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MP: चंदेरी के पूर्व विधायक राव राजकुमार सिंह का निधन, अशोकनगर में शोक की लहर; जानें कैसा था सियासी सफर?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2026 06:23 PM IST
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सार
चंदेरी के पूर्व विधायक राव राजकुमार सिंह यादव का भोपाल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव महूअन लाया गया, जहां हजारों लोगों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी। पढ़ें पूरी खबर
चंदेरी के पूर्व विधायक राव राजकुमार सिंह का निधन।
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विस्तार
राव राजकुमार सिंह यादव का मंगलवार सुबह भोपाल के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे लगभग 70 वर्ष के थे और पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। एक साल पहले हृदय का ऑपरेशन दिल्ली के निजी हॉस्पिटल में करवाया था, आज उनके निधन से अशोकनगर जिले सहित पूरे चंदेरी क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है।
पार्थिव शरीर ईसागढ़ लाया गया
सोमवार को ही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने पूर्व विधायक के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और परिजनों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया था। लेकिन मंगलवार सुबह उनके निधन की खबर ने समर्थकों और शुभचिंतकों को स्तब्ध कर दिया। निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर भोपाल से उनके पैतृक गांव महूअन, ईसागढ़ लाया गया। रास्ते में श्रीकृष्ण मंदिर के पास एंबुलेंस को कुछ देर रोका गया, जहां वाहन को फूलों से सजाकर अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़े।
वर्ष 2008 में वे पहली बार विधायक निर्वाचित हुए थे
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा, एसडीओपी विवेक शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। राव राजकुमार सिंह यादव एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से संबंध रखते थे और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। चंदेरी विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन के बाद वर्ष 2008 में वे पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया।
पंच के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की
उनका जन्म 1 जनवरी 1956 को ग्राम महूअन, ईसागढ़ में हुआ था। उनके पिता राव बादल सिंह यादव भी सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्तित्व थे। युवावस्था से ही राजनीति में रुचि रखने वाले राव राजकुमार सिंह यादव ने 1970 में ग्राम पंचायत के पंच के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1975 में वे ईसागढ़ जनपद के सदस्य चुने गए। वर्ष 1990 में जनपद अध्यक्ष बने और संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया।
1996 में भाजपा के प्रदेश सदस्य रहे तथा 2007 में जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। वे अशोकनगर में यादव समाज की संस्था श्री कृष्णा संस्थान के अध्यक्ष और यादव महासभा के प्रदेश सदस्य भी रहे। अपने सहज, मिलनसार और जनसेवा के लिए समर्पित स्वभाव के कारण वे सभी वर्गों में लोकप्रिय थे। उनके निधन से क्षेत्र ने एक अनुभवी जननेता को खो दिया है।
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पार्थिव शरीर ईसागढ़ लाया गया
सोमवार को ही प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने पूर्व विधायक के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और परिजनों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया था। लेकिन मंगलवार सुबह उनके निधन की खबर ने समर्थकों और शुभचिंतकों को स्तब्ध कर दिया। निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर भोपाल से उनके पैतृक गांव महूअन, ईसागढ़ लाया गया। रास्ते में श्रीकृष्ण मंदिर के पास एंबुलेंस को कुछ देर रोका गया, जहां वाहन को फूलों से सजाकर अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़े।
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वर्ष 2008 में वे पहली बार विधायक निर्वाचित हुए थे
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा, एसडीओपी विवेक शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। राव राजकुमार सिंह यादव एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से संबंध रखते थे और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। चंदेरी विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन के बाद वर्ष 2008 में वे पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया।
पंच के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की
उनका जन्म 1 जनवरी 1956 को ग्राम महूअन, ईसागढ़ में हुआ था। उनके पिता राव बादल सिंह यादव भी सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्तित्व थे। युवावस्था से ही राजनीति में रुचि रखने वाले राव राजकुमार सिंह यादव ने 1970 में ग्राम पंचायत के पंच के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1975 में वे ईसागढ़ जनपद के सदस्य चुने गए। वर्ष 1990 में जनपद अध्यक्ष बने और संगठनात्मक क्षमता का परिचय दिया।
1996 में भाजपा के प्रदेश सदस्य रहे तथा 2007 में जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। वे अशोकनगर में यादव समाज की संस्था श्री कृष्णा संस्थान के अध्यक्ष और यादव महासभा के प्रदेश सदस्य भी रहे। अपने सहज, मिलनसार और जनसेवा के लिए समर्पित स्वभाव के कारण वे सभी वर्गों में लोकप्रिय थे। उनके निधन से क्षेत्र ने एक अनुभवी जननेता को खो दिया है।

चंदेरी के पूर्व विधायक का निधन

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