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West Asia LIVE: 'जंग नहीं शांति ही समाधान', पीएम मोदी का विश्व को संदेश; सैन्य अभियान पर संयुक्त राष्ट्र सख्त
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यूक्रेन और पश्चिम एशिया संघर्ष पर पीएम ने दिया बड़ा बयान
ऑस्ट्रिया के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि मौजूदा समय में दुनिया एक गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रही है, जिसका असर सभी देशों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया दोनों इस बात पर सहमत हैं कि युद्ध और सैन्य कार्रवाई से समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। चाहे मामला यूक्रेन का हो या पश्चिम एशिया का, दोनों देश शांति के रास्ते को ही सबसे उपयुक्त मानते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए इन संस्थाओं का मजबूत और प्रासंगिक होना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दोहराते हुए कहा कि इसे खत्म करना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है।
34 साल बाद इस्राइल-लेबनान वार्ता संभव, ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस्राइल और लेबनान के नेता 34 साल बाद पहली बार आपस में बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह बातचीत गुरुवार को होने की संभावना है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों ने वाशिंगटन में दुर्लभ प्रत्यक्ष वार्ता की, जिसमें इज़राइल के हमलों को रोकने के मुद्दे पर चर्चा हुई।
हालांकि, इस कूटनीतिक पहल के बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सेना को दक्षिणी लेबनान में पूर्व की ओर अभियान और विस्तार करने के निर्देश दिए हैं। इस घटनाक्रम ने एक ओर जहां संभावित संवाद की उम्मीद जगाई है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।
ईरान में जहाज पर फंसा भारतीय युवक
केरल के हरिपाड के रहने वाले जेरिन जॉर्ज के माता-पिता ने गुरुवार को अपने बेटे की सुरक्षित घर वापसी के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई है। जॉर्ज पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से एक ईरानी जहाज पर फंसे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, जेरिन जॉर्ज करीब आठ महीने पहले काम के सिलसिले में घर से निकले थे और 3 मार्च तक लौटने की उम्मीद थी। लेकिन फरवरी में युद्ध छिड़ने के बाद उनका जहाज वापस ईरान चला गया और तब से वह वहीं फंसे हुए हैं।जॉर्ज की मां ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए भावुक होकर कहा, “मैं बस चाहती हूं कि मेरा बेटा सुरक्षित घर लौट आए।” उन्होंने बताया कि जहाज पर खाने-पीने की कमी है और जॉर्ज किसी तरह गुजारा कर रहे हैं। परिवार की उनसे केवल कुछ बार फोन पर बात हो पाई है, लेकिन वीडियो कॉल संभव नहीं हो सका।वहीं, जॉर्ज के पिता ने बताया कि उन्होंने बेटे की वापसी के लिए के. सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथलाको लिखित अनुरोध दिया है।
US प्रतिबंधों के बावजूद खाड़ी में दाखिल हुआ दूसरा सुपरटैंक
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित एक और सुपरटैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते खाड़ी में प्रवेश कर गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरएचएन नाम का यह वेरी लार्ज क्रूड कैरियर (VLCC) बुधवार को खाड़ी में दाखिल हुआ। समुद्री डेटा फर्म LSEG और Kpler के आंकड़ों के अनुसार, यह टैंकर फिलहाल खाली है और इसकी क्षमता लगभग 20 लाख बैरल तेल ढोने की है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह जहाज किस गंतव्य की ओर जा रहा है। इस बीच, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने दावा किया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद एक ईरानी सुपरटैंकर भी होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर इमाम खुमैनी बंदरगाह की ओर बढ़ा है।दक्षिणी लेबनान में भीषण झड़पें, इस्राइली एयरस्ट्राइक में अस्पताल क्षतिग्रस्त
दक्षिणी लेबनान में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं, जहां तड़के भीषण झड़पों और हवाई हमलों की खबर सामने आई है। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के मुताबिक, बिन्त जेबील शहर में हिजबुल्ला लड़ाकों और इस्राइली सेना के बीच सुबह-सुबह भारी संघर्ष शुरू हो गया। इस दौरान इस्राइल ने युद्धक विमानों और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया।रिपोर्ट के अनुसार, शहर के प्रवेश द्वारों और अल-मिहानिया इलाके में रुक-रुक कर झड़पें जारी हैं। वहीं, इस्राइली बलों ने शहर के ग्रैंड मार्केट के प्रवेश क्षेत्र में कई घरों को भी ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा, इस्राइली लड़ाकू विमानों ने टेबनाइन शहर पर हवाई हमला किया, जिससे स्थानीय अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा है। लगातार बढ़ती इन झड़पों और हमलों ने दक्षिणी लेबनान में हालात को और गंभीर बना दिया है।
ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 94.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेतों के बीच गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। व्हाइट हाउस ने कहा है कि उसे पश्चिम एशिया में जारी तनाव को खत्म करने के लिए ईरान के साथ नई वार्ता की संभावना को लेकर आशा है, जिसके बाद बाजार में नरमी देखी गई। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड की कीमत 44 सेंट यानी 0.5% गिरकर 94.49 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 70 सेंट यानी 0.8% टूटकर 90.59 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।दक्षिणी लेबनान में तबाही पर UN की कड़ी टिप्पणी
संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष मानवाधिकार विशेषज्ञ ने दक्षिणी लेबनान में इस्राइल की सैन्य कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे डोमिसाइड (घर-उजाड़ अभियान) करार दिया है। संयुक्त राष्ट्र में आवास के अधिकार पर विशेष प्रतिवेदक बालकृष्णन राजगोपाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान में वही रणनीति अपना रही है, जो उसने गाजा पट्टी और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में अपनाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें डोमिसाइड और जनसंख्या को विस्थापित करना, बफर जोन के जरिए जमीन पर कब्जा और बस्तियों के माध्यम से वास्तविक कब्जा (डी-फैक्टो एनेक्सेशन) जैसी रणनीतियां शामिल हैं। राजगोपाल ने इस्राइल से तुरंत लेबनान में बमबारी रोकने की अपील की है। उन्होंने पहले डोमिसाइड को हिंसक संघर्ष के दौरान नागरिकों के घरों के बड़े पैमाने पर और मनमाने ढंग से किए गए विनाश के रूप में परिभाषित किया था।I join my fellow UN experts to call for immediate cessation of all attacks by Israel on #Lebanon. The world cannot simply stay silent. https://t.co/UFQey2rY3c
— UN Special Rapporteur on the right to housing (@adequatehousing) April 15, 2026
West Asia LIVE: 'जंग नहीं शांति ही समाधान', पीएम मोदी का विश्व को संदेश; सैन्य अभियान पर संयुक्त राष्ट्र सख्त
माल्टा का ध्वज लगे एक जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य से पश्चिम की ओर यात्रा शुरू की। यह पहला कच्चा तेल ले जाने वाला टैंकर बताया जा रहा है, जब से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगाई है। यह जानकारी दुनिया भर में जहाजों की निगरानी करने वाले शिपिंग ट्रैकिंग मॉनिटर के हवाले से दी गई है।माल्टा का ध्वज लगा तेल टैंकर अगियोस फैनोरियोस-I के गुरुवार को इराक के बसरा बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है, जहां अमेरिका की नाकेबंदी लागू नहीं है। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, यह जहाज ओमान की खाड़ी में लगभग दो दिन तक रुका रहा और फिर उसने दोबारा मार्ग तय किया।
इस बीच, अमेरिका की नौसेना ने कहा कि वह ईरान के आसपास व्यापारिक जहाजों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों ने क्षेत्र में मौजूद व्यापारिक जहाजों को चेतावनी दी है कि वे जहाजों को रोक सकते हैं और नाकेबंदी लागू करने के लिए बल प्रयोग कर सकते हैं।
नौसेना के रेडियो संदेश में कहा, ईरानी बंदरगाहों की ओर या वहां से आने-जाने वाले जहाजों को रोका जा सकता है और जब्त किया जा सकता है। यह संदेश अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) की ओर से सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया है। एक सैन्य अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर पुष्टि की कि यह संदेश इस समय क्षेत्र के सभी जहाजों को प्रसारित किया जा रहा है। रेडियो संदेश में आगे कहा गया, अगर आप नाकेबंदी का पालन नहीं करेंगे, तो बल प्रयोग किया जाएगा।

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