फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal Court Rejects BDA's Eviction Plea in National Herald Land Dispute, Relief for AJL

नेशनल हेराल्ड जमीन विवाद: भोपाल जिला कोर्ट ने बीडीए की बेदखली याचिका खारिज की, एजेएल को राहत

Sun, 25 Oct 2026 09:25 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sun, 25 Oct 2026 09:25 AM IST
सार

भोपाल के नेशनल हेराल्ड जमीन विवाद में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बीडीए की बेदखली याचिका खारिज कर दी है। एमपी नगर प्रेस कॉम्प्लेक्स की 1.14 एकड़ जमीन से जुड़े इस मामले में फैसले से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को राहत मिली है।

विज्ञापन
Bhopal Court Rejects BDA's Eviction Plea in National Herald Land Dispute, Relief for AJL
कोर्ट का आदेश। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को भोपाल के जमीन विवाद में राहत मिली है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने शनिवार को भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) की बेदखली याचिका खारिज कर दी। बीडीए ने एमपी नगर स्थित प्रेस कॉम्प्लेक्स की जमीन के कथित दुरुपयोग और आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई के बाद कंपनी को बेदखल करने के लिए अदालत में मामला दायर किया था। एजेएल की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विकास गुप्ता ने याचिका खारिज होने की पुष्टि करते हुए कहा कि बीडीए ने जमीन से बेदखली की मांग की थी। अदालत के फैसले से कंपनी को राहत मिली है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- भोपाल में आज के कार्यक्रम: कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान, विद्युत अभियंताओं का प्रदर्शन
विज्ञापन


1981 में एजेएल को आवंटित हुई थी जमीन
यह विवाद एमपी नगर के प्रेस कॉम्प्लेक्स में स्थित करीब 1.14 एकड़ जमीन से जुड़ा है। वर्ष 1981 में यह जमीन एजेएल को आवंटित की गई थी। इसी परिसर से हिंदी दैनिक ‘नवजीवन’ का प्रकाशन होता था, जो वर्ष 1992 में बंद हो गया। बीडीए ने वर्ष 2014 में जमीन के कथित दुरुपयोग को लेकर एजेएल को नोटिस जारी किया था। कंपनी की ओर से जवाब दिया गया, लेकिन प्राधिकरण ने उसे संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद आवंटन निरस्त कर बेदखली के लिए अदालत का रुख किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  भोपाल की बड़ी खबरें: दीपम रायचूरा पर FIR, निगम में कमीशन पर घमासान, त्यौहारों से पहले मिलावटखोरों पर कार्रवाई

इमारत के निर्माण और बिक्री से बढ़ा विवाद
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2001 में नई दिल्ली की गंगा एंटरप्राइजेज के नरेंद्र कुमार मित्तल ने कथित पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर इस जमीन पर बड़ी इमारत का निर्माण कराया। बाद में इमारत के अलग-अलग हिस्से कई लोगों को बेच दिए गए। भोपाल में हरमहेंद्र सिंह बग्गा और संजय सिन्हा भी मित्तल के साथ साझेदार के तौर पर काम कर रहे थे। इमारत के हिस्से खरीदने वाले लोगों ने भी संपत्ति पर अपने-अपने अधिकार का दावा किया। कुछ खरीदारों को हाईकोर्ट से स्थगन आदेश भी मिले, जिससे विवाद लंबा खिंच गया। 

ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश विधानसभा होगी पेपरलेस! 28 अक्टूबर से विधायकों की डिजिटल क्लास, जानें क्या-क्या बदलेगा

फैसले से बेदखली मामले में राहत
जिला अदालत द्वारा बीडीए की बेदखली याचिका खारिज किए जाने से एजेएल को इस मामले में राहत मिली है। हालांकि, आदेश के विस्तृत कारणों और अन्य लंबित मामलों की स्थिति के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि फैसले का जमीन के आवंटन, मालिकाना हक और इमारत के खरीदारों के दावों पर क्या असर पड़ेगा। बेदखली याचिका खारिज होने को अपने आप जमीन के मालिकाना हक पर अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed