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Hartalika Teej 2026 Live: हरतालिका तीज पर मां गौरी को क्यों चढ़ाते हैं सिंदूर ? संपूर्ण पूजन विधि और मुहूर्त

Mon, 14 Sep 2026 03:45 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 14 Sep 2026 03:45 PM IST
खास बातें

Hartalika Teej 2026 Puja Muhurat in Hindi: आज सोमवार को हरतालिका तीज का व्रत रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना से किया जाता है। इस अवसर पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करती हैं। आइए जानते हैं हरतालिका तीज की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और व्रत से जुड़ी जरूरी जानकारी।

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Hartalika Teej Vrat 2026 Live Puja Samagri Vidhi Shubh Muhurat Mantra Katha and Wishes Updates
हरतालिका तीज 2026 - फोटो : amar ujala

लाइव अपडेट

03:45 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Puja Muhurat 2026:  हरतालिका तीज प्रदोष काल पूजा मुहूर्त 

हरतालिका तीज पर कई जगहों पर प्रदोष काल में पूजा करने का विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार आज के दिन प्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर रात 08 बजकर 22 मिनट तक चलेगा। जिसमें सुगाहिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करेंगे। 
03:23 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Vrat Katha:  हरतालिका तीज व्रत की कथा

आज हरतालिका तीज है, यह पर्व सुहागिन महिलाएं अपने पति की सुख-समृद्धि और लंबी आयु के लिए रखती हैं। हरतालिका तीज मां पार्वती और भगवान शिव के मिलन की कथा के रूप में हर मनाई जाती है।  पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती अपने कई जन्मों से भगवान शिव को पति के रूप में पाना चाहती थी। इसके लिए उन्होंने हिमालय पर्वत के गंगा तट पर बाल अवस्था में अधोमुखी होकर तपस्या की थी। 

माता पार्वती बिना अन्न और जल का भी सेवन किए तपस्या में लीन रहती थी, तब देवी पार्वती को इस अवस्था में देखकर उनके माता पिता बहुत दुखी रहते थे। एक दिन देवऋषि नारद भगवान विष्णु की तरफ से पार्वती जी के विवाह के लिए प्रस्ताव लेकर उनके पिता के पास गए। पार्वती जी के पिता ने तुरंत ही इस प्रस्ताव के लिए हां कर दी। जब माता पार्वती को उनके पिता ने उनके विवाह के बारे में बताया तो वह काफी दुखी हो गई।

अपने विवाह की बात को एक सखी से माता पार्वती ने बताया कि पार्वती जी शिव जी को पति रूप में पाने के लिए तप कर रही हैं। लेकिन उनके पिता चाहते की पार्वती का विवाह विष्णु जी से हो जाए। इस पर उनकी उस सहेली ने माता पार्वती को वन में जाने कि सलाह दी। 

तब अपनी सखा की बात को मान कर माता पार्वती ने ऐसा ही किया और वो एक गुफा में जाकर भगवान शिव की तपस्या में लीन हो गई थी। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन माता पार्वती ने रेत से शिवलिंग का बनाया और शिव जी की स्तुति करने लगी। इतनी कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव ने माता पार्वती को दर्शन दिए और उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार कर लिया।
 
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02:56 PM, 14-Sep-2026

हरतालिका तीज की क्या है पूजा विधि

आज गणेश चतुर्थी तिथि पर हरतालिका तीज का भी त्योहार है। यह पर्व पति-पत्नी के अटूट रिश्तों का त्योहार है। इसमें सुहागिन महिलाएं बालू और मिट्टी से शिव-पार्वती और भगवान गणेश की मूर्ति बनाते हुए उनकी विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना करती हैं। इसमें  रोली,चावल,पुष्प,बेलपत्र,नारियल ,दूर्वा,मिठाई आदि से भगवान का भक्ति भाव से पूजन करें। इसके बाद हरितालिका तीज व्रत की कथा सुनें या पढ़ें। आरती करने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्ति करती हैं। 
 
02:27 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej 2026 : हरतालिका तीज पर मां गौरी को क्यों चढ़ाते है सिंदूर ?

हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं मां पार्वती की पूजा करने के दौरान उन्हे सुहाग की सामग्री अर्पित करती हैं, इसमें सिंदूर का विशेष महत्व होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं भक्ति और श्रद्धा से मां गौरी की मांग में सिंदूर भरती है। ऐसी मान्यता हैं कि इससे जीवन में सुख-शांति और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। 
02:11 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Paaran: तालिका तीज व्रत का पारण कब करें?

  • हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखा जा रहा है।
  • धार्मिक परंपरा के अनुसार, व्रत का पारण अगले दिन यानी 15 सितंबर की सुबह स्नान और पूजा के बाद किया जाता है।
  • व्रती महिलाएं सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • स्नान के बाद भगवान शिव और माता पार्वती का विधि-विधान से पूजन करें। पूजा के अंत में आरती करें और व्रत पूरा होने की प्रार्थना करें।
  • पूजा और आरती संपन्न होने के बाद सबसे पहले जल ग्रहण करके व्रत खोलने की परंपरा है।
  • जल पीने के बाद प्रसाद ग्रहण करें और इसके बाद हल्का व सात्विक भोजन करें। लंबे निर्जला व्रत के बाद भोजन धीरे-धीरे करना बेहतर माना जाता है।
02:06 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती को क्या चढ़ाएं?

  • भगवान शिव को अर्पित करें: शिवलिंग पर जल या पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
  • माता पार्वती को चढ़ाएं: माता पार्वती को सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी और चुनरी जैसी सुहाग सामग्री अर्पित करने की परंपरा है।
  • फल और मिठाई का भोग: पूजा के अंत में भगवान शिव और माता पार्वती को मौसमी फल और मिठाई का भोग लगाएं।
  • श्रद्धा से करें पूजन: धार्मिक मान्यता के अनुसार, हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती को श्रद्धापूर्वक सामग्री अर्पित कर सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है।
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02:00 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej 2026 Mantra:  हरतालिका तीज पर करें इन मंत्रों का जाप

माता पार्वती के मंत्र

  • ॐ उमायै नमः।
  • ॐ पार्वत्यै नमः।
  • ॐ जगद्धात्र्यै नमः।

भगवान शिव के मंत्र

  • ॐ नमः शिवाय।
  • ॐ महेश्वराय नमः।
  • ॐ शंभवे नमः।
  • ॐ पशुपतये नमः।
01:56 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Aarti:माता पार्वती की आरती

जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुणगु गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधुजहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
शुम्भ निशुम्भ विदारेहेमांचल स्याता
सहस भुजा तनुधरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन मेंरंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।
01:52 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Puja Time: हरतालिका तीज पर किस समय करें पूजा?

  • हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए सुबह का समय विशेष शुभ माना जाता है।
  • व्रती महिलाएं स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद सुबह शिव-पार्वती का पूजन कर सकती हैं।
  • अगर किसी वजह से सुबह पूजा करना संभव न हो, तो शाम के समय भी पूजा की जा सकती है।
  • प्रदोष काल में शिव-पार्वती की पूजा करना शुभ माना जाता है।
  • इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती को पूजन सामग्री अर्पित कर व्रत कथा का पाठ या श्रवण करें और अंत में आरती करें।
  • धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा में समय के साथ श्रद्धा और विधि-विधान का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।
01:44 PM, 14-Sep-2026

Hartalika Teej Puja Vidhi: हरतालिका तीज पर करें शिव-पार्वती का पूजन

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा के स्थान को साफ करके तैयार करें।
  • चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
  • भगवान शिव को जल और पंचामृत से स्नान कराएं। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
  • माता पार्वती को कुमकुम, सिंदूर, हल्दी, अक्षत, फूल और सुहाग से जुड़ी सामग्री चढ़ाएं।
  • भगवान शिव और माता पार्वती को फल और मिठाई का भोग अर्पित करें। इसके बाद पूजा स्थल पर धूप और दीप जलाएं।
  • पूजा के दौरान हरतालिका तीज की व्रत कथा का पाठ करें या कथा सुनें।
  • अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें और सुखी दांपत्य जीवन, पति की लंबी आयु तथा परिवार की खुशहाली की कामना करें।
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