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West Asia Live: दक्षिण लेबनान में इस्राइल के हवाई हमले तेज, इस्लामाबाद में शांति वार्ता से पहले हाई अलर्ट
West Asia Crisis Live Updates: पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से जारी हिंसक संघर्ष ने आज एक निर्णायक मोड़ ले लिया है। अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति जताई है, जिसमें दोनों पक्षों ने लड़ाई रोकने और होर्मुज को खुला रखने का वादा किया है। ऐसे में अब बातचीत का अगला दौर इस्लामाबाद में होगा। इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से एक विशेष टीम भेजी जा रही है। इस टीम का नेतृत्व खुद जेडी वेंस करेंगे।हालांकि लेबनान को लेकर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
लाइव अपडेट
इस्लामाबाद में शांति वार्ता से पहले हाई अलर्ट
अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित अहम शांति वार्ता से पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने शुक्रवार को सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को किसी भी तरह की चूक न होने के निर्देश दिए।सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल के आगमन से पहले इस्लामाबाद में 10,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। रेड जोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है और गृह मंत्रालय में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो हर गतिविधि पर नजर रख रहा है। शहर के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया है, जबकि एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर विशेष चेकिंग भी शुरू कर दी गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार गश्त कर रही हैं।
जेलेंस्की का दावा- ईरान युद्ध के दौरान पश्चिम एशिया में शाहेद ड्रोन मार गिराए
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि उनके देश की सैन्य टुकड़ियों ने ईरान युद्ध के दौरान पश्चिम एशिया के कई देशों में ईरान निर्मित शाहेद ड्रोन को मार गिराया। उन्होंने इसे सहयोगी देशों की मदद के लिए चलाए गए एक व्यापक सैन्य अभियान का हिस्सा बताया। जेलेंस्की ने इस ऑपरेशन को लेकर पहली बार सार्वजनिक रूप से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूक्रेनी बलों ने विदेशों में सक्रिय अभियानों में हिस्सा लिया और अपने देश में विकसित तथा युद्ध में परीक्षण किए गए इंटरसेप्टर ड्रोन का इस्तेमाल किया।दक्षिण लेबनान में इस्राइल के हवाई हमले तेज
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (NNA) के अनुसार, इस्राइल ने सराफंद शहर को सुबह से अब तक दो बार हवाई हमलों से निशाना बनाया है। इसके अलावा, अल-बयासिरिया के बाहरी इलाके स्थित खिरबत अल-दुवैर क्षेत्र में भी इजरायली सेना द्वारा हमला किया गया है। लगातार हो रहे इन हमलों से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण लेबनान के हनीन शहर में इस्राइली सेना ने कई घरों को विस्फोट कर उड़ा दिया है। स्थानीय स्तर पर भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच, दक्षिण लेबनान से इस्राइल के उत्तरी क्षेत्र गैलिली की ओर रॉकेट हमले भी किए जाने की जानकारी मिली है, जिससे सीमा पर संघर्ष और तेज हो गया है।
इस्राइल की लेबनान के साथ सीधे वार्ता को मंजूरी
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ सीधे वार्ता को मंजूरी देने की बात कही। हालांकि लेबनान सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार, यह बातचीत अगले सप्ताह वाशिंगटन में हो सकती है। वहीं, हाल ही में बेरूत पर हुए भीषण हमले में 300 से अधिक लोगों की मौत के बाद स्थिति और गंभीर बनी हुई है।कुवैत ने ईरान पर ड्रोन हमले का लगाया आरोप
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कुवैत ने आरोप लगाया है कि उस पर हुए ड्रोन हमलों के पीछे ईरान और उसके समर्थित गुटों का हाथ है। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी दबाव को देखते हुए अस्थायी सीजफायर की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुवैत के इन आरोपों के तुरंत बाद ईरान की अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने किसी भी खाड़ी देश पर हमले में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है।जापान आपातकालीन भंडार से तेल जारी करेगा
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने घोषणा की है कि मई की शुरुआत से देश अपने आपातकालीन भंडार से 20 दिनों के तेल की आपूर्ति जारी करेगा। जापान अपनी लगभग 95 प्रतिशत तेल आवश्यकताओं के लिए मध्य पूर्व पर निर्भर है। देश ने मार्च के मध्य से ही अपने भंडार से तेल निकालना शुरू कर दिया था।कुल मिलाकर, जापान लगभग 50 दिनों की खपत के बराबर तेल बाजार में उपलब्ध करा रहा है। 6 अप्रैल तक, जापान के पास अपने भंडार में लगभग 230 दिनों के उपयोग के लिए पर्याप्त तेल मौजूद था।
खाड़ी दौरे पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम की घोषणा के बाद खाड़ी देशों का त्वरित दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद अल नहयान से मुलाकात की।डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, स्टार्मर ने ईरानी हमलों के बाद यूएई के लोगों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की। दोनों नेताओं ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने की आवश्यकता पर जोर दिया और यूके तथा यूएई के बीच संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प लिया। इस यात्रा के दौरान स्टार्मर ने कतर, बहरीन और सऊदी अरब का भी दौरा किया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से तेल की कीमतों में उछाल
एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई, क्योंकि निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सीमित आवाजाही को लेकर चिंतित हैं। ईरान और अमेरिका के बीच घोषित युद्ध विराम अभी भी अस्थिर बना हुआ है, वहीं इस्राइल द्वारा लेबनान पर जारी हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।शुक्रवार को 01:00 GMT तक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 0.87 प्रतिशत बढ़कर 96.75 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं अमेरिकी कच्चे तेल के दाम में भी 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर नजर
डेटा फर्म के अनुसार, गुरुवार को चार तेल टैंकर और तीन मालवाहक जहाज इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरे। युद्ध विराम के बाद अब तक कम से कम 12 जहाजों की आवाजाही दर्ज की गई है, हालांकि कई जहाज अपनी लोकेशन साझा नहीं करते, जिससे वास्तविक संख्या अधिक हो सकती है।
कुवैत के आरोपों को ईरान ने किया खारिज
पश्चिम एशिया में ईरान और खाड़ी देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की अर्धसैनिक इकाई रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत के उन आरोपों से इनकार किया है, जिसमें कहा गया था कि गुरुवार को उसके और उसके समर्थित समूहों ने खाड़ी देशों पर ड्रोन हमले किए। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने राज्य मीडिया IRNA के जरिए बयान जारी करते हुए कहा कि अगर ऐसे हमलों की खबरें सही हैं, तो इसके पीछे इस्राइल या अमेरिका जैसे दुश्मन का हाथ हो सकता है। हालांकि, रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ईरान पहले भी युद्ध के दौरान नागरिक ठिकानों पर हमले कर चुका है और इराक में शिया मिलिशिया के जरिए कार्रवाई करने की क्षमता रखता है, जिससे उसकी सीधी जिम्मेदारी से बचा जा सके।
कुवैत ने आरोप लगाया है कि गुरुवार रात ड्रोन हमलों में उसके कई महत्वपूर्ण और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। कुवैत ने कहा कि यह हमला युद्धविराम के बावजूद किया गया है। वहीं सऊदी अरब ने भी माना है कि हाल ही में उसके पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा है। यह पाइपलाइन खाड़ी क्षेत्र से तेल को लाल सागर तक पहुंचाने के लिए बेहद अहम है और इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।