रूस-चीन की बढ़ती साझेदारी: वैश्विक तनाव के बीच बड़ी कूटनीतिक हलचल, समझिए लावरोव की बीजिंग यात्रा अहम कैसे?
दुनिया में बढ़ते ऊर्जा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच रूस और चीन तेजी से करीब आ रहे हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की हालिया चीन यात्रा में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और विदेश मंत्री वांग यी के साथ अहम बैठकें हुईं। इसमें व्यापार, निवेश और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। यह दौरा पुतिन की प्रस्तावित चीन यात्रा की अहम तैयारी के तौर पर भी माना जा रहा है।
विस्तार
दुनिया में बढ़ते ऊर्जा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच रूस और चीन की नजदीकियां तेजी से बढ़ती दिख रही हैं। इसी कड़ी में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में चीन की दो दिन की महत्वपूर्ण यात्रा पूरी की। इस दौरान उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और विदेश मंत्री वांग यी के साथ लंबी और अहम बैठकें कीं। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक मुद्दों पर भी गहराई से चर्चा हुई।
रूस के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन बैठकों में व्यापार, निवेश, संस्कृति, और अंतरराष्ट्रीय राजनीति जैसे कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। खास बात यह रही कि दोनों देशों ने दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच अपनी साझेदारी को स्थिरता लाने वाली ताकत बताया। बता दें कि यह यात्रा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आने वाली चीन यात्रा की तैयारी के तौर पर देखी जा रही है, जो इसी साल होने वाली है। इस दौरान दोनों देशों के बीच बड़े समझौते होने की उम्मीद है।
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समझिए लावरोव की यह यात्रा अहम कैसे?
कुल मिलाकर देखा जाए तो ऐसे समय में जहां एक ओर पूरी दुनिया में चिंता और हलचल तेज है। वहीं दूसरी ओर रूस और चीन अपने एक साथ लाते दिख रहे हैं। अब लावरोव जब चीन पहुंचे तो इसे पुतिन की आगामी चीन यात्रा के लिए जमीन तैयार करने के तौर पर देखा जाने लगा है। दूसरी ओर चीन और रूस के संबंध पर चीनी राष्ट्रपति ने भी खुलकर अपनी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि साल 2001 में रूस और चीन के बीच हुई दोस्ती और सहयोग समझौता (सद्-पड़ोसी संधि) पिछले 25 वर्षों से दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाए हुए है।
दुनिया में बढ़ते तनाव पर चिंता
दूसरी ओर अपने चीन यात्रा के दौरान रूसी राष्ट्रपति लावरोव ने वैश्विक चिंताओं पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में आर्थिक और राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं और कई जगह ये सैन्य रूप भी ले रहे हैं। ऐसे समय में रूस और चीन का साथ आना बाकी दुनिया के लिए स्थिरता का संकेत है।
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अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक साथ काम करने का वादा
इतना ही नहीं इस दौरान दोनों देशों ने यह भी साफ किया कि वे संयुक्त रूप से कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर काम करेंगे, जैसे कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन), शंघाई सहयोग संगठन, ब्रिक्स, G20 और एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग पर। इसके साथ ही दोनों देशों ने आने वाले समय के लिए एक मजबूत योजना (रोडमैप) तैयार करने की बात कही है, जिससे उनके रिश्ते और गहरे होंगे। आने वाले दिनों में और बैठकों और समझौतों की जानकारी सामने आ सकती है।
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