उज्जैन की झांकी ने मंदिर की जीवंत छवि पेश की। यह झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। फाग यात्रा गेर के कई रंग देखने को मिले। यह सबसे लंबी, आकर्षक और भक्तिभाव वाली गेर थी। लोगों की भीड़ भी इसमें ही सबसे ज्यादा नजर आई।