Live
MP Assembly Special Session: कांग्रेस का अशासकीय संकल्प अस्वीकार, नेता प्रतिपक्ष बोले-यह महिलाओं का अपमान
नमस्कर! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग पर आपका स्वागत है। आज 27 अप्रैल को मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र है। महिला आरक्षण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर अहम चर्चा चल रही है। वहीं, कांग्रेस सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतर चुकी है। विशेष सत्र से जुड़े हर एक बड़े अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाइव अपडेट
MP Assembly Special Session: कांग्रेस का अशासकीय संकल्प अस्वीकार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यहां चर्चा इस बात पर हो रही है कि अशासकीय संकल्प पर चर्चा करनी है या नहीं। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि नियमों के अनुसार इस पर चर्चा नहीं की जा सकती। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यदि चर्चा के लिए कोई शासकीय संकल्प आ जाता है, तो उस पर चर्चा के दौरान कोई दूसरा अशासकीय संकल्प नहीं लिया जा सकता। यह पुराने प्रावधान हैं। अन्य सदस्यों ने भी विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए लिखा, लेकिन वह विधिसम्मत नहीं है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संशोधन लिए जा सकते हैं और पहले भी लिए गए हैं, लेकिन अशासकीय संकल्प को अस्वीकार किया जाता है। वहीं, मुख्यमंत्री के संकल्प में प्राप्त संशोधन को स्वीकार किया जाता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारे अशासकीय संकल्प में यह सवाल है कि परिसीमन कब होगा और महिलाओं को आरक्षण कब मिलेगा। हमारा विषय अलग है। आपने व्यवस्था दे दी, जो महिलाओं के हित में नहीं है। परिसीमन कब होगा, यह स्पष्ट नहीं है। इसके विरोध में नेता प्रतिपक्ष ने वॉकआउट करने की घोषणा की।
MP: हमारी मांग है कि 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जाए- नेता प्रतिपक्ष
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा की जो संकल्प पत्र पहले दिया जाता है, उस पर पहले चर्चा कराई जाती है। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि हमारा अशासकीय संकल्प पत्र पहले दिया गया। नियम के अनुसार, उस पर चर्चा कराना चाहिए। हमारी मांग है कि 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।MP: मुख्यमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन संकल्प’ प्रस्तुत किया
विधानसभा में ‘नारी शक्ति वंदन संकल्प’ को लेकर सोमवार को संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संकल्प पत्र प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर उठाने की मांग की, जिस पर अध्यक्ष ने संकल्प प्रस्तुत होने के बाद अवसर देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने अभी कुछ कहा ही नहीं, तो प्वाइंट ऑफ ऑर्डर किस बात पर मांगा जा रहा है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने अशासकीय संकल्प पर निर्णय को लेकर सवाल उठाया। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था के अनुसार सभी को बोलने का अवसर दिया जाएगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में ‘नारी शक्ति वंदन संकल्प’ प्रस्तुत किया। संकल्प में देश की संसद और सभी विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने और परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई।
MP: पूर्व नेता प्रतिपक्ष बोले-परिसीमन क्यों जरूरी?
कांग्रेस विधायक व पूर्व नेता पूर्व नेताप्रतपक्ष अजय सिंह ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं को आरक्षण देना है, तो मौजूदा सीटों के आधार पर ही इसे लागू किया जा सकता है, फिर परिसीमन की जरूरत क्यों बताई जा रही है? सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाया गया है। लेकिन सरकार स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। उनके मुताबिक, महिला आरक्षण को टालने के लिए परिसीमन को कारण बनाया जा रहा है।Madhya Pradesh Politics: प्रीतम लोधी बोले- आज महिलाओं का दिन
भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि आज विधानसभा में महिलाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे पर जोरदार तरीके से आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आज का दिन महिलाओं के नाम है और हम उनके अधिकारों के लिए लड़ेंगे। तीन दिन में जवाब पर लोधी ने कहा कि वे अपना लिखित जवाब पार्टी आलाकमान, प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को दे चुके हैं। अब आगे का निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा। समाज की नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी में नियम के अनुसार जवाब मांगा जाता है। कार्यकर्ता के रूप में जवाब देना सामान्य प्रक्रिया है। साथ ही, उन्होंने समाज के कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया है।MP:'विपक्ष के हर नेता ने एक बड़े काम को रोकने का प्रयास किया', बोले सारंग
MP: बिल का विरोध कर विपक्ष ने गलत संदेश दिया- मंत्री प्रतिमा बागरी
मध्य प्रदेश सरकार की मंत्री प्रतिमा बागरी ने महिला आरक्षण और निंदा प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने वाले बिल का विरोध कर विपक्ष ने गलत संदेश दिया है, जिससे महिलाओं में नाराजगी बढ़ी है।बागरी ने कहा कि यह आक्रोश अब सदन में उठेगा और इसकी गूंज पूरे प्रदेश ही नहीं, देशभर में सुनाई देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने न सिर्फ बिल का समर्थन नहीं किया, बल्कि उसके पास न होने पर खुशी भी जताई।
परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया संविधान के अनुसार जनगणना के बाद ही लागू होगी और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की मंशा लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने की है। निंदा प्रस्ताव को सही ठहराते हुए बागरी ने कहा कि अगर विपक्ष के कदमों की आलोचना नहीं की जाएगी, तो इससे गलत संदेश जाएगा और ऐसे कृत्यों को बढ़ावा मिलेगा।
MP: कांग्रेस विधायक मुंजारे ने उठाई ओबीसी आरक्षण की मांग
कांग्रेस पार्टी सहित समूचे विपक्ष ने 2023 में ही संसद में "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" को पारित करवा दिया था। मगर भाजपा सरकार ने इसे रोकने का काम किया है। देश में सबसे बड़ी आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग की है, उसे भी राजनीतिक आरक्षण दिया जाए। ये हमारी मांग है। यह कहना है बालाघाट से कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे का।MP: महिला शक्ति वंदन बिल पर कांग्रेस का हमला, विशेष सत्र के औचित्य पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि अब बदले हुए स्वरूप में बिल लाकर 850 सदस्यों के आधार पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही जा रही है, जो महिलाओं के आरक्षण के खिलाफ है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि आज सदन के भीतर पार्टी अपनी बात मजबूती से रखेगी और आजादी के बाद से अब तक महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कांग्रेस द्वारा किए गए कार्यों को भी सामने रखा जाएगा। विधायक दल की बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पांचों महिला विधायक अपने-अपने तरीके से सदन में मुद्दा उठाएंगी और सरकार को घेरने का काम करेंगी।
Nari Shakti Vandan Act: भाजपा विधायक दल की बैठक शुरू
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भाजपा विधायक दल की बैठक को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान वारिष्ठ विधायक व भाजपा प्रदेशध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ,उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा एवं विधायक दल के महामंत्री शैलेन्द्र जैन मंचासीन रहे। बैठक का संचालन संसदीय कार्य मंत्री एवं मुख्य सचेतक कैलाश विजयवर्गीय ने किया।वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की तरफ से शोकाकुल परिवारों के लिए संवेदना प्रकट की. सदन ने 2 मिनट मौन रह कर श्रद्धांजलि दी। दिवंगतों के सम्मान में सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित।

कमेंट
कमेंट X