सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Anuppur News ›   20 students who took admission in ITI Jaithari by making fake marks list, jailed

Anuppur News: फर्जी दस्तावेजों से ITI में प्रवेश लेने वाले 20 आरोपियों को 3-3 साल की सजा, अर्थदंड भी लगाया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर Published by: अनूपपुर ब्यूरो Updated Wed, 20 Nov 2024 07:45 PM IST
विज्ञापन
सार

अनूपपुर की अदालत ने आईटीआई जैतहरी में फर्जी अंकसूचियों से प्रवेश लेने के मामले में 19 दोषियों को 3-3 साल की कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जांच में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग साबित हुआ। यह फैसला शिक्षा क्षेत्र में धोखाधड़ी रोकने का संदेश देता है।

20 students who took admission in ITI Jaithari by making fake marks list, jailed
अनूपपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पंकज जायसवाल की अदालत ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) जैतहरी में फर्जी अंकसूचियों के जरिए प्रवेश लेने के मामले में दोषी पाए गए 20 आरोपियों को 3-3 साल के कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में पैरवी जिला लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने की।

Trending Videos

मामले का विवरण
आईटीआई जैतहरी के अधीक्षक ने 17 अप्रैल 2014 को थाना जैतहरी में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2012-13 के कुछ छात्रों ने फर्जी अंकसूचियों का उपयोग कर षड्यंत्रपूर्वक संस्थान में प्रवेश लिया। जांच के दौरान इन दस्तावेजों को फर्जी पाया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

जांच और न्यायालय की कार्रवाई
मामले की विस्तृत जांच और अनुसंधान के बाद अभियोग-पत्र अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने साबित किया कि आरोपियों ने फर्जी अंकसूचियों का उपयोग कर धोखाधड़ी की। इसके आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों, जिनमें राघवेन्द्र कुमार, सुरेश सिंह राठौर, झल्लू सिंह उर्फ मनोज राठौर, रामखेलावन राठौर, उतेन्द्र सिंह राठौर, रवि सिंह राठौर, संदीप कुमार, जितेन्द्र सिंह, प्रवीण कुमार द्विवेदी, शकुन राठौर, बीना देवी कोल, अमर सिंह राठौर, प्रकाश कुमार केवट, मनोज कुमार राठौर, लीलाधर, अनिल कुमार, संतोष कुमार राठौर, मनोज कुमार सिंह राठौर एवं चरण सिंह राठौर शामिल हैं, को दोषी करार दिया।

सजा और प्रभाव
अदालत ने सभी दोषियों को 3-3 साल के कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने इस सजा को न्यायिक प्रक्रिया की सफलता बताया और कहा कि इस फैसले से ऐसे मामलों में सख्ती बरतने का संदेश जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed