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Bhopal News: महाकाल मंदिर में आरती पर शुल्क से बवाल,धार्मिक संगठनों का विरोध, प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 23 Feb 2026 06:51 PM IST
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सार

श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपये शुल्क लागू होने पर विवाद खड़ा हो गया है। धार्मिक संगठनों ने इस फैसले का विरोध करते हुए टिकट व्यवस्था समाप्त करने की मांग की है, जबकि मंदिर प्रशासन का कहना है कि बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।

Bhopal News: Uproar over Aarti fees at Mahakal Temple, protest by religious organizations, letter written to P
महाकाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या आरती और शयन आरती के लिए 250-250 रुपये प्रति श्रद्धालु शुल्क तय किए जाने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। धार्मिक संगठन इसे आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए फैसले पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि मंदिरों में दर्शन व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जहां सभी भक्त समान हों। उन्होंने मुगलकालीन जजिया कर का उल्लेख करते हुए कहा कि आस्था स्थलों पर शुल्क व्यवस्था ठीक संदेश नहीं देती। समिति ने इस संबंध में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर लागू टिकट प्रणाली समाप्त करने की मांग की है।
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शुल्क प्रथा और vip वेवस्था बंद करें
संस्कृति बचाओ मचं व  हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि मुगलों के शासन में जजिया कर और तीर्थंकर लिया जाता था आज भी अगर हमारे तीर्थ स्थलों पर इस प्रकार सायं आरती भस्म आरती और तीर्थ पर शुल्क लागू किया जाएगा तो सनातन धर्मियों की कहलाने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार के प्रति लोगों की आस्था कम होगी भगवान के प्रति भी लोगों की आस्था कम होगी। भगवान के दरबार में राजा और रंक दोनों बराबर होते हैं इसलिए यहां से वीआईपी कल्चर बंद होना चाहिए। चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हम इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन करेंगे कि वह पूरे भारतवर्ष में जितने भी सनातन धर्मियों के धर्मस्थल है वहां पर शुल्क प्रथा और vip वेवस्था बंद करें
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मंदिर प्रशासन का पक्ष
मंदिर प्रबंध समिति का कहना है कि आरती के समय बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऑनलाइन बुकिंग और शुल्क प्रणाली लागू की गई है। अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही आरती के लिए आरक्षण किया जा सकेगा। पहले से भस्म आरती के लिए 200 रुपये तथा शीघ्र दर्शन के लिए 250 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। प्रतिदिन सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को ऑनलाइन प्रवेश दिया जाता है।

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गर्भगृह प्रवेश अब भी बंद
गर्भगृह में प्रवेश, जिसे पहले निर्धारित शुल्क के साथ अनुमति थी, सावन 2023 में भीड़ के कारण रोका गया था। फिलहाल यह व्यवस्था आम श्रद्धालुओं के लिए फिर से शुरू नहीं हुई है। आरती शुल्क को लेकर मंदिर प्रशासन और धार्मिक संगठनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और चर्चा तेज होने की संभावना है।

 
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