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लश्कर से जुड़े आतंकी पर फायरिंग: आमिर हमजा को हमलावरों ने गोलियों से भूना, लाहौर में हुई सनसनीखेज घटना
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Riya Dubey
Updated Thu, 16 Apr 2026 01:24 PM IST
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सार
पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी आमिर हमजा पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। हमजा कई आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है और अमेरिकी ट्रेजरी की प्रतिबंधित सूची में शामिल है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobestock
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विस्तार
पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में शामिल आतंकी आमिर हमजा पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया है और अस्पताल में उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। हाल के महीनों में पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों पर लगातार हमलों की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
हमजा अफगान मुजाहिदीन का भी हिस्सा रह चुका है और अपने भड़काऊ भाषणों व लेखन के लिए जाना जाता रहा है। वह लश्कर की आधिकारिक पत्रिका मजल्लाह अल-दावा का संस्थापक संपादक भी रहा है। 2002 में उसने काफिला दावत और शहादत नामक किताब लिखी थी, जिसमें चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा दिया गया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह संगठन पाकिस्तान में सक्रिय है और हमजा अब भी लश्कर नेतृत्व के संपर्क में बना हुआ है। इस हमले के पीछे किसका हाथ है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है।
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कैसे हुआ हमला?
जानकारी के अनुसार, यह हमला एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर हुआ, जहां अज्ञात हमलावरों ने उस पर फायरिंग की। गोली लगने के बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
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लश्कर-ए-तैयबा का माना जाता है संस्थापक
आमिर हमजा, कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सह-संस्थापक माना जाता है और उसका नाम कई आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है, जिनमें भारत में हुए कई हमले भी शामिल हैं। उसने इस संगठन की स्थापना हाफिज सईद के साथ मिलकर की थी।हमजा अफगान मुजाहिदीन का भी हिस्सा रह चुका है और अपने भड़काऊ भाषणों व लेखन के लिए जाना जाता रहा है। वह लश्कर की आधिकारिक पत्रिका मजल्लाह अल-दावा का संस्थापक संपादक भी रहा है। 2002 में उसने काफिला दावत और शहादत नामक किताब लिखी थी, जिसमें चरमपंथी विचारधारा को बढ़ावा दिया गया था।
प्रतिबंधित आतंकियों की सूची में शामिल
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने लश को आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है और आमिर हमजा को भी प्रतिबंधित आतंकियों की सूची में शामिल किया है। वह संगठन की केंद्रीय समिति में शामिल रहा और फंडिंग, भर्ती और बंदी आतंकियों की रिहाई के लिए बातचीत जैसे अहम कार्यों में उसकी भूमिका बताई जाती है।कब बनाई लश्कर से दूरी?
2018 में पाकिस्तान द्वारा जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर कार्रवाई के बाद हमजा ने कथित तौर पर लश्कर से दूरी बना ली थी। इसके बाद उसने जैश-ए-मनकफा नामक एक अलग संगठन बनाया, जिसके जरिए कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर समेत अन्य क्षेत्रों में गतिविधियां जारी रखने की कोशिश की गई।रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह संगठन पाकिस्तान में सक्रिय है और हमजा अब भी लश्कर नेतृत्व के संपर्क में बना हुआ है। इस हमले के पीछे किसका हाथ है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है।
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