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World: कैलिफोर्निया में गोलीबारी में शेरिफ के एक डिप्टी की हत्या; फलस्तीनी कार्यकर्ता की अपील खारिज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Nitin Gautam
Updated Fri, 10 Apr 2026 03:02 PM IST
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- फोटो : amar ujala graphics
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नाइजीरिया के पूर्वोत्तर क्षेत्र में गुरुवार तड़के हुए एक आतंकी हमले में नाइजीरियाई सेना के ब्रिगेडियर जनरल सहित कई सैनिकों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों के सेना के ठिकाने पर हमला किया। नाइजीरियाई सेना ने कहा है कि हमले को सेना ने विफल कर दिया, लेकिन इस दौरान कई सैनिक मारे गए हैं। नाइजीरिया ने अभी तक मृतकों का सही आंकड़ा जारी नहीं किया है।
सेना के प्रवक्ता माइकल ओनोजा ने एक बयान में कहा कि हमला बोर्नो राज्य के बेनिशेख इलाके में हुआ। उन्होंने हमलावरों को आतंकवादी बताया। नाइजीरिया के पूर्वोत्तर में इस्लामी उग्रवादी संगठनों के लिए सेना द्वारा आतंकी शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। स्थानीय प्रशासन के अध्यक्ष जन्ना लावन अजीमी ने सोशल मीडिया पर घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि 'एक साहसी और समर्पित अधिकारी, 29 टास्क फोर्स ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल ओ. ओ. ब्राइमा सहित अन्य वीर जवानों की शहादत अत्यंत पीड़ादायक है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।'
सेना के प्रवक्ता ओनोजा ने पुष्टि की कि ब्रिगेडियर जनरल ओसेनी ब्राइमाह इस अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। अफ्रीका का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश नाइजीरिया लंबे समय से गंभीर सुरक्षा संकट का सामना कर रहा है, विशेषकर उत्तरी क्षेत्र में, जहां एक दशक से अधिक समय से उग्रवाद और अपहरण की घटनाएं जारी हैं। देश में सक्रिय प्रमुख इस्लामी उग्रवादी संगठनों में बोको हराम और उससे अलग हुआ गुट 'इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस' शामिल हैं, जो इस्लामिक स्टेट से संबद्ध है। इसके अलावा, नाइजर सीमा से सटे उत्तर-पश्चिमी इलाकों में आईएस से जुड़ा लाकुरावा समूह भी सक्रिय है।
हाल के समय में यह संकट और गहराया है, जिसमें साहेल क्षेत्र के अन्य उग्रवादी संगठन भी शामिल हो गए हैं। इनमें 'जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन' (JNIM) भी शामिल है, जिसने पिछले वर्ष नाइजीरिया में अपना पहला हमला किया था। इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिका ने नाइजीरिया की सेना की मदद के लिए 200 सैनिकों और ड्रोन तैनात किए। हालांकि, अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि उसके सैनिक सीधे युद्ध में हिस्सा नहीं लेंगे और न ही किसी अभियान का नेतृत्व करेंगे, जबकि पूरी कमान नाइजीरियाई सेना के पास ही रहेगी।
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सेना के प्रवक्ता माइकल ओनोजा ने एक बयान में कहा कि हमला बोर्नो राज्य के बेनिशेख इलाके में हुआ। उन्होंने हमलावरों को आतंकवादी बताया। नाइजीरिया के पूर्वोत्तर में इस्लामी उग्रवादी संगठनों के लिए सेना द्वारा आतंकी शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। स्थानीय प्रशासन के अध्यक्ष जन्ना लावन अजीमी ने सोशल मीडिया पर घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि 'एक साहसी और समर्पित अधिकारी, 29 टास्क फोर्स ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल ओ. ओ. ब्राइमा सहित अन्य वीर जवानों की शहादत अत्यंत पीड़ादायक है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।'
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सेना के प्रवक्ता ओनोजा ने पुष्टि की कि ब्रिगेडियर जनरल ओसेनी ब्राइमाह इस अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। अफ्रीका का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश नाइजीरिया लंबे समय से गंभीर सुरक्षा संकट का सामना कर रहा है, विशेषकर उत्तरी क्षेत्र में, जहां एक दशक से अधिक समय से उग्रवाद और अपहरण की घटनाएं जारी हैं। देश में सक्रिय प्रमुख इस्लामी उग्रवादी संगठनों में बोको हराम और उससे अलग हुआ गुट 'इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस' शामिल हैं, जो इस्लामिक स्टेट से संबद्ध है। इसके अलावा, नाइजर सीमा से सटे उत्तर-पश्चिमी इलाकों में आईएस से जुड़ा लाकुरावा समूह भी सक्रिय है।
हाल के समय में यह संकट और गहराया है, जिसमें साहेल क्षेत्र के अन्य उग्रवादी संगठन भी शामिल हो गए हैं। इनमें 'जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन' (JNIM) भी शामिल है, जिसने पिछले वर्ष नाइजीरिया में अपना पहला हमला किया था। इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिका ने नाइजीरिया की सेना की मदद के लिए 200 सैनिकों और ड्रोन तैनात किए। हालांकि, अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि उसके सैनिक सीधे युद्ध में हिस्सा नहीं लेंगे और न ही किसी अभियान का नेतृत्व करेंगे, जबकि पूरी कमान नाइजीरियाई सेना के पास ही रहेगी।
संयुक्त राष्ट्र में आर्थिक-सामाजिक परिषद के अहम निकायों में भारत हुआ निर्वाचित
संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक ‘आर्थिक और सामाजिक परिषद’ (ईसीओएसओसी) के विभिन्न सहायक निकायों में भारत को चुना गया है। संयुक्त राष्ट्र में देश के स्थायी मिशन ने बुधवार को बताया कि भारत को ईसीओएसओसी के जिन निकायों में 2027 से 2030 की अवधि के लिए चुना गया है उनमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास आयोग, गैर-सरकारी संगठनों की समिति और कार्यक्रम एवं समन्वय समिति (सीपीसी) शामिल हैं। भारतीय राजदूत प्रीति सरन को फिर से आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों की समिति (सीईएससीआर, 2027-2030) के लिए चुना गया। इन पर वैश्विक मामलों की जिम्मेदारी होगी।
गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की समिति ईसीओएसओसी की एक स्थायी समिति है। इसके मुख्य कार्यों में विभिन्न एनजीओ द्वारा प्रस्तुत सलाहकार दर्जे के लिए आवेदनों और पुनर्वर्गीकरण के अनुरोधों पर विचार करना शामिल है। सीपीसी योजना, कार्यक्रम निर्माण और समन्वय के लिए ईसीओएसओसी तथा महासभा की प्रमुख सहायक निकाय है। इसकी वेबसाइट के अनुसार, यह संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रमों की समीक्षा करती है और संयुक्त राष्ट्र की प्रणालियों के अंतर्गत समन्वय कार्यों के निष्पादन में ईसीओएसओसी की सहायता करती है।
गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की समिति ईसीओएसओसी की एक स्थायी समिति है। इसके मुख्य कार्यों में विभिन्न एनजीओ द्वारा प्रस्तुत सलाहकार दर्जे के लिए आवेदनों और पुनर्वर्गीकरण के अनुरोधों पर विचार करना शामिल है। सीपीसी योजना, कार्यक्रम निर्माण और समन्वय के लिए ईसीओएसओसी तथा महासभा की प्रमुख सहायक निकाय है। इसकी वेबसाइट के अनुसार, यह संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रमों की समीक्षा करती है और संयुक्त राष्ट्र की प्रणालियों के अंतर्गत समन्वय कार्यों के निष्पादन में ईसीओएसओसी की सहायता करती है।
एरिजोना के छोटे हवाई अड्डे पर विमान दुर्घटना, दो की मौत
एरिजोना के एक छोटे हवाई अड्डे पर विमान दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई। माराना के मेयर जॉन पोस्ट ने बताया कि विमान हवाई पट्टी से बाहर चला गया और उसमें आग लग गई। शहर के प्रवक्ता विक हॅथवे ने कहा, विमान में दो लोग सवार थे, जिनकी मौत हो गई। उनकी पहचान नहीं हुई है। माराना पुलिस विभाग ने बताया कि दुर्घटना में कोई अन्य चोटिल नहीं हुआ। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (एनटीएसबी) दुर्घटना के कारण की जांच कर रहा है।
सूडान के दारफुर में शादी समारोह में ड्रोन हमला, 30 लोगों की मौत
सूडान के दारफुर क्षेत्र के एक कस्बे में शादी समारोह पर हुए ड्रोन हमले में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 30 नागरिकों की मौत हो गई। संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि यह हमला उत्तर दारफुर के कुतुम कस्बे में आयोजित एक विवाह समारोह को निशाना बनाकर किया गया।
यह हमला सूडानी सेना और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच चल रहे संघर्ष के दौरान ड्रोन हमलों में आई तेजी के बीच हुआ है। अप्रैल 2023 से जारी इस युद्ध में संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार अब तक 40,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि राहत एजेंसियों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। स्थानीय मानवाधिकार संगठन ‘इमरजेंसी लॉयर्स’ और अल-फशर की जमीनी स्तर की संस्था ‘रेजिस्टेंस कमेटीज’ ने सोशल मीडिया पर जारी बयानों में बुधवार के इस हमले के लिए सूडानी सशस्त्र बलों को जिम्मेदार ठहराया है।
यह हमला सूडानी सेना और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच चल रहे संघर्ष के दौरान ड्रोन हमलों में आई तेजी के बीच हुआ है। अप्रैल 2023 से जारी इस युद्ध में संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार अब तक 40,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि राहत एजेंसियों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। स्थानीय मानवाधिकार संगठन ‘इमरजेंसी लॉयर्स’ और अल-फशर की जमीनी स्तर की संस्था ‘रेजिस्टेंस कमेटीज’ ने सोशल मीडिया पर जारी बयानों में बुधवार के इस हमले के लिए सूडानी सशस्त्र बलों को जिम्मेदार ठहराया है।
उत्तर कोरिया और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता, सहयोग को और बढ़ाने पर बनी सहमति
उत्तर कोरिया और चीन के विदेश मंत्रियों ने अपने देशों के बीच सहयोग और आदान-प्रदान को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों विदेश मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा की, दोनों देशों के सरकारी मीडिया आउटलेट्स ने शुक्रवार को यह जानकारी दी चीन के विदेश मंत्री वांग यी सात साल में पहली बार उत्तर कोरिया की यात्रा पर गुरुवार को प्योंगयांग के लिए रवाना हुए। चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि वांग और उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री चो सोन हुई ने अपनी मुलाकात में मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वे मुद्दे क्या थे। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने बताया कि वे विदेश नीति से संबंधित अपनी एजेंसियों के बीच रणनीतिक संचार को मजबूत करने पर भी सहमत हुए हैं।
उत्तर कोरिया और चीन के विदेश मंत्रियों ने अपने देशों के बीच सहयोग और आदान-प्रदान को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों विदेश मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा की, दोनों देशों के सरकारी मीडिया आउटलेट्स ने शुक्रवार को यह जानकारी दी चीन के विदेश मंत्री वांग यी सात साल में पहली बार उत्तर कोरिया की यात्रा पर गुरुवार को प्योंगयांग के लिए रवाना हुए। चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि वांग और उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री चो सोन हुई ने अपनी मुलाकात में मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि वे मुद्दे क्या थे। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने बताया कि वे विदेश नीति से संबंधित अपनी एजेंसियों के बीच रणनीतिक संचार को मजबूत करने पर भी सहमत हुए हैं।
आव्रजन बोर्ड ने खारिज की फलस्तीनी एक्टिविस्ट महमूद खलील की अपील, निर्वासन की ओर बड़ा कदम
अमेरिका में एक आव्रजन अपील बोर्ड ने महमूद खलील की निर्वासन मामले को खारिज करने की नवीनतम याचिका को अस्वीकार कर दिया है। यह एक ऐसा फैसला है जिसकी काफी हद तक उम्मीद थी और जो कोलंबिया विश्वविद्यालय के पूर्व स्नातक छात्र और फलस्तीनी कार्यकर्ता को पुनः गिरफ्तारी और संभावित निष्कासन के एक कदम और करीब ले आता। खलील के वकीलों के अनुसार, आव्रजन अपील बोर्ड ने गुरुवार को निष्कासन का अंतिम आदेश जारी किया। बोर्ड के फैसले सार्वजनिक नहीं हैं और अमेरिकी न्याय विभाग से इस संबंध में की गई पूछताछ का तत्काल कोई जवाब नहीं मिला।
अमेरिका में एक आव्रजन अपील बोर्ड ने महमूद खलील की निर्वासन मामले को खारिज करने की नवीनतम याचिका को अस्वीकार कर दिया है। यह एक ऐसा फैसला है जिसकी काफी हद तक उम्मीद थी और जो कोलंबिया विश्वविद्यालय के पूर्व स्नातक छात्र और फलस्तीनी कार्यकर्ता को पुनः गिरफ्तारी और संभावित निष्कासन के एक कदम और करीब ले आता। खलील के वकीलों के अनुसार, आव्रजन अपील बोर्ड ने गुरुवार को निष्कासन का अंतिम आदेश जारी किया। बोर्ड के फैसले सार्वजनिक नहीं हैं और अमेरिकी न्याय विभाग से इस संबंध में की गई पूछताछ का तत्काल कोई जवाब नहीं मिला।
कैलिफोर्निया: बेदखली का नोटिस देते समय शेरिफ के एक डिप्टी की हत्या
बेदखली का नोटिस तामील कर रहे पुलिस अधिकारी की एक व्यक्ति ने मध्य कैलिफोर्निया में गोली मारकर हत्या कर दी। मरने वाला पुलिस अधिकारी एक शेरिफ का डिप्टी था। वहीं, घंटों तक चले गतिरोध के बाद अधिकारियों ने उस शख्स को मार गिराया। तुलारे काउंटी के डिप्टी पोर्टरविले में एक घर में बेदखली का नोटिस देने गए थे, तभी एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने उन पर गोली चला दी, शेरिफ विभाग ने फेसबुक पर यह जानकारी दी। वह व्यक्ति कई घंटों तक राइफल लेकर घर के अंदर छिपा रहा। एक समय ऐसा भी आया जब उस व्यक्ति द्वारा पुलिसकर्मियों पर लगातार गोलीबारी करने पर अधिकारियों ने घर में गैस छोड़ी।
बेदखली का नोटिस तामील कर रहे पुलिस अधिकारी की एक व्यक्ति ने मध्य कैलिफोर्निया में गोली मारकर हत्या कर दी। मरने वाला पुलिस अधिकारी एक शेरिफ का डिप्टी था। वहीं, घंटों तक चले गतिरोध के बाद अधिकारियों ने उस शख्स को मार गिराया। तुलारे काउंटी के डिप्टी पोर्टरविले में एक घर में बेदखली का नोटिस देने गए थे, तभी एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने उन पर गोली चला दी, शेरिफ विभाग ने फेसबुक पर यह जानकारी दी। वह व्यक्ति कई घंटों तक राइफल लेकर घर के अंदर छिपा रहा। एक समय ऐसा भी आया जब उस व्यक्ति द्वारा पुलिसकर्मियों पर लगातार गोलीबारी करने पर अधिकारियों ने घर में गैस छोड़ी।
संयुक्त राष्ट्र की समिति में तीन साल के नए कार्यकाल के लिए फिर से चुनी गईं राजदूत प्रीति सरन
अनुभवी राजनयिक प्रीति सरन को जटिल वैश्विक सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के माध्यम से इस संस्था का नेतृत्व करने में उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए 2027 से शुरू होने वाले तीन साल के नए कार्यकाल के लिए प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार समिति (सीईएससीआर) में फिर से चुना गया है। राजदूत सरन वर्तमान में सीईएससीआर के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, जो संयुक्त राष्ट्र की वह संस्था है जो इस बात की निगरानी के लिए जिम्मेदार है कि सदस्य देश आर्थिक और सामाजिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय समझौतों को कैसे लागू करते हैं। सीईएससीआर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है।
अनुभवी राजनयिक प्रीति सरन को जटिल वैश्विक सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के माध्यम से इस संस्था का नेतृत्व करने में उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए 2027 से शुरू होने वाले तीन साल के नए कार्यकाल के लिए प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार समिति (सीईएससीआर) में फिर से चुना गया है। राजदूत सरन वर्तमान में सीईएससीआर के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, जो संयुक्त राष्ट्र की वह संस्था है जो इस बात की निगरानी के लिए जिम्मेदार है कि सदस्य देश आर्थिक और सामाजिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय समझौतों को कैसे लागू करते हैं। सीईएससीआर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है।
जिबूती में राष्ट्रपति चुनाव: लंबे समय से काबिज शासक छठे कार्यकाल की ओर अग्रसर
हॉर्न ऑफ अफ्रीका में स्थित छोटे से राष्ट्र जिबूती में शुक्रवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हुआ। इस चुनाव में लंबे समय से सत्ता पर काबिज इस्माइल उमर गुएलेह के अपने छठे कार्यकाल को सुरक्षित करने की उम्मीद है। पिछले साल सांसदों द्वारा राष्ट्रपति पद की आयु सीमा समाप्त किए जाने के बाद यह चुनाव हो रहा है। गुएलेह, जो 78 वर्ष के हैं, दो दशकों से अधिक समय से इस देश पर शासन कर रहे हैं। 2021 के चुनाव परिणामों में उन्होंने लगभग 99 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। इस बार उनके सामने केवल एक ही प्रतिद्वंद्वी, मोहम्मद फराह समतार हैं, जो पूर्व सत्तारूढ़ दल के सदस्य हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस दौड़ में कोई वास्तविक प्रतिस्पर्धा नहीं है।
हॉर्न ऑफ अफ्रीका में स्थित छोटे से राष्ट्र जिबूती में शुक्रवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हुआ। इस चुनाव में लंबे समय से सत्ता पर काबिज इस्माइल उमर गुएलेह के अपने छठे कार्यकाल को सुरक्षित करने की उम्मीद है। पिछले साल सांसदों द्वारा राष्ट्रपति पद की आयु सीमा समाप्त किए जाने के बाद यह चुनाव हो रहा है। गुएलेह, जो 78 वर्ष के हैं, दो दशकों से अधिक समय से इस देश पर शासन कर रहे हैं। 2021 के चुनाव परिणामों में उन्होंने लगभग 99 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। इस बार उनके सामने केवल एक ही प्रतिद्वंद्वी, मोहम्मद फराह समतार हैं, जो पूर्व सत्तारूढ़ दल के सदस्य हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस दौड़ में कोई वास्तविक प्रतिस्पर्धा नहीं है।
दक्षिण कोरिया: गोद लिए बच्चों और मानवाधिकारों के पीड़ितों के लिए कानूनी सहायता का विस्तार
दक्षिण कोरिया के न्याय मंत्री ने सरकारी दुर्व्यवहार के पीड़ितों, विशेष रूप से उन विदेशी गोद लिए बच्चों के लिए, जिनके गोद लेने की प्रक्रिया पिछले सैन्य शासनों के दौरान बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी से ग्रस्त थी, न्यायिक उपचार की पहुंच का विस्तार करने का संकल्प लिया है। दक्षिण कोरिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के लिए असामान्य रूप से कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए न्याय मंत्री जंग सुंग-हो ने कहा कि देश के पिछले गोद लेने की प्रथाएं "जबरन बाल तस्करी" के बराबर थीं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उन पीड़ितों द्वारा दायर मामलों में, जो सरकारी गलत कामों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं, अपीलों पर काफी हद तक रोक लगाएगी। मंत्री ने गुरुवार को चुनिंदा पत्रकारों के साथ एक गोलमेज साक्षात्कार में यह बात कही।
दक्षिण कोरिया के न्याय मंत्री ने सरकारी दुर्व्यवहार के पीड़ितों, विशेष रूप से उन विदेशी गोद लिए बच्चों के लिए, जिनके गोद लेने की प्रक्रिया पिछले सैन्य शासनों के दौरान बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी से ग्रस्त थी, न्यायिक उपचार की पहुंच का विस्तार करने का संकल्प लिया है। दक्षिण कोरिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के लिए असामान्य रूप से कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए न्याय मंत्री जंग सुंग-हो ने कहा कि देश के पिछले गोद लेने की प्रथाएं "जबरन बाल तस्करी" के बराबर थीं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उन पीड़ितों द्वारा दायर मामलों में, जो सरकारी गलत कामों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं, अपीलों पर काफी हद तक रोक लगाएगी। मंत्री ने गुरुवार को चुनिंदा पत्रकारों के साथ एक गोलमेज साक्षात्कार में यह बात कही।
आयरलैंड: ईंधन महंगा होने के खिलाफ लगातार चौथे दिन विरोध-प्रदर्शन, आपूर्ति पर असर की आशंका
आयरलैंड में ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़कों को अवरुद्ध करने और ईंधन शोधन एवं वितरण स्थलों तक पहुंच रोकने से देश भर में ईंधन की कमी और आपातकालीन सेवाओं के बाधित होने की चिंताएं बढ़ गई हैं। आयरिश सरकार शुक्रवार को किसानों, ट्रक ड्राइवरों और कृषि ठेकेदारों के साथ इस संकट पर चर्चा करने के लिए बैठक करने वाली है। इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण क्षेत्र से तेल निर्यात पर प्रतिबंध के चलते गैसोलीन और डीजल की बढ़ती कीमतों से हुई है। प्रदर्शन आयोजकों ने कहा है कि यदि सरकार उनसे बात करने के लिए सहमत होती है तो वे समन्वित विरोध प्रदर्शनों को समाप्त कर देंगे, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें बातचीत में शामिल किया जाएगा या नहीं।
आयरलैंड में ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़कों को अवरुद्ध करने और ईंधन शोधन एवं वितरण स्थलों तक पहुंच रोकने से देश भर में ईंधन की कमी और आपातकालीन सेवाओं के बाधित होने की चिंताएं बढ़ गई हैं। आयरिश सरकार शुक्रवार को किसानों, ट्रक ड्राइवरों और कृषि ठेकेदारों के साथ इस संकट पर चर्चा करने के लिए बैठक करने वाली है। इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण क्षेत्र से तेल निर्यात पर प्रतिबंध के चलते गैसोलीन और डीजल की बढ़ती कीमतों से हुई है। प्रदर्शन आयोजकों ने कहा है कि यदि सरकार उनसे बात करने के लिए सहमत होती है तो वे समन्वित विरोध प्रदर्शनों को समाप्त कर देंगे, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें बातचीत में शामिल किया जाएगा या नहीं।