Rajasthan Budget 2026: 6,000 वरिष्ठ नागरिकों को पशुपतिनाथ के दर्शन कराएगी राज्य सरकार
Rajasthan Budget 2026-27: राजस्थान विधानसभा में डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट पेश किया है। इसमें नई नौकरियों की घोषणा की गईं हैं। वहीं मकानों का पंजीयन सस्ता किया गया है। इसके अळावा पर्यटन,कृषि समेत अनेक क्षेत्रों में कई घोषणाएं की गई है। अरावली से लगी भूमि पर बाउंड्री वॉल बनाने का भी प्रस्ताव पेश किया है।
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बजट जनकल्याणकारी और विकासोन्मुखी- सी.पी. जोशी
चित्तौड़गढ़ सांसद एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने राजस्थान सरकार द्वारा वित्त मंत्री दिया कुमारी के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट को जनकल्याणकारी, विकासोन्मुखी एवं दूरदर्शी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘सर्व सुखाय, सर्व हिताय’ की भावना के अनुरूप हर वर्ग का ध्यान रखने वाला सर्वस्पर्शी बजट है।
राजस्थान सरकार के बजट 2026 को एक नजर में समझिए
- खुरी, जैसलमेर में अल्ट्रा लक्ज़री विशेष पर्यटन क्षेत्र (STZ) की स्थापना की जाएगी।
- कुलधरा में पर्यटकों के लिए सुविधा केंद्र की स्थापना।
- पुष्कर, खाटू श्याम जी, देशनोक, डिग्गी एवं मंडावा में प्रवेश मार्गों को मॉडल सड़कों के रूप में विकसित करते हुए सौंदर्यीकरण के माध्यम से पर्यटक एवं तीर्थयात्री सुविधाओं हेतु प्रावधान
- भरतपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से ब्रज कन्वेंशन सेंटर की स्थापना।
- राज्यभर में चिन्हित बावड़ियों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार (रिस्टोरेशन) के कार्य किए जाएंगे।
- शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के अंतर्गत झुंझुनूं, सीकर एवं चूरू जिलों की 660 से अधिक हवेलियों में फसाड इम्प्रूवमेंट, स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएंगे तथा पर्यटन इकाई के रूप में विकसित करने हेतु इच्छुक हवेली मालिकों को वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- शेखावाटी क्षेत्र की हवेलियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने हेतु यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास किए जाएंगे।
- पश्चिमी राजस्थान में जैसलमेर, बीकानेर, जालोर, जोधपुर एवं बाड़मेर को जोड़ते हुए थार सांस्कृतिक सर्किट विकसित किया जाएगा।
- झुंझुनूं में वॉर म्यूज़ियम की स्थापना की जाएगी।
- वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत 6,000 वरिष्ठ नागरिकों को हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ (काठमांडू) सहित अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाएगी तथा 50,000 वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेन द्वारा विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाएगी।
- ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु होमस्टे संचालकों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान (इंटरेस्ट सब्सिडी) प्रदान की जाएगी।
- सांस्कृतिक एकीकरण को प्रोत्साहित करने हेतु संभाग स्तर पर लोक नृत्य महोत्सवों का आयोजन किया जाएगा।
- टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स (TAF) के कैडर के सौंदर्यीकरण, महिला कर्मियों की तैनाती तथा टूरिस्ट गाइड्स की सुविधाओं के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- प्रमुख त्योहारों जैसे होली, दीपावली आदि के अवसर पर मंदिरों में सौंदर्यीकरण एवं आरती जैसे आयोजनों हेतु प्रावधान।
- देवस्थान विभाग की रिक्त भूमि पर बीओटी मॉडल के माध्यम से धर्मशालाओं के विकास हेतु नई नीति बनाई जाएगी।
- सवाई माधोपुर एवं बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना की जाएगी।
अन्य राज्यों से गाड़ी लाकर राजस्थान में रजिस्ट्रेशन कराना हुआ सस्ता
सस्ता- अन्य राज्यों से गाड़ी लाना हुआ , अब 50% की भारी छूटसस्ता- रजिस्ट्रेशन टैक्स 50 फीसदी की छूट
सस्ता- अन्य राज्य से गैर-परिवहन वाहन का रजिस्ट्रेशन 50 फीसदी छूट
सस्ता-सभी तरह के ऋण स्टैंप ड्यूटी 0.125%
सस्ता- भारी मालवाहक वाहनों के लिए 'वन-टाइम पेमेंट
महंगा- पुराने वाहनों प ग्रीन टैक्स लगेगा
सस्ता-खातेदारी जमीन में खान आवंटन
4 जिलों में नए एयरपोर्ट की प्लानिंग
राजस्थान बजट में पर्यटन, धार्मिक स्थलों के विकास और हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की कई अहम घोषणाएं की गईं। जैसलमेर के खुड़ी में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म जोन विकसित किया जाएगा, जबकि कुलधरा में नया पर्यटन केंद्र स्थापित होगा। इसके साथ ही पश्चिमी रेगिस्तानी जिलों को जोड़ते हुए थार सांस्कृतिक सर्किट बनाया जाएगा, जिससे डेजर्ट टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भरतपुर में बृज कन्वेंशन सेंटर और झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम स्थापित करने की घोषणा की। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार बुजुर्गों को हवाई जहाज से तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं की मरम्मत करवाई जाएगी। साथ ही देवस्थान विभाग की जमीनों पर बीओटी (Build-Operate-Transfer) आधार पर नई धर्मशालाएं बनाई जाएंगी।
हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सीकर, झुंझुनूं, डीग और भरतपुर में नए एयरपोर्ट के लिए फिजिबिलिटी स्टडी करवाई जाएगी। वहीं सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) खोले जाएंगे। डिजिटल सशक्तिकरण के तहत 25 हजार महिलाओं और युवाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत किया जाएगा। साथ ही राज्य में नई आईटी पॉलिसी भी लागू की जाएगी।
एआई आधारित जन सेवा केंद्रों से बदलेगा सरकारी सेवा तंत्र
प्रदेश में एआई आधारित जन सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही नेक्स्ट जेनरेशन सर्विस रिफॉर्म लागू किया जाएगा। सरकार ‘वन्स ऑनली प्रिंसिपल’ लागू करेगी, जिसके तहत नागरिकों और उद्यमियों से किसी भी दस्तावेज की जानकारी केवल एक बार ही ली जाएगी। सभी प्रकार के प्रमाण पत्र और पंजीयन पूरी तरह ऑनलाइन किए जाएंगे। आमजन को 100 सरकारी सेवाएं व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्तमान में जनमित्र केंद्रों पर 60 सेवाएं उपलब्ध हैं। डिजिटल राजस्थान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नई डिजिटल पॉलिसी लाई जाएगी।
मानव संसाधन क्षेत्र की प्रमुख घोषणाएं
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा एवं रोजगार योजना के तहत 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस योजना के माध्यम से करीब 30 हजार युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
राज्य में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी का गठन किया जाएगा। साथ ही विभिन्न जिलों में ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। नशे की बढ़ती समस्या पर नियंत्रण के लिए जिला अस्पतालों में विशेष नशा मुक्ति वार्ड स्थापित किए जाएंगे, ताकि प्रभावित लोगों को बेहतर उपचार और परामर्श सुविधा मिल सके।
औद्योगिक विकास
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार ने प्रतिदिन 8 उद्योगों के लिए भूमि आबंटित की है। राज्य में नए औद्योगिक क्षेत्र बनेंगे। हर संभाग में प्लग एंड प्ले सुविधा निर्मित की जाएगी।
ऊर्जा के लिए सौगात
राज्य को ऊर्जा प्रदेश के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में राजस्थान में दो लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। सौर ऊर्जा क्षेत्र में 19,200 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है। बिजली वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए 220 केवी के 6, 132 केवी के 13 और 33 केवी के 110 जीएसएस (ग्रिड सब-स्टेशन) का निर्माण किया जाएगा। इससे प्रदेश का विद्युत वितरण नेटवर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।
पेयजल पर विशेष ध्यान
साल 2047 तक जल सुरक्षा का लक्ष्य रखा गया है। जलजीवन मिशन को गति दी जा रही है। 14 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन दिए गए हैं। बारां कोटा और झालावाड़ के लिए तीन हजार 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मुख्यमंत्री जलजीवन मिशन शहरी योजना का दायरा बढ़ाया गया है। 6545 गांवों को इसमें शामिल किया गया है पांच हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही अमृत 2.0 के तहत तीन लाख कनेक्शन जारी किए जाएंगे। बीकानेर के देशनोक में 24 घंटे पानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे।पिछली सरकार से 41 प्रतिशत बढ़ा अर्थव्यवस्था का आकार
दीया कुमारी ने कहा कि पिछली सरकार के वित्तीय कुपंबंधन से उबारने के साथ निवेश को प्रोत्साहन दिया है। सामाजिक आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा देने पिछली बार हरित बजट दिया था। 41.39 प्रतिशत बढ़कर 2026—27 में 21 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। प्रति व्यक्ति आय 1.68 लाख से बढ़कर 2 लाख 2 हजार के पार पहुंच जाएगी