Ram Mandir Flag Hoisting Live: 'ये ध्वज सदियों के सपने साकार होने का प्रतीक...', धर्म ध्वजारोहण कर बोले पीएम
Ram Mandir Dhwajarohan, PM Modi in Ayodhya Live Updates : अभिजीत मुहूर्त के शुभ समय में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवा ध्वज फहराया। इस दौरान जय श्री राम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इससे पहले पीएम ने सरसंघचालक के साथ मिलकर सभी मंदिरों में दर्शन-पूजा की। आगे पढ़ें और जानें हर अपडेट...
लाइव अपडेट
विशेष विमान से दिल्ली के लिए रवाना हुए पीएम
राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन्मभूमि परिसर से निकल गए। साकेत कॉलेज में बने हेलीपैड से हेलीकॉप्टर से एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट से विशेष विमान से दिल्ली के लिए रवाना हुए।10 वर्षों में मानसिक गुलामी से मुक्ति दिलाकर रहेंगे-पीएम
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि धर्म ध्वजा पर कोविदार वृक्ष बना है। जब भरत अपनी सेना के साथ चित्रकूट पहुंचे, तब लक्ष्मण ने दूर से ही अयोध्या की सेना को पहचान लिया। इसका वर्णन वाल्मीकि जी ने किया है। लक्ष्मण कहते हैं कि सामने जो ध्वज दिख रहा है, वह अयोध्या का धर्म ध्वज है, जिस पर कोविदार वृक्ष बना है। यह वृक्ष अपने को याद दिलाता है कि जब हम इसे भूलते हैं, तब अपनी पहचान खो देते हैं। आज से 190 साल पहले 1835 में मैकाले नाम के एक अंग्रेज ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी। आने वाले 10 वर्षों में उसके 200 साल होने वाले हैं। हमने संकल्प लिया है कि आने वाले 10 वर्षों में हम मानसिक गुलामी की मानसिकता से मुक्ति दिलाकर रहेगें।मानसिक गुलामी ने राम को भी काल्पनिक बता दिया
पीएम ने आगे कहा कि अभी गुलामी की इस मानसिकता ने डेरा डाला हुआ है। हमने नौसेना के ध्वज से गुलामी की मानसिकता को हटाया। ये गुलामी की मानसिकता ही है, जिसने राम को नकारा है। भारतवर्ष के कण-कण में भगवान राम हैं। लेकिन, मानसिक गुलामी ने राम को भी काल्पनिक बता दिया। आने वाले एक हजार वर्ष के लिए भारत की नींव तभी मजबूत होगी, जब आने वाले 10 साल में हम मैकाले की मानसिक गुलामी से छुटकारा पा लेंगे। 21वीं सदी की अयोध्या विकसित भारत का मेरुदंड बनकर उभर रही है।उन्होंने कहा कि अयोध्या में आज शानदार रेलवे स्टेशन है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें हैं। जब से रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है, तब से 45 करोड़ श्रद्धालु यहां दर्शन को आ चुके हैं। इससे अयोध्या व आसपास के लोगों का आर्थिक विकास हुआ है। 21वीं सदीं का आने वाला समय काफी महत्वपूर्ण है। पिछले 11 साल में भारत विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था बन गया है। वह दिन दूर नहीं जब भारत जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था बन जाएगा।
सियावर रामचंद्र के जयघोष के साथ पीएम का संबोधन शुरू
पीएम ने कहा कि हम ऐसा समाज बनाएं, जहां कोई गरीब न हो। कोई पीड़ित न हो। यह ध्वज युगों-युगों तक श्री राम के आदर्शों और प्रेरणाओं को मानव मात्र तक पहुंचाएगा। उन्होंने राम मंदिर के लिए दान देने वाले हर दानवीर के साथ श्रमवीर, कारीगर, योजनाकार, वास्तुकारों का अभिनंदन किया। कहा कि यही वह नगरी है, जहां से श्रीराम ने अपना जीवन पथ शुरू किया था।
राम को शक्ति नहीं सहयोग महान लगता है
उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए समाज की सामूहिक शक्ति की आवश्यकता है। अयोध्या में सप्त मंदिर बने हैं। यहां निषाद राज का मंदिर बना है, जो साधन नहीं साध्य और उसकी भवानाओं की पूजा को दर्शाता है। यहां जटायु जी और गिलहरी की भी मूर्ति है, जो बड़े संकल्प की सिद्धि के लिए हर छोटे से छोटे प्रयास को दिखाती है। राम को शक्ति नहीं सहयोग महान लगता है। आज हम भी उसी भावना से आगे बढ़ रहे हैं। आज युवा, वंचित, किसान और महिलाओं सभी का ध्यान रखा जा रहा है। 2047 में जब हम आजादी के 100 वर्ष मनाएंगे, तब तक हमें विकसित भरात का निर्माण करना ही होगा।हमें अपने अंदर राम को जगाना होगा
पीएम ने आगे कहा कि हमें वर्तमान के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के बारे में भी सोचना है। हमें दूर दृष्टि के साथ काम करना होगा। क्योंकि, जब हम नहीं थे, यह देश तब भी था, जब हम नहीं होंगे यह देश तब भी होगा। इसके लिए राम को देखना होगा। राम यानी जनता के सुख को सर्वोपरि रखना होगा। राम यानि विवेक की पराकाष्ठा। राम यानि कोमलता में दृढ़ता। राम यानि श्रेष्ठ संगति का चयन। राम यानि सत्य का अडिग संकल्प। राम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक मर्यादा हैं, एक दिशा हैं। यदि समाज को सामर्थ्यवान बनाना है, तो हमें अपने अंदर राम को जगाना होगा। इस संकल्प के लिए आज से बेहतर दिन क्या होगा।आज हम सबके लिए सार्थकता का दिन- मोहन भागवत
दुनिया को सच्चाई आधारित 'धर्म' देने वाला भारत बनाना है
सरसंघचालक ने आगे कहा कि हिंदू समाज ने 500 साल में अपनी ओनरशिप साबित की। अब रामलला यहां आए और मंदिर बना। हमें एक ऐसा भारत बनाना है जो दुनिया को सच्चाई पर आधारित 'धर्म' दे। हमें ऐसा भारत बनाना है जो इस 'धर्म', इस ज्ञान को पूरी दुनिया में फैलाए। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।उन्होंने कहा कि राम मंदिर को देखकर और इससे प्रेरणा लेते हुए, हमें चुनौतियों का सामना करते हुए भी इसके लिए एकजुट होकर काम करते रहना है। दुनिया एक ऐसे भारत की उम्मीद करती है जो दुनिया में सभी के लिए खुशी और शांति फैलाए। एक ऐसा भारत जो लोगों को विकास के बारे में सिखाए। यह हमारा कर्तव्य है। आइए हम श्रीराम लला का नाम लें और इस प्रक्रिया को तेज करें।
सीएम योगी के संबोधन में दिखी नई उर्जा
धर्म, ईमानदारी, न्याय और 'राष्ट्र धर्म' का प्रतीक है यह भगवा झंडा
सीएम ने आगे कहा कि यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है। मैं उन सभी 'कर्मयोगियों' को बधाई देता हूं जिन्होंने इसके लिए अपना बलिदान दिया। यह झंडा इस बात का सबूत है कि धर्म की रोशनी अमर है। रामराज्य के सिद्धांत हमेशा रहने वाले हैं। जब 2014 में पीएम मोदी प्रधानमंत्री बने, तब करोड़ों भारतीयों के दिलों में जो आस्था जगी, वह अब इस भव्य राम मंदिर के रूप में दिखाई दे रही है। यह भगवा झंडा धर्म, ईमानदारी, सच्चाई, न्याय और 'राष्ट्र धर्म' का प्रतीक है।पीएम मोदी ने फहराया भगवा ध्वज
अभिजीत मुहूर्त के शुभ समय में श्रीराम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना की गई। पीएम नरेंद्र मोदी ने शिखर पर भगवा ध्वज फहराया।
ध्वज में कोविदारा वृक्ष की छवि के साथ 'ओम' अंकित
राम मंदिर के शिखर पर फराया जाने वाला ध्वज 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा, समकोण त्रिभुजाकार है। इस पर एक उज्ज्वल सूर्य की छवि है, जो भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक है, साथ ही कोविदारा वृक्ष की छवि के साथ इस पर 'ओम' अंकित है।थोड़ी देर में राम मंदिर के 'शिखर' पर भगवा झंडा फहराएंगे पीएम
#WATCH | Ayodhya Dhwajarohan | PM Narendra Modi will ceremonially hoist a saffron flag on the 'shikhar' of Shri Ram Janmbhoomi Temple in Ayodhya shortly.
— ANI (@ANI) November 25, 2025
The flag will rise atop a Shikhar constructed in the traditional North Indian Nagara architectural style, while the… pic.twitter.com/gz8zdpX4iU
पीएम ने मोहन भागवत के साथ रामलला के दरबार में नवाया शीश