Rajasthan Budget 2026: बजट पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार को घेरा, बोले- नीरस और दिशाहीन है तीसरा बजट
Rajasthan Budget 2026-27: नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान सरकार के तीसरे बजट को नीरस और दिशाहीन बताया। उन्होंने घोषणाओं में प्रावधान की कमी, बढ़ते कर्ज, अधूरी योजनाओं और शिक्षा-स्वास्थ्य की समस्याओं पर सवाल उठाते हुए सरकार से वास्तविक प्रगति बताने की मांग की।
विस्तार
राजस्थान विधानसभा में पेश बजट पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भजनलाल सरकार के तीसरे बजट को ‘नीरस, दिशाहीन और जनता को गुमराह करने वाला’ बताया। जूली ने कहा कि जिन घोषणाओं को लागू करने की बात कही जा रही है, उनके लिए बजट में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना बजट प्रावधान के योजनाएं कैसे लागू होंगी।
रूटीन घोषणाओं का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि बजट की लगभग 70–75 प्रतिशत घोषणाएं रूटीन प्रकृति की हैं, जिनमें सामाजिक सुरक्षा, पेयजल और अन्य पुरानी योजनाएं शामिल हैं। जल जीवन मिशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 14 लाख कनेक्शन देने का दावा किया जा रहा है, जबकि इनमें से 10 लाख से अधिक कनेक्शन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किए गए थे। उनके अनुसार सरकार पुरानी उपलब्धियों को अपना बताकर भ्रम फैला रही है।
पूर्व घोषणाओं की प्रगति पर सवाल
जूली ने कहा कि पिछली बजट घोषणाओं में से केवल 30 प्रतिशत ही पूरी हुई हैं, जबकि 30 प्रतिशत पर काम शुरू नहीं हुआ है और शेष घोषणाएं अधूरी हैं। उन्होंने रिफाइनरी परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि अगस्त में इसे शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन फरवरी आने को है और प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
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राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता
आर्थिक स्थिति को लेकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान को कर्ज में डुबो दिया गया है। उन्होंने बताया कि एफआरबीएम सीमा 37 प्रतिशत है और कर्ज 36.8 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। जूली ने आरोप लगाया कि पिछले तीन बजटों में जितना कर्ज लिया गया, उतना 50 वर्षों में भी नहीं लिया गया था।
शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सवाल
शिक्षा क्षेत्र में जूली ने कहा कि प्रदेश में 41 हजार से अधिक स्कूल जर्जर स्थिति में हैं, जबकि बजट में केवल 2,500 स्कूलों की मरम्मत की बात की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में उन्होंने कहा कि चिरंजीवी योजना का भुगतान रुका हुआ है, जिसके कारण कई अस्पताल योजना से बाहर हो गए हैं।
अन्य मुद्दों पर भी उठाए प्रश्न
पेपर लीक, बेरोजगारी, सड़क हादसों और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बजट में हर वर्ग गायब है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार अब ट्रबल इंजन बन चुकी है। अंत में उन्होंने मांग की कि सरकार घोषणाओं की वास्तविक प्रगति सार्वजनिक करे और जमीन पर काम करके दिखाए।
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