फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal News: Traders to get relief from additional tax; move underway to abolish commercial license fees

Bhopal News: व्यापारियों को अतिरिक्त टैक्स से मिलेगी राहत, व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क खत्म करेने की तैयारी

Tue, 14 Jul 2026 07:04 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Tue, 14 Jul 2026 07:04 PM IST
सार

भोपाल के हजारों कारोबारियों को जल्द व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क से राहत मिल सकती है। प्रॉपर्टी टैक्स के साथ वसूले जा रहे इस अतिरिक्त शुल्क को समाप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। व्यापारियों का आरोप है कि प्रदेश में शुल्क की व्यवस्था स्थगित होने के बावजूद सिर्फ भोपाल में वसूली जारी है।

विज्ञापन
Bhopal News: Traders to get relief from additional tax; move underway to abolish commercial license fees
बीएमसी भोपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में कारोबार करने वाले व्यापारियों पर पिछले तीन साल से पड़ रहे अतिरिक्त टैक्स के बोझ को कम करने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स के साथ वसूले जाने वाले व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क को खत्म किया जा सकता है। इसे समाप्त करने के लिए निगम स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। व्यवस्था बदली तो शहर के हजारों छोटे-बड़े दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सीधी राहत मिलेगी। भोपाल में फिलहाल व्यावसायिक संपत्तियों से प्रॉपर्टी टैक्स के अलावा लाइसेंस शुल्क भी लिया जा रहा है। इसकी वसूली सड़क के आधार पर की जाती है। व्यापारी संगठनों का दावा है कि मध्य प्रदेश के दूसरे नगर निगमों में इस तरह शुल्क नहीं लिया जा रहा। इसी कारण भोपाल में लागू व्यवस्था को लेकर लंबे समय से विरोध हो रहा है।
विज्ञापन


2023 में प्रदेश में लगा शुल्क, चार दिन बाद हुआ था स्थगित
भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के मुताबिक नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 21 अप्रैल 2023 को प्रदेश में व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क लागू किया था। शुल्क की विसंगतियों और व्यापारियों के विरोध के बाद 25 अप्रैल 2023 को इसे स्थगित कर दिया गया।cव्यापारियों का आरोप है कि प्रदेश स्तर पर व्यवस्था स्थगित होने के बावजूद भोपाल में शुल्क की वसूली जारी रखी गई। इसी को लेकर कारोबारी संगठन लगातार सवाल उठा रहे हैं।
विज्ञापन


पूरे प्रदेश में राहत तो भोपाल में शुल्क क्यों?
व्यापारी संगठनों ने इस व्यवस्था को एक प्रदेश-दो कानून जैसी स्थिति बताया है। उनका कहना है कि जब इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के दूसरे शहरों में व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क की बाध्यता नहीं है तो भोपाल के कारोबारियों से इसकी वसूली क्यों की जा रही है। खास तौर पर सड़क के आधार पर शुल्क तय करने की व्यवस्था को लेकर आपत्ति है। व्यापारियों का कहना है कि दुकान या प्रतिष्ठान की वास्तविक कारोबारी स्थिति के बजाय सड़क के आधार पर शुल्क लगने से कई छोटे कारोबारियों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब खत्म करने की दिशा में बढ़ सकता है निगम
व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क की व्यवस्था को समाप्त करने की मांग पर अब नगर निगम स्तर पर सकारात्मक स्थिति बनती दिखाई दे रही है। इस शुल्क के औचित्य और प्रदेश के अन्य शहरों में लागू व्यवस्था की समीक्षा के बाद इसे खत्म करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि भोपाल में यह व्यवस्था तत्कालीन नगर निगम आयुक्त केवीएस चौधरी के कार्यकाल में लागू हुई थी। अब सवाल उठाया जा रहा है कि जब प्रदेश के दूसरे शहरों में ऐसी वसूली नहीं हो रही तो भोपाल में इसे जारी रखने का क्या औचित्य है।

यह भी पढ़ें-एमपी में मानसून की रफ्तार पर ब्रेक, पांच दिन से तेज वर्षा नहीं,सामान्य से नीचे पहुंचा आंकड़ा



चेंबर ने निगम आयुक्त के सामने रखे शासन के आदेश
भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने निगम आयुक्त संस्कृति जैन के सामने भी यह मुद्दा उठाया है। चेंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल और संचालक एवं कमेटी संयोजक अनिल चुग ने शुल्क से जुड़े शासन के आदेश और दस्तावेज निगम प्रशासन के सामने रखे। व्यापारियों ने मांग की कि प्रदेश के दूसरे शहरों की तरह भोपाल में भी व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क तत्काल स्थगित कर इसे समाप्त किया जाए। निगम प्रशासन ने संबंधित आदेशों और दस्तावेजों का परीक्षण कर निराकरण की दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिया है।

यह भी पढ़ें-खाली प्लॉट में पानी भरा तो कटेगा चालान: डेंगू का लार्वा मिला तो मौके पर जुर्माना,स्वास्थ्य विभाग-BMC का अभियान


शुल्क हटा तो हजारों कारोबारियों को मिलेगी सीधी राहत
व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क खत्म होने का सबसे बड़ा फायदा शहर के दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को होगा। उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स के साथ अतिरिक्त लाइसेंस शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा। अब निगाह इस बात पर है कि निगम इस शुल्क को खत्म करने की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी करता है। यदि व्यवस्था समाप्त होती है तो यह भोपाल के व्यापारी वर्ग के लिए लंबे समय बाद बड़ी टैक्स राहत होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed