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Hartalika Teej 2026 Live: हरतालिका तीज पर ऐसे करें शिव-पार्वती की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, विधि और आरती

Mon, 14 Sep 2026 02:57 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 14 Sep 2026 02:57 PM IST
खास बातें

Hartalika Teej 2026 Puja Muhurat in Hindi: आज सोमवार को हरतालिका तीज का व्रत रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से किया जाता है। इस अवसर पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं। आइए जानते हैं हरतालिका तीज की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और व्रत से जुड़ी जरूरी जानकारी।

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Hartalika Teej Vrat 2026 Live Puja Samagri Vidhi Shubh Muhurat Mantra Katha and Wishes Updates
हरतालिका तीज 2026 - फोटो : amar ujala

लाइव अपडेट

02:56 PM, 14-Sep-2026

हरतालिका तीज की क्या है पूजा विधि

आज गणेश चतुर्थी तिथि पर हरतालिका तीज का भी त्योहार है। यह पर्व पति-पत्नी के अटूट रिश्तों का त्योहार है। इसमें सुहागिन महिलाएं बालू और मिट्टी से शिव-पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति बनाते हुए उनकी विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना करती हैं। इसमें  रोली,चावल,पुष्प,बेलपत्र,नारियल ,दूर्वा,मिठाई आदि से भगवान का भक्ति भाव से पूजन करें। इसके बाद हरितालिका तीज व्रत की कथा सुनें या पढ़ें। आरती करने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्ति करती हैं। 
 
02:27 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej 2026 : हरतालिका तीज पर मां गौरी को क्यों चढ़ाते है सिंदूर ?

हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं मां पार्वती की पूजा करने के दौरान उन्हे सुहाग की सामग्री अर्पित करती हैं, इसमें सिंदूर का विशेष महत्व होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं भक्ति और श्रद्धा से मां गौरी की मांग में सिंदूर भरती है। ऐसी मान्यता हैं कि इससे जीवन में सुख-शांति और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। 
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02:11 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Paaran: तालिका तीज व्रत का पारण कब करें?

  • हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखा जा रहा है।
  • धार्मिक परंपरा के अनुसार, व्रत का पारण अगले दिन यानी 15 सितंबर की सुबह स्नान और पूजा के बाद किया जाता है।
  • व्रती महिलाएं सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • स्नान के बाद भगवान शिव और माता पार्वती का विधि-विधान से पूजन करें। पूजा के अंत में आरती करें और व्रत पूरा होने की प्रार्थना करें।
  • पूजा और आरती संपन्न होने के बाद सबसे पहले जल ग्रहण करके व्रत खोलने की परंपरा है।
  • जल पीने के बाद प्रसाद ग्रहण करें और इसके बाद हल्का व सात्विक भोजन करें। लंबे निर्जला व्रत के बाद भोजन धीरे-धीरे करना बेहतर माना जाता है।
02:06 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती को क्या चढ़ाएं?

  • भगवान शिव को अर्पित करें: शिवलिंग पर जल या पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
  • माता पार्वती को चढ़ाएं: माता पार्वती को सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी और चुनरी जैसी सुहाग सामग्री अर्पित करने की परंपरा है।
  • फल और मिठाई का भोग: पूजा के अंत में भगवान शिव और माता पार्वती को मौसमी फल और मिठाई का भोग लगाएं।
  • श्रद्धा से करें पूजन: धार्मिक मान्यता के अनुसार, हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती को श्रद्धापूर्वक सामग्री अर्पित कर सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है।
02:00 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej 2026 Mantra:  हरतालिका तीज पर करें इन मंत्रों का जाप

माता पार्वती के मंत्र

  • ॐ उमायै नमः।
  • ॐ पार्वत्यै नमः।
  • ॐ जगद्धात्र्यै नमः।

भगवान शिव के मंत्र

  • ॐ नमः शिवाय।
  • ॐ महेश्वराय नमः।
  • ॐ शंभवे नमः।
  • ॐ पशुपतये नमः।
01:56 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Aarti:माता पार्वती की आरती

जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुणगु गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधुजहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
शुम्भ निशुम्भ विदारेहेमांचल स्याता
सहस भुजा तनुधरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन मेंरंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।
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01:52 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Puja Time: हरतालिका तीज पर किस समय करें पूजा?

  • हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए सुबह का समय विशेष शुभ माना जाता है।
  • व्रती महिलाएं स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद सुबह शिव-पार्वती का पूजन कर सकती हैं।
  • अगर किसी वजह से सुबह पूजा करना संभव न हो, तो शाम के समय भी पूजा की जा सकती है।
  • प्रदोष काल में शिव-पार्वती की पूजा करना शुभ माना जाता है।
  • इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती को पूजन सामग्री अर्पित कर व्रत कथा का पाठ या श्रवण करें और अंत में आरती करें।
  • धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा में समय के साथ श्रद्धा और विधि-विधान का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।
01:44 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Puja Vidhi: हरतालिका तीज पर करें शिव-पार्वती का पूजन

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा के स्थान को साफ करके तैयार करें।
  • चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
  • भगवान शिव को जल और पंचामृत से स्नान कराएं। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
  • माता पार्वती को कुमकुम, सिंदूर, हल्दी, अक्षत, फूल और सुहाग से जुड़ी सामग्री चढ़ाएं।
  • भगवान शिव और माता पार्वती को फल और मिठाई का भोग अर्पित करें। इसके बाद पूजा स्थल पर धूप और दीप जलाएं।
  • पूजा के दौरान हरतालिका तीज की व्रत कथा का पाठ करें या कथा सुनें।
  • अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें और सुखी दांपत्य जीवन, पति की लंबी आयु तथा परिवार की खुशहाली की कामना करें।
12:52 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Puja Muhurat: हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए सुबह 5:35 बजे से 7:06 बजे तक का समय शुभ रहेगा। वहीं, शाम के प्रदोष काल में पूजा के लिए शाम 5:09 बजे से 6:39 बजे तक का समय निर्धारित है। शास्त्रों में प्रदोष काल को सूर्यास्त से करीब 45 मिनट पहले शुरू होने वाला और सूर्यास्त के लगभग 45 मिनट बाद तक रहने वाला माना गया है। रांची में सूर्यास्त का समय करीब शाम 5:54 बजे बताया गया है, जबकि मिथिला पंचांग के अनुसार सूर्यास्त शाम 6:07 बजे होगा। 

12:37 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज व्रत कथा

पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। कहा जाता है कि पूर्वजन्म में वे राजा दक्ष की पुत्री सती थीं। उन्होंने अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध भगवान शिव से विवाह किया था। बाद में पिता के यज्ञ में भगवान शिव का अपमान होने से दुखी होकर सती ने अपने प्राण त्याग दिए।

इसके बाद सती ने पर्वतराज हिमालय के घर पार्वती के रूप में जन्म लिया। बचपन से ही माता पार्वती की इच्छा भगवान शिव को पति रूप में पाने की थी। इसके लिए उन्होंने कठिन तपस्या शुरू कर दी। उनकी तपस्या को देखकर पर्वतराज हिमालय चिंतित हो गए।

इसी दौरान देवर्षि नारद पार्वती के विवाह का प्रस्ताव लेकर पर्वतराज हिमालय के पास पहुंचे। हिमालय ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। जब माता पार्वती को इस बात का पता चला, तो वे बहुत दुखी हुईं। उन्होंने अपनी सखियों को मन की बात बताई। इसके बाद सखियां उन्हें एक गुप्त स्थान पर ले गईं, जहां उन्होंने भगवान शिव को पाने के लिए तपस्या करने का निर्णय लिया।

माता पार्वती ने वहां रेत से शिवलिंग बनाया और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना शुरू कर दी। उन्होंने कठिन तप किया और रात्रि जागरण करते हुए शिव का ध्यान किया। उनकी भक्ति और तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव उनके सामने प्रकट हुए और वर मांगने को कहा।

तब माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने की इच्छा व्यक्त की। उनकी तपस्या से प्रसन्न महादेव ने उनकी इच्छा स्वीकार कर उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती की इसी कठोर तपस्या और शिव को पति रूप में प्राप्त करने की कथा से हरतालिका तीज व्रत की परंपरा जुड़ी हुई है।

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