Anuppur News: जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम के आमंत्रण में आदिवासी विधायकों का नाम नहीं, नाराज MLA करेंगे अनशन
15 नवंबर को शहडोल में जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में पुष्पराजगढ़ विधायक फुदेलाल सिंह का नाम न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और आमरण अनशन की चेतावनी दी। उन्होंने इसे आदिवासी समाज का अपमान बताया और राजनीति को कारण बताया, जिससे राजनीतिक माहौल गरमाया।
विस्तार
15 नवंबर को शहडोल में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बिरसा मुंडा की जयंती पर संभाग स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, राज्यपाल, विभिन्न विभागों के मंत्री, और संभाग के कई विधायक शामिल होंगे। हालांकि, इस कार्यक्रम में अनूपपुर जिले के आदिवासी विधायक फुदेलाल सिंह का नाम आमंत्रण पत्र में न होने पर उन्हें काफी नाराजगी हुई है। विधायक ने इस पर विरोध जताते हुए चेतावनी दी है कि वह शुक्रवार को शहडोल के बाणगंगा मैदान में आयोजित कार्यक्रम के निकट आमरण अनशन करेंगे।
फुदेलाल सिंह ने कहा कि वह आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और संभाग के एकमात्र कांग्रेस विधायक हैं। इसके बावजूद उनका नाम आमंत्रण पत्र में क्यों नहीं शामिल किया गया, इस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। विधायक ने इसे आदिवासी समाज का अपमान बताते हुए कहा कि अगर आदिवासी विधायक ही इस आयोजन में शामिल नहीं होंगे, तो फिर इस कार्यक्रम का क्या मतलब है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका नाम राजनीति के कारण कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र में शामिल नहीं किया गया। इस मुद्दे पर उन्होंने जनजाति कार्य विभाग के प्रमुख सचिव से भी आपत्ति दर्ज करने की बात कही।
उन्होंने कहा है कि आदिवासी के नाम पर वोटबैंक की राजनीति करने वाली प्रदेश सरकार के द्वारा ऐसा कर मुझ आदिवासी जनप्रतिनिधि का अपमान किया गया है। जिससे मैं एवं संभाग का समस्त आदिवासी समाज दुखी हुआ है। जिसके विरोध स्वरूप मै कल 15 नवंबर को मुख्य मंत्री के सभा स्थल के समक्ष अनशन करूंगा। उन्होंंने कहा की उमरिया जिले के दोनों आदिवासी विधायकों का भी नाम गायब है जिससे हम आदिवासियों का अपमान है। उमरिया जिले के दोनों विधायक भारतीय जनता पार्टी के विधायक है।
विधायक के इस बयान के बाद राजनीति गरमा गई है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायक ने आमरण अनशन करने की धमकी दी है। इससे प्रशासन और अधिकारी सकते में हैं, क्योंकि वे नहीं चाहते कि इस विवाद से कार्यक्रम का माहौल खराब हो। भाजपा जिला अध्यक्ष रामदास पुरी ने इस मामले पर कहा कि यह आयोजन संभाग स्तरीय है और इस पर जो भी निर्णय लिया गया है, वह संभाग से संबंधित है, इसलिए इसमें उनका बोलना उचित नहीं है।

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