MP Assembly Session: कांग्रेस विधायकों का भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर प्रदर्शन, इस मुद्दे पर पुनर्विचार की मांग
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे किसानों के हितों के लिए खतरा बताते हुए समझौते पर पुनर्विचार की मांग की।
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मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने इस समझौते को किसानों के लिए “खतरा” बताते हुए आरोप लगाया कि इससे कृषि मंडियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखौटे पहनकर नारेबाजी की और ट्रेड डील का विरोध जताया।
'किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं'
सिंघार ने पत्रकारों से कहा कि इस विरोध के माध्यम से कांग्रेस विधायक दल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि देश के अन्नदाताओं के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा के लिए उठाई गई मजबूत आवाज है।
'कांग्रेस किसानों के हितों की लड़ाई लड़ती रहेगी'
उन्होंने कहा कि यदि सस्ते विदेशी सोयाबीन, मक्का और कपास भारतीय बाजार में आए तो इसका सीधा और गंभीर प्रभाव किसानों, कृषि मंडियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियां लगातार किसान विरोधी रही हैं और कांग्रेस सड़कों से लेकर संसद तक किसानों के हितों की लड़ाई लड़ती रहेगी।
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जानें कांग्रेस ये मांग क्यों की?
कांग्रेस ने मांग की कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वाले प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाए।
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने इसी माह एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए एक ढांचे पर सहमति जताई थी, जिसके तहत वॉशिंगटन टैरिफ को 18 प्रतिशत तक घटाने पर सहमत हुआ था। बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दिया।
इसी बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को सभी देशों पर टैरिफ को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा की।

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