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MP: 'मम्मी-पापा मैं अच्छी बेटी नहीं बन सकी, उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी', IPS-जज की बेटी का मिला सुसाइड नोट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: भोपाल ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 02:47 PM IST
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सार
भोपाल के पॉश चार इमली इलाके में आईपीएस-जज दंपती की 17 वर्षीय बेटी की आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस को छात्रा के कमरे से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने खुद को माता-पिता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाने की बात लिखते हुए माफी मांगी है।
आईपीएस-जज दंपती की नाबालिग बेटी सुसाइड केस में सुसाइड नोट आया सामने।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल के सबसे पाॅश चार इमली क्षेत्र में रहने वाली आईपीएस-जज दंपती की नाबालिग बेटी की अत्महत्या में बड़ा खुलासा हुआ है। बुधवार को बेटी के कमरे की तलाशी लेने और उसके मोबाइल फोन की जांच में एक सुसाइड नोट लिखा है। मृतक छात्रा के सुसाइड नोट में लिखा है कि ‘मम्मी-पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, लेकिन मैं आपकी अच्छी बेटी नहीं बन सकी। आईएम सॉरी।‘ आप लोगों ने मुझे अच्छी परवरिश दी, लेकिन मैं आप लोगों के एक्सपेटेशन पर खरी नहीं उतर सकी। मुझे माफ करना। हबीबगंज पुलिस ने सुसाइड नोट के साथ नाबालिग छात्रा का मोबाइल और लैपटाॅप जब्त कर जांच कर रही है।
जानें मां ने पुलिस को क्या बताया?
मृतका की मां न्यायाधीश रेणुका कंचन ने पुलिस को बताया कि बेटी को पढ़ाई के कारण फोन नहीं दिलाया था, उसके पास मोबाइल मिला था उसी को लेकर पूछताछ की थी I इसके अलावा और कोई बात नहीं थी , बहुत अच्छी परवरिश कर रहे थे I
हबीबगंज पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार कंचन की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी ने मंगलवार दोपहर चार इमली स्थित उनके शासकीय निवास स्थित अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बुधवार को शव का पीएम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। संजीव कंचन की पत्नी रेणुका कंचन न्यायाधीश हैं और वर्तमान में गैस राहत विभाग के कल्याण आयुक्त कार्यालय में रजिस्ट्रार हैं।
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तीन महीने की उम्र में दंपति ने लिया था गोद
भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि दंपति ने तीन महीने की उम्र में उस बेटी को सरकार के एडाॅप्शन कानून का पालन करते हुए उसे गोद लिया था। गोद लेने के बाद उसका लालन-पालन किया। वह इस साल कक्षा 11वीं की छात्रा थी। कुछ सप्ताह पहले ही वह कक्षा 11वीं पास कर 12वीं में पहुंची थी।
ये भी पढ़ें- Suicide: भोपाल में आईपीएस अधिकारी की नाबालिग बेटी ने लगाई फांसी, 11वीं की छात्रा थी; जांच में जुटी पुलिस
अलग-अलग एंगल से जांच कर रही पुलिस
हबीबगंज सीएसपी उमेश तिवारी ने बताया कि मृतका के दोस्तों और सहपाठियों से भी पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि हाल के दिनों में उसके व्यवहार में आए किसी भी बदलाव या मानसिक तनाव के बारे में सुराग मिल सके। गौरतलब है कि छात्रा हाल ही में नई कक्षा में गई थी, इसलिए पढ़ाई के दबाव के एंगल को भी पूरी तरह नकारा नहीं जा रहा है।
इसके साथ ही, साइबर सेल की मदद से मृतका के सोशल मीडिया अकाउंट्स और हालिया एक्टिविटी को भी ट्रैक किया जा रहा है, ताकि यह समझा जा सके कि घटना से कुछ घंटे पहले वह किन लोगों के संपर्क में थी या क्या वह किसी बात को लेकर परेशान थी? पुलिस इस घटना को हर संभावित एंगल से देख रही है। परिजनों के बदहवाश होने के कारण उनके बयान नहीं हो सके हैं। जल्दी ही माता-पिता के बयान दर्ज किए जाएंगे।
जानें मां ने पुलिस को क्या बताया?
मृतका की मां न्यायाधीश रेणुका कंचन ने पुलिस को बताया कि बेटी को पढ़ाई के कारण फोन नहीं दिलाया था, उसके पास मोबाइल मिला था उसी को लेकर पूछताछ की थी I इसके अलावा और कोई बात नहीं थी , बहुत अच्छी परवरिश कर रहे थे I
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हबीबगंज पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार कंचन की 17 वर्षीय नाबालिग बेटी ने मंगलवार दोपहर चार इमली स्थित उनके शासकीय निवास स्थित अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बुधवार को शव का पीएम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। संजीव कंचन की पत्नी रेणुका कंचन न्यायाधीश हैं और वर्तमान में गैस राहत विभाग के कल्याण आयुक्त कार्यालय में रजिस्ट्रार हैं।
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अलग-अलग एंगल से जांच कर रही पुलिस
हबीबगंज सीएसपी उमेश तिवारी ने बताया कि मृतका के दोस्तों और सहपाठियों से भी पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि हाल के दिनों में उसके व्यवहार में आए किसी भी बदलाव या मानसिक तनाव के बारे में सुराग मिल सके। गौरतलब है कि छात्रा हाल ही में नई कक्षा में गई थी, इसलिए पढ़ाई के दबाव के एंगल को भी पूरी तरह नकारा नहीं जा रहा है।
इसके साथ ही, साइबर सेल की मदद से मृतका के सोशल मीडिया अकाउंट्स और हालिया एक्टिविटी को भी ट्रैक किया जा रहा है, ताकि यह समझा जा सके कि घटना से कुछ घंटे पहले वह किन लोगों के संपर्क में थी या क्या वह किसी बात को लेकर परेशान थी? पुलिस इस घटना को हर संभावित एंगल से देख रही है। परिजनों के बदहवाश होने के कारण उनके बयान नहीं हो सके हैं। जल्दी ही माता-पिता के बयान दर्ज किए जाएंगे।

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