सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Betul News ›   MP News Hundreds of people returned to Hinduism in Betul

MP News: बैतूल में सैकड़ों लोगों ने हिंदू धर्म में की वापसी, बोले- पैसों के लालच में बन गए थे ईसाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 23 Dec 2023 10:46 PM IST
विज्ञापन
सार

ये लोग अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे थे। वहीं, अपने समाज और रिश्तेदारों से भी दूर होते जा रहे थे। लिहाजा उन्होंने वापस हिंदू धर्म में घर वापसी का फैसला किया। बीते दो दिनों में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के 152 लोगों ने बकायदा हिंदू रीति-रिवाज से घर वापसी की है।

MP News Hundreds of people returned to Hinduism in Betul
हिंदू धर्म में की वापसी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले और महाराष्ट्र के अमरावती जिले के सीमा पर स्थित कई गांवों में से 152 व्यक्तियों ने अपने पूर्व धर्म को छोड़कर सनातन धर्म में वापसी की है। इनमें एससी-एसटी वर्ग के लोग भी शामिल हैं। सावलमेढा के रामदेव बाबा के संस्थान में इन्हें कलावा पहनाया गया। उन्हें गंगा जल पिलाकर और पैर पखारकर हिंदू धर्म में वापसी की प्रक्रिया को पूरा किया गया।

Trending Videos


लोग जानकारी दे रहे हैं कि ईसाई मिशनरियों ने चालाकी से लोगों का धर्म परिवर्तन किया था। प्रत्येक परिवार को 20 हजार रुपये प्रदान किए गए थे। लोभ के कारण हमने वहां जाकर धर्म परिवर्तन किया था। उसके बाद, हमें अहसास होने लगा कि हमें धोखा दिया गया है और हम अपने समुदाय और परिवार से दूर होते जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




ईसाई धर्म छोड़कर आने वाले महादेव सलामे ने बताया कि पिछले दो दिनों में मध्यप्रदेश से 72 और महाराष्ट्र से 80 व्यक्तियों ने अपने पूर्व धर्म में घर वापसी की है। मिशनरी के प्रमोटर गांवों में गरीब और आवश्यकता पाए जाने वाले लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए राजी करने के लिए कुछ षड्यंत्री तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। उनका वादा है कि वे लोगों को मकान, धन और नौकरी प्रदान करेंगे और साथ ही उनकी बीमारियों का इलाज करेंगे।

छतर तवड़े ने बताया कि बैतूल और अमरावती जिलों के कई गांवों में कई परिवार ईसाई मिशनरी प्रमोटरों के चालाक षड्यंत्र में फंसे हैं। जो व्यक्ति उनके प्रेरणादायक शब्दों में आकर धर्म परिवर्तन कर लेते हैं, उन्हें सामुदायिक स्तर पर दूर कर दिया जाता है। ऐसे लोगों के आयोजन में ग्रामीण लोग शामिल नहीं होते हैं और उनके परिवार से संबंध भी नहीं रखते हैं।

महादेव और छतर ने बताया कि मिशनरी के प्रमोटर जो वादे लोगों से करते हैं, वे अक्सर उन वादों को पूरा नहीं कर पाते हैं। इससे ग्रामीण समुदाय को अपने मूल धर्म में लौटने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं रह जाता। कुछ लोग सक्रिय रूप से इन लोगों को पहचान कर उन्हें मानसिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में जुटे हुए हैं। इन लोगों की मार्गदर्शन के बाद, अब लोग अपने पूर्वजों के पास वापस जा रहे हैं।

अचलपुर, कोथल कुंड, सावलमेंढा जैसे स्थानों के ग्रामीण लोग बताते हैं कि धार्मिक बदलाव के लिए आने वाले व्यक्ति छोटी समूह में आया करते हैं। वे घर-घर जाकर लोगों को पानी पिलाते हैं, दावा करते हैं कि इस पानी से उनका स्वास्थ्य सुधरेगा। उन्होंने परिवारों को प्रेरित करने के लिए पैसों की पेशकश की, और उन्हें नौकरी की भी वादा किया। उनका दावा भी रहता है कि वे नि:शुल्क इलाज प्रदान करेंगे। वे शुरुआती चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान करते हैं। जब लोग उनके वचनों में आ जाते हैं, तो यह व्यक्ति आधेरे में चले जाते हैं। बाद में न तो पैसे मिलते हैं और न ही कोई रोजगार।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed