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Anuppur Crime News: गल्ला व्यापारी के साथ 91 लाख की साइबर ठगी, क्रिप्टो करंसी में कमाई का दिया था झांसा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर Published by: अनूपपुर ब्यूरो Updated Wed, 04 Feb 2026 08:46 PM IST
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सार

जैतहरी में क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर व्यापारी राकेश अग्रवाल से 91.32 लाख रुपये की ठगी की गई। आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल और फर्जी ट्रेडिंग लिंक के जरिए विश्वास दिलाया। पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 

Grain merchant cyber-cheated of Rs 91 lakh
91 लाख रुपये से अधिक की ठगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जैतहरी थाना क्षेत्र में क्रिप्टो करेंसी में निवेश का लालच देकर एक व्यापारी से 91 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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पीड़ित राकेश कुमार अग्रवाल पिता गुलाबचंद अग्रवाल (52), निवासी वार्ड क्रमांक 7, रेलवे स्टेशन के पास जैतहरी ने थाना जैतहरी में शिकायत दर्ज कराई है। फरियादी के अनुसार रेलवे स्टेशन के पास उनकी गल्ले की दुकान है और ‘क्रिश ट्रेडर्स जैतहरी’ नाम से उनकी फर्म संचालित है, जिसका खाता भारतीय स्टेट बैंक, जैतहरी में है।फरियादी ने बताया कि 19 जनवरी को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल के जरिए एक व्यक्ति ने संपर्क किया, जिसने अपना नाम पीटर पाल बताया। उसने स्वयं को क्रिप्टो करेंसी मार्केट में सीनियर अकाउंट मैनेजर बताते हुए बेहतर रिटर्न का झांसा दिया। आरोपी ने ‘कम्पाउंडेस डॉट टॉप’ लिंक भेजकर ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया और शुरुआती छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसे में ले लिया।
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इसके बाद आरोपी के निर्देश पर फरियादी ने अलग-अलग तिथियों में विभिन्न बैंकों के खातों और यूपीआई आईडी पर लगातार रकम जमा कराई। 22 जनवरी से 1 फरवरी के बीच यस बैंक, बंधन बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडसइंड बैंक, सिटी यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूपीआई के माध्यम से कुल 91 लाख 32 हजार 187 रुपये जमा कराए गए। आरोपी हर बार अधिक मुनाफे और कमीशन का लालच देता रहा, लेकिन राशि जमा कराने के बाद भी फरियादी को कोई रकम वापस नहीं मिली। संदेह होने पर बैंक स्टेटमेंट निकलवाया गया, तब ठगी का खुलासा हुआ। आरोपी ने अपना पूरा पता बताने से इनकार कर दिया और पैसे लौटाने में टालमटोल करने लगा। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर आरोपी पीटर पाल के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

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