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MQ-4C: अमेरिका का यह निगरानी ड्रोन क्यों है बेहद खास, होर्मुज में लापता होने के बाद चर्चा में

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Riya Dubey Updated Fri, 10 Apr 2026 11:17 AM IST
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सार

अमेरिकी नौसेना का निगरानी ड्रोन MQ-4C Triton हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर इमरजेंसी अलर्ट के बाद लापता हो गया। यह हाई-एल्टीट्यूड, लॉन्ग-एंड्योरेंस ड्रोन नॉर्थरोप ग्रुम्मन द्वारा विकसित किया गया है और समुद्री निगरानी के लिए इस्तेमाल होता है। आइए विस्तार से जानते हैं।

Why is this US surveillance drone so special? It's in the news after it went missing in Hormuz
MQ-4c ड्रोन की खासियत - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

अमेरिकी नौसेना का अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन MQ-4C Triton इन दिनों चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह ड्रोन होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर लापता हो गया। यह घटना उस समय हुई जब ड्रोन ने उड़ान के दौरान अचानक इमरजेंसी अलर्ट जारी किया।

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यह एक हाई-एल्टीट्यूड, लॉन्ग-एंड्योरेंस (HALE) मानव रहित विमान है, जिसे खास तौर पर समुद्री निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए विकसित किया गया है। इस ड्रोन को अमेरिकी रक्षा कंपनी नॉर्थरोप ग्रुम्मन ने तैयार किया है। MQ-4C ट्राइटन, RQ-4 ग्लोबल हॉक प्लेटफॉर्म पर आधारित है और इसे विशाल समुद्री क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के लिए डिजाइन किया गया है।

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कैसे करता है काम?

MQ-4C ट्राइटन 50,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है और लगातार 24 घंटे से ज्यादा समय तक हवा में रह सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ रीयल-टाइम निगरानी ही नहीं करता, बल्कि लंबे समय तक डेटा इकट्ठा कर समुद्री गतिविधियों की पूरी तस्वीर तैयार करता है। इसे अक्सर P-8A पोसाइडन गश्ती विमानों के साथ तैनात किया जाता है, जिससे समुद्र में गतिविधियों की लगातार निगरानी संभव हो पाती है। MQ-4C ट्राइटन अमेरिका की समुद्री सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है और यह दुनिया के सबसे उन्नत निगरानी ड्रोन में गिना जाता है।

क्यों है खास?

  • 50,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर उड़ान की क्षमता।
  • 24+ घंटे तक कर सकता है लगातार ऑपरेशन।
  • लंबी दूरी की समुद्री निगरानी क्षमता।
  • रीयल-टाइम और डेटा आधारित कर सकता है खुफिया विश्लेषण।
  • इसकी कीमत 200 मिलियन डॉलर से अधिक है।

कैसे हुआ ड्रोन गायब?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन बहरीन के उत्तर में ऑपरेशन के दौरान फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Flightradar24 पर अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी ट्रांसपोंडर कोड 7700 प्रसारित करता हुआ देखा गया, जो सामान्य आपात स्थिति का संकेत होता है। डेटा के अनुसार, ड्रोन करीब 52,000 फीट की ऊंचाई से अचानक तेजी से नीचे गिरकर कुछ ही मिनटों में लगभग 12,750 फीट तक पहुंच गया। यह घटना उस समय हुई जब ड्रोन नियमित उच्च-ऊंचाई समुद्री निगरानी मिशन पर था और सामान्य रिकॉनिसेंस फ्लाइट प्रोफाइल का पालन कर रहा था। अचानक आई इस गिरावट के बाद ड्रोन का सिग्नल खाड़ी क्षेत्र के ऊपर गायब हो गया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हुआ या फिर ट्रैकिंग सिस्टम में कोई बाधा आई। इस पूरे घटनाक्रम की अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की ओर से अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।


वहीं कुछ ओपन-सोर्स ट्रैकिंग विश्लेषणों में यह दावा भी किया गया है कि इमरजेंसी सिग्नल से पहले ड्रोन ने कुछ समय के लिए ईरानी हवाई क्षेत्र की दिशा में रुख किया था, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


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