6.10 लाख करोड़ का राजस्थान बजट: 8वें वेतन आयोग और 30 हजार युवाओं को ब्याज मुक्त लोन समेत जयपुर पर बड़ा फोकस
Rajasthan Budget 2026-27 Highlights: राजस्थान सरकार ने 6.10 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर 8वें वेतन आयोग के लिए हाईपावर कमेटी, 30 हजार युवाओं को ब्याज मुक्त लोन, किसानों को सस्ती बिजली व कर्ज, स्वास्थ्य विस्तार और जयपुर में ट्रैफिक व इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की घोषणाएं की हैं।
विस्तार
राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को भजनलाल शर्मा सरकार का लगातार तीसरा पूर्ण बजट पेश किया। करीब 2 घंटे 52 मिनट के भाषण में उन्होंने 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। बजट में सरकारी कर्मचारियों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, स्वास्थ्य, पेयजल, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण से जुड़े कई बड़े एलान किए गए।
कर्मचारियों के लिए घोषणा
बजट में कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लागू करने की दिशा में हाईपावर कमेटी गठित करने की घोषणा की है। हालांकि उनकी लंबित मांगों को लेकर बजट में कोई घोषणा नहीं की गई। इसे लेकर कर्मचारियों में निराशा भी नजर आई।
युवाओं के लिए घोषणा
दूसरी बड़ी घोषणा भर्ती परीक्षाओं को लेकर हुई। इसमें सरकार ने नई नौकरियों का एलान तो नहीं किया, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी स्थापित किए जाने का एलान किया गया। युवाओं को राहत देते हुए सरकार ने 30 हजार युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन देने की घोषणा की है। इसके साथ ही स्कूली बच्चों को खेल किट और “जादुई पिटारा” वितरित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए घोषणा
स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए सरकार ने घोषणा की कि जिन मरीजों के पास दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें भी प्रदेश में मुफ्त इलाज मिलेगा। जयपुर के जे.के. लोन हॉस्पिटल में 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का आईपीडी टॉवर बनाया जाएगा। RUHS में 200 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू और ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित होगा, जबकि सवाई मानसिंह अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया जाएगा।
किसानों के लिए घोषणा
किसानों के लिए बजट में बड़े प्रावधान किए गए हैं। 35 लाख किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त फसली कर्ज दिए जाएंगे। 5 लाख पशुपालकों को दूध बोनस के लिए 700 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। 50 हजार सोलर पंप लगाए जाएंगे, जिस पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 36 हजार फार्म पॉन्ड और 8000 डिग्गियां बनाई जाएंगी तथा 50 हजार किसानों को तारबंदी के लिए अनुदान दिया जाएगा। चूरू सहित खारे पानी वाले क्षेत्रों में झींगा पालन के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। हथनी कुंड से शेखावाटी तक यमुना जल लाने के लिए 32 हजार करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की जाएगी। कृषि बजट 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष से 7.59 प्रतिशत अधिक है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए घोषणा
इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन क्षेत्र में 1800 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कें और पुल बनाए जाएंगे। अगले वर्ष 15 नए रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज बनाए जाएंगे। 4 जिलों में एयरपोर्ट निर्माण के लिए सर्वे कराया जाएगा। प्रदेश में 250 ईवी चार्जिंग स्टेशन और 60 सीएनजी स्टेशन खोले जाएंगे। अन्य राज्यों से लाए गए वाहनों पर टैक्स में कमी की गई है।
पर्यावरण के लिए घोषणा
पर्यावरण संरक्षण के तहत अरावली क्षेत्र में 130 करोड़ रुपये खर्च कर दीवार, जलसंरचना और बीजारोपण कार्य किए जाएंगे। 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सोलर प्लांट की जमीन के 10 प्रतिशत हिस्से में वृक्षारोपण अनिवार्य किया गया है। 1000 करोड़ रुपये का लैंड बैंक बनाया जाएगा। 16 जिलों में मॉडर्न ऑक्सी जोन विकसित होंगे और हर पंचायत में “नमो वन” स्थापित किए जाएंगे।
पढ़ें- Rajasthan Budget 2026: बजट पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार को घेरा, बोले- नीरस और दिशाहीन है तीसरा बजट
बजट में जयपुर पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करते हुए राजधानी जयपुर के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। बजट भाषण पढ़ते हुए वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बताया कि पिछले दो बजटों की तरह इस बार भी जयपुर को विशेष प्राथमिकता दी गई है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधार से लेकर स्वास्थ्य, खेल, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे तक कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
ट्रैफिक जाम से राहत के लिए 1 हजार करोड़ रुपये
जयपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए 1 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कार्य कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) के तहत किया जाएगा। इसके अंतर्गत ट्रैफिक सिग्नल, चौराहों, जंक्शन और प्रमुख सड़कों का पुन: डिजाइन और उन्नयन किया जाएगा।
ड्रेनेज सिस्टम पर 500 करोड़ रुपये
बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा विस्तार
जे.के. लोन हॉस्पिटल में 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का नया आईपीडी टॉवर बनाया जाएगा। RUHS अस्पताल में 200 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू (NICU) और उपचार केंद्र स्थापित होगा। सवाई मानसिंह अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य उपचार के लिए सेंटर फॉर एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा।
शिक्षा, खेल और विज्ञान को बढ़ावा
जयपुर साइंस पार्क में स्पेस गैलरी और चिल्ड्रन गैलरी स्थापित की जाएगी। महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
अन्य प्रमुख घोषणाएं
जयपुर सेंट्रल जेल भवन का विस्तार किया जाएगा। जयपुर डेयरी (सरस) के उत्पादों की बिक्री के लिए दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में नए आउटलेट खोले जाएंगे। शहर में ऑक्सीजोन विकसित किया जाएगा, जहां बड़े स्तर पर पौधारोपण कर लघु वन क्षेत्र तैयार किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इन घोषणाओं से जयपुर में ट्रैफिक व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
पढ़ें- Rajasthan Budget: 'विकसित एवं उन्नत राजस्थान की संकल्पना को साकार करने वाला सर्वस्पर्शी बजट', बोले सीपी जोशी
राजस्थान बजट 2026-27 में प्रमुख वित्तीय संकेतक
- अनुमानित राजस्व प्राप्तियां: 3,25,740.13 करोड़ रुपये
- अनुमानित राजस्व व्यय: 3,50,054.07 करोड़ रुपये
- अनुमानित राजस्व घाटा: 24,313.93 करोड़ रुपये
- अनुमानित राजकोषीय घाटा: 79,492.52 करोड़ रुपये (जो कि GSDP का 3.69% है)
राज्य की आय के प्रमुख स्रोत
- राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) – 11.86%
- राज्य उत्पाद शुल्क – 3.44%
- वाहन कर – 1.80%
- अन्य कर एवं शुल्क – 3.99%
- बिक्री कर – 5.53%
- गैर-कर राजस्व – 4.65%
- केंद्र से अनुदान – 7.23%
- केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा – 14.80%
- आंतरिक उधारी, केंद्रीय ऋण, ऋण वसूली एवं अन्य पूंजीगत प्राप्तियां – 46.70%
बजट में खर्च का ब्योरा
- आंतरिक ऋण एवं केंद्रीय ऋण की अदायगी – 33.61%
- ऋण एवं अग्रिम – 0.26%
- राजस्व व्यय – 50.15%
- ब्याज भुगतान – 7.14%
- पूंजीगत व्यय – 8.84%