सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal News: Only ₹5,000 salary even after 20 years of service! Part-time employees express anger, gherao DPI

Bhopal News: 20 साल की सेवा के बाद भी सिर्फ 5,000 वेतन,अंशकालीन कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, DPI का किया घेराव

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 19 Jan 2026 05:18 PM IST
विज्ञापन
सार

15-20 साल से सेवा दे रहे अंशकालीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने सिर्फ 5,000 रुपये वेतन मिलने के विरोध में डीपीआई कार्यालय का घेराव किया। कर्मचारियों ने शोषण का आरोप लगाते हुए स्थायीकरण, न्यूनतम वेतन और समान काम के बदले समान वेतन की मांग की तथा मांगें नहीं मानी जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

Bhopal News: Only ₹5,000 salary even after 20 years of service! Part-time employees express anger, gherao DPI
अंशकालीन एवं अस्थायी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

स्कूल शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित स्कूलों, छात्रावासों और आश्रमों में वर्षों से कार्यरत अंशकालीन एवं अस्थायी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का सब्र आखिरकार टूट गया। 15 से 20 साल तक लगातार सेवा देने के बावजूद मात्र 5,000 रुपये मासिक वेतन मिलने से नाराज कर्मचारियों ने सोमवार को  डीपीआई कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
Trending Videos


प्रतिदिन 10-12 घंटे काम लिया जाता है
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने शासन और विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे प्रतिदिन 10-12 घंटे काम लिया जाता है, लेकिन बदले में न तो न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है और न ही किसी तरह की सामाजिक सुरक्षा। कर्मचारियों का कहना है कि नियमित कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें आज भी अंशकालीन और अस्थायी बताकर शोषण किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्थिति दिहाड़ी मजदूरों से भी बदतर
कर्मचारियों ने बताया कि कई साथी 15-20 वर्षों से स्कूलों और छात्रावासों में सेवाएं दे रहे हैं, फिर भी उनकी स्थिति दिहाड़ी मजदूरों से भी बदतर है। कई बार महीनों की देरी से वेतन मिलता है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर “न्यूनतम वेतन दो “स्थायी करो न्याय दो और “शोषण बंद करो जैसे नारे लगाए।

यह भी पढ़ें-मध्यप्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, ठंड से हल्की राहत,बादलों और कोहरे के बीच मावठे की संभावना

सुप्रीम कोर्ट का दिया हवाला
प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के सिविल अपील क्रमांक 8558/2018 (निर्णय 19 अगस्त 2025) का हवाला देते हुए कहा कि अदालत स्पष्ट कर चुकी है कि लंबे समय तक अस्थायी कर्मचारियों से नियमित काम लेना शोषण है और समान कार्य के लिए समान वेतन मिलना चाहिए। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर आदेशों की अनदेखी की जा रही है।

यह भी पढ़ें-आनंदपुर ट्रस्ट पर कांग्रेस के गंभीर आरोप, अहिरवार बोले- ट्रस्ट में हो रहा यौन शोषण और गो- तस्करी

आंदोलन को और तेज किया जाएगा
कर्मचारियों ने मांग की कि अंशकालीन एवं अस्थायी कर्मचारियों के लिए स्पष्ट सेवा शर्तें लागू की जाएं, 15-20 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को तत्काल स्थायी किया जाए और उन्हें न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा तथा शासकीय कर्मचारियों के समान वेतन-भत्ते दिए जाएं। डीपीआई कार्यालय घेराव के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed